आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इस वक्त दुनिया की सबसे तेज रफ्तार से आगे बढ़ने वाली तकनीकों में गिनी जाती है, और इसकी कमान संभालने वाले चेहरों में एक बड़ा हिस्सा भारत से जुड़ा है। हैरान करने वाली बात यह है कि जिन कंपनियों के नाम पर पूरी टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री टिकी है, उनमें AI से जुड़े सबसे बड़े फैसले अक्सर भारतीय मूल के लोगों के हाथ में हैं। Google, Microsoft, Meta, Apple और Amazon जैसी कंपनियों में ये प्रोफेशनल्स यह तय कर रहे हैं कि आने वाले सालों में मशीनें कितनी समझदार बनेंगी।
भारतीय प्रतिभा का बढ़ता दबदबा
बीते कुछ वर्षों में यह तस्वीर साफ हो चुकी है कि सिलिकॉन वैली से लेकर एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर तक, AI का भविष्य गढ़ने वाली टीमों का नेतृत्व कई जगह भारतीय कर रहे हैं। नीचे ऐसे ही छह नामों पर नजर डालिए, जिनके पीछे हट जाने भर से कई दिग्गज कंपनियों का AI विभाग ठहर सकता है।
अरविंद श्रीनिवास, Perplexity AI
Perplexity AI के को-फाउंडर और सीईओ अरविंद श्रीनिवास ने अपनी पढ़ाई Indian Institute of Technology Madras से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में की। इसके बाद उन्होंने University of California, Berkeley से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी हासिल की। उनकी कंपनी आज AI आधारित सर्च और जानकारी देने वाले प्लेटफॉर्म के तौर पर अपनी अलग पहचान बना चुकी है।
अरविंद कृष्णा, IBM
IBM के सीईओ अरविंद कृष्णा भी भारतीय मूल के हैं और साल 2021 में उन्होंने कंपनी के चेयरमैन की जिम्मेदारी भी अपने कंधों पर ले ली थी। उनके नेतृत्व में IBM ने एंटरप्राइज AI को अपना खास फोकस बनाया। कंपनी का ‘watsonx’ प्लेटफॉर्म कारोबारों को सुरक्षित, भरोसेमंद और स्केलेबल AI समाधान अपनाने में मदद करता है, जिससे तरह-तरह के उद्योगों में डिजिटल बदलाव की रफ्तार तेज हो रही है। अरविंद कृष्णा ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई Indian Institute of Technology Kanpur से की और बाद में University of Illinois Urbana-Champaign से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी पूरी की।
सुंदर पिचाई, Google और Alphabet
भारत में जन्मे सुंदर पिचाई दुनिया की सबसे चर्चित टेक कंपनियों में शामिल Google और उसकी पैरेंट कंपनी Alphabet, दोनों के सीईओ हैं। अपनी तकनीकी समझ और नेतृत्व क्षमता के दम पर उन्होंने कंपनी को नई बुलंदियों तक पहुंचाया है। पिचाई के दौर में AI को कंपनी की पूरी रणनीति का हिस्सा बना दिया गया और कई बड़े AI प्रोजेक्ट आगे बढ़े। उन्होंने Google DeepMind की क्षमता मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई और Gemini जैसे एडवांस AI मॉडल को विकसित कर लॉन्च करने की दिशा में काम किया।
रोहित प्रसाद, Amazon
भारतीय मूल के जाने-माने AI एक्सपर्ट रोहित प्रसाद ने झारखंड के BIT Mesra से इंजीनियरिंग की है। Amazon में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और हेड साइंटिस्ट (AGI) के पद पर रहते हुए उन्होंने कंपनी की AI रणनीति को आगे बढ़ाने में बड़ा योगदान दिया है। उनकी अगुवाई में Amazon ने हाई जनरेटिव AI तकनीकों और बड़े भाषा मॉडल (LLMs) के विकास पर खास जोर दिया। टाइटन जैसे फाउंडेशन मॉडल और दूसरी कई AI पहलों को ताकत देने में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है।
अमर सुब्रमण्य, Apple
अमर सुब्रमण्य भी भारतीय मूल के हैं और Google, Microsoft तथा अब Apple जैसी दिग्गज कंपनियों में बड़ी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। Apple में वाइस प्रेसिडेंट (AI) के रूप में वे कंपनी की AI रणनीति को नई दिशा दे रहे हैं। उनके जिम्मे Apple के फाउंडेशन मॉडल, मशीन लर्निंग रिसर्च और AI सुरक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट हैं। इसके साथ ही वे Siri और दूसरे AI आधारित फीचर्स को ज्यादा स्मार्ट, उपयोगी और आधुनिक बनाने का नेतृत्व कर रहे हैं।
विशाल शाह, Meta
विशाल शाह Meta में वाइस प्रेसिडेंट, AI प्रोडक्ट्स के पद पर तैनात हैं और कंपनी की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रणनीति को आगे ले जाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में Meta लगातार अलग-अलग AI प्रोडक्ट और तकनीकें तैयार कर रहा है।













