प्रशांत महासागर के ऊपर एक बेहद अप्रत्याशित और भीषण मौसमी हलचल ने विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। मैक्सिको के तटीय हिस्से से कुछ दूरी पर सक्रिय चक्रवाती तूफान हरीकेन पोलो ने बहुत ही कम समय में विकराल रूप धारण कर लिया है। मंगलवार को यह तूफान सीधे उच्चतम स्तर यानी कैटेगरी 5 में तब्दील हो गया। इस दौरान तूफान के केंद्र में निरंतर चलने वाली हवाओं की अधिकतम रफ्तार लगभग 180 मील प्रति घंटे तक दर्ज की गई, जो करीब 290 किलोमीटर प्रति घंटे के बराबर बैठती है। इतनी भयावह गति के साथ यह तूफान इस समय दुनिया के सबसे विनाशकारी तूफानों की कतार में सबसे आगे खड़ा दिखाई दे रहा है।
चौंकाने वाली तेजी से बढ़ी पोलो की प्रचंड शक्ति
मौसम विज्ञानियों के लिए इस चक्रवात का सबसे हैरान करने वाला पहलू केवल इसकी अंतिम रफ्तार नहीं, बल्कि इसके ताकतवर होने की अभूतपूर्व गति है। सोमवार के दिन तक यह मौसमी तंत्र अपेक्षाकृत शांत नजर आ रहा था और इसकी हवाएं महज 50 मील प्रति घंटे के आसपास रिकॉर्ड की जा रही थीं। लेकिन अगले 24 घंटों के भीतर ही माहौल पूरी तरह बदल गया और इसकी गति में लगभग 110 मील प्रति घंटे का जबरदस्त उछाल देखा गया। इस प्रकार मंगलवार की सुबह होते-होते यह एक साधारण तूफान से सीधे कैटेगरी 5 हरीकेन का दर्जा हासिल कर चुका था।
मौसम विज्ञान के स्थापित मानकों के मुताबिक, यदि किसी तूफान की हवाओं में 24 घंटे के भीतर कम से कम 58 मील प्रति घंटे की वृद्धि होती है, तो उसे अत्यंत तीव्र सुदृढ़ीकरण यानी एक्सट्रीम रैपिड इंटेंसिफिकेशन की श्रेणी में रखा जाता है। हरीकेन पोलो ने इस निर्धारित तकनीकी सीमा को लगभग दोगुने अंतर से पीछे छोड़ दिया है। अमेरिका के नेशनल हरीकेन सेंटर ने इस मौसमी बदलाव को बेहद असामान्य और असाधारण घटना करार दिया है। पूर्वी प्रशांत बेसिन के इतिहास में इतनी तीव्र गति से अपनी शक्ति बढ़ाने वाले मौसमी तंत्रों में अब पोलो का नाम प्रमुखता से जुड़ चुका है।
दुनिया के सबसे शक्तिशाली चक्रवातों में हुआ शामिल
मंगलवार दोपहर तक 290 किलोमीटर प्रति घंटे की गति छूने के बाद पोलो इस वर्ष के सबसे ताकतवर तूफान के रूप में स्थापित हो गया। उस विशिष्ट समय पर हवाओं की इस तीव्रता ने पोलो को पश्चिमी प्रशांत महासागर में सक्रिय रहे दो सुपर टाइफून के समकक्ष ला खड़ा किया। इस अकल्पनीय शक्ति के पीछे समुद्र की सतह का अत्यधिक गर्म तापमान और वातावरण में मौजूद अनुकूल मौसमी दशाएं मुख्य वजह बनकर उभरी हैं। इन संयुक्त कारकों ने तूफान को बहुत कम समय में ऊर्जा का भारी भंडार सोखने का मौका दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब कोई चक्रवात 50 मील प्रति घंटे से सीधे 160 मील प्रति घंटे की सीमा को महज 24 घंटों में पार कर जाए, तो उसके आगे के व्यवहार का सटीक अनुमान लगाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। वर्तमान में वैज्ञानिक लगातार इस बात का अध्ययन कर रहे हैं कि यह विशालकाय चक्रवात समुद्र के भीतर जमीनी तटरेखा से कितनी दूरी बनाकर रखेगा और आगे इसके मार्ग में हवाओं के दबाव में क्या उतार-चढ़ाव आते हैं।
मैक्सिको के दक्षिण-पश्चिमी तट पर भारी तबाही की आशंका
राहत की एकमात्र बात यह है कि पोलो की सबसे विध्वंसक मुख्य हवाओं के सीधे मैक्सिको की मुख्य भूमि से टकराने की संभावना नहीं जताई गई है। वर्तमान मौसमी अनुमान के अनुसार यह तूफान मैक्सिको के तट के समानांतर उत्तर-पश्चिम दिशा में समुद्र के ऊपर ही आगे की तरफ बढ़ेगा। हालांकि, समुद्र में रहने के बावजूद तटीय बस्तियां इसके भारी खतरे से पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। मैक्सिको के दक्षिण-पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में आधिकारिक तौर पर ट्रॉपिकल स्टॉर्म अलर्ट लागू कर दिया गया है।
बुधवार के दिन से ही प्रभावित तटीय इलाकों में तेज झोंकेदार हवाओं के साथ भारी मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू होने के पूरे आसार हैं। खास तौर पर गुएरेरो और मिशोएकन क्षेत्रों में गुरुवार तक 3 से 6 इंच तक वर्षा होने का पूर्वानुमान है, जबकि कुछ संवेदनशील स्थानों पर पानी का जमाव 8 इंच तक पहुंच सकता है। इतनी भारी मात्रा में अचानक गिरने वाला पानी तटीय इलाकों में अचानक बाढ़ और पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन की गंभीर आपदाएं खड़ी कर सकता है।
तटीय प्रांतों के लिए मौसम विभाग की सख्त चेतावनी
इसके अतिरिक्त ओआक्साका, कोलिमा और जालिस्को प्रांतों में भी 2 से 4 इंच तक बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। समुद्र के किनारे बसे नागरिकों को तेज थपेड़ों वाली हवाओं और तूफानी लहरों का सीधा सामना करना पड़ेगा। हालांकि पोलो का सीधा विनाशकारी प्रभाव किसी अन्य देश की जमीनी सीमाओं पर पड़ने की कोई उम्मीद नहीं है। इसका समूचा मौसमी खतरा मैक्सिको के नजदीकी समुद्री क्षेत्रों और उसके समुद्री तटों तक ही सीमित रहने का अनुमान है।
इतिहास के भयानक तूफानों से की जा रही तुलना
हरीकेन पोलो की इस हैरतअंगेज गति की तुलना पूर्वी प्रशांत महासागर में आए कुछ पुराने ऐतिहासिक तूफानों से की जा रही है। साल 2015 में आए हरीकेन पैट्रिसिया ने 24 घंटे के भीतर हवाओं की रफ्तार में लगभग 120 मील प्रति घंटे की वृद्धि दर्ज कराकर इस पूरे इलाके का सर्वकालिक रिकॉर्ड बनाया था। इसी प्रकार साल 2023 में हरीकेन ओटिस ने भी दुनिया को चौंका दिया था, जब मैक्सिको के अकापुल्को शहर के तट पर आने से पहले महज 21 घंटे में उसकी हवाओं की रफ्तार में 105 मील प्रति घंटे का उछाल आया था। पोलो द्वारा एक दिन में हासिल की गई 110 मील प्रति घंटे की तीव्र बढ़ोतरी उसी खौफनाक सिलसिले की एक ताजा कड़ी साबित हो रही है।























