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ट्रंप को लिखे खत में जरदारी का प्रस्ताव, व्यापार से लेकर सुरक्षा तक व्यवस्थित बातचीत की पेशकशदुनिया
4 जुल॰ 2026, 9:18 pm (36 दिन पहले)· 1

ट्रंप को लिखे खत में जरदारी का प्रस्ताव, व्यापार से लेकर सुरक्षा तक व्यवस्थित बातचीत की पेशकश

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने डोनाल्ड ट्रंप को भेजे पत्र में ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, निवेश, रक्षा और आतंकवाद विरोध जैसे क्षेत्रों में संगठित बातचीत की अपील की और उन्हें इस्लामाबाद आने का न्योता दिया।

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने अमेरिका के साथ कई अहम क्षेत्रों में करीबी और सुनियोजित बातचीत की वकालत की है। उनके कार्यालय ने शनिवार को बताया कि जरदारी ने यह अपील राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भेजे एक पत्र में की। इस संदेश में ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, निवेश, रक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के तौर पर गिनाया गया।

राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक यह पत्र स्वतंत्रता की घोषणा की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर लिखा गया। जरदारी ने इस अवसर पर ट्रंप और अमेरिकी जनता को बधाई दी। उन्होंने पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्तों को लंबे समय से चला आ रहा बताया, जिनकी नींव साझा हितों और आपसी सम्मान पर टिकी है।

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संगठित बातचीत पर जोर

जरदारी ने कहा कि कई क्षेत्रों में व्यवस्थित संवाद के जरिए इन रिश्तों को आगे बढ़ाते रहना जरूरी है। बयान में ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और निवेश, रक्षा तथा आतंकवाद विरोध का जिक्र किया गया। इसमें उन दूसरे क्षेत्रों का भी उल्लेख हुआ जहां दोनों देशों के साझा हित हैं। जरदारी के मुताबिक यह तरीका शांति, सुरक्षा और समृद्धि को मजबूती देगा।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संपर्क बेहतर हो रहे हैं, नई बातचीत शुरू हुई है और ध्यान भविष्य के सहयोग पर है। जरदारी ने रिश्ते को ऊपर की ओर बढ़ता हुआ बताया। उन्होंने पाकिस्तानी-अमेरिकी समुदाय को रिश्ते मजबूत करने का श्रेय भी दिया और कहा कि यह समुदाय दोस्ती और आपसी समझ का एक स्थायी पुल है।

ईरान और पश्चिम एशिया पर टिप्पणी

जरदारी ने पिछले ढाई सौ साल में अमेरिकी जनता की उपलब्धियों की तारीफ की। उन्होंने ईरान के साथ बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका को लेकर पाकिस्तान पर अमेरिका के भरोसे का स्वागत किया। जरदारी ने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिरता बातचीत पर निर्भर करती है और किसी भी स्थायी समाधान के लिए संवाद, कूटनीति और तनाव कम करने की जरूरत है।

जरदारी ने ट्रंप को जल्द से जल्द इस्लामाबाद आने का न्योता भी दिया। बयान में दौरे की कोई तारीख नहीं दी गई और न ही आगे के कदमों का कोई ब्योरा जोड़ा गया। कार्यालय ने पत्र को सिर्फ वर्षगांठ से जुड़ा एक औपचारिक संदेश बताया।

शहबाज शरीफ ने भी दी बधाई

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस मौके पर ट्रंप और अमेरिकी नागरिकों को शुभकामनाएं भेजीं। शरीफ ने एक्स पर लिखा, "हमारे दोनों देश सात दशकों से भी ज्यादा पुरानी साझेदारी का आनंद लेते हैं, जिसे पाकिस्तानी-अमेरिकी समुदाय के अमूल्य योगदान ने और मजबूत किया है।" शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान सम्मानजनक और रचनात्मक बातचीत के जरिए रिश्तों को और गहरा करना चाहता है।

सवाल-जवाब

जरदारी ने ट्रंप को भेजे पत्र में क्या मांग की?
उन्होंने अमेरिका के साथ ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, निवेश, रक्षा और आतंकवाद विरोध जैसे क्षेत्रों में करीबी और संगठित बातचीत की अपील की।
यह पत्र किस मौके पर लिखा गया?
यह पत्र स्वतंत्रता की घोषणा की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर लिखा गया, जिसमें जरदारी ने ट्रंप और अमेरिकी जनता को बधाई दी।
क्या ट्रंप के इस्लामाबाद दौरे की कोई तारीख तय हुई है?
नहीं, जरदारी ने ट्रंप को जल्द इस्लामाबाद आने का न्योता जरूर दिया, लेकिन बयान में कोई तारीख नहीं दी गई।
ईरान को लेकर जरदारी ने क्या कहा?
उन्होंने ईरान के साथ बातचीत में पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका पर अमेरिका के भरोसे का स्वागत किया और कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिरता संवाद, कूटनीति और तनाव कम करने पर निर्भर है।
शहबाज शरीफ ने इस मौके पर क्या कहा?
शरीफ ने एक्स पर ट्रंप और अमेरिकी नागरिकों को बधाई दी और कहा कि दोनों देशों की साझेदारी सात दशकों से भी पुरानी है, जिसे पाकिस्तानी-अमेरिकी समुदाय ने मजबूत किया है।
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