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डेटा सेंटर के बढ़ते विरोध के बीच अमेज़न वेब सर्विसेज ने सरकारी एजेंसियों के साथ गोपनीयता समझौते खत्म करने का फैसला कियाएआई
4 अक्तू॰ 2026, 12:28 am (13 दिन पहले)· 5

डेटा सेंटर के बढ़ते विरोध के बीच अमेज़न वेब सर्विसेज ने सरकारी एजेंसियों के साथ गोपनीयता समझौते खत्म करने का फैसला किया

डेटा सेंटरों के खिलाफ बढ़ते जनआक्रोश और प्रतिबंधों की मांग के बीच अमेज़न वेब सर्विसेज ने सरकारी एजेंसियों के साथ गैर-प्रकटीकरण समझौते बंद करने का ऐलान किया है। कंपनी ने पानी की खपत, बिजली की कीमतों और प्रदूषण से जुड़े आरोपों पर भी अपनी सफाई पेश की है।

क्लाउड कंप्यूटिंग क्षेत्र की प्रमुख टेक दिग्गज अमेज़न वेब सर्विसेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मैट गारमन ने घोषणा की है कि कंपनी नए डेटा सेंटर परियोजनाओं की मंजूरी हासिल करने के दौरान अब सरकारी एजेंसियों के साथ गैर-प्रकटीकरण समझौतों यानी एनडीए का उपयोग नहीं कर रही है। यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है जब पूरे अमेरिका में बड़े डेटा सेंटरों की स्थापना को लेकर स्थानीय समुदायों, पर्यावरणविदों और नियामकों की ओर से भारी विरोध देखने को मिल रहा है। मैट गारमन ने एक विस्तृत आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से इन चिंताओं पर अपना पक्ष रखा और यह साबित करने का प्रयास किया कि आधुनिक डेटा सेंटर वास्तव में स्थानीय बस्तियों और समाज के लिए लाभकारी साबित होते हैं।

गोपनीयता के समझौतों और स्थानीय विरोध की पृष्ठभूमि

डेटा सेंटर निर्माण के खिलाफ पनप रहे जनआक्रोश में गैर-प्रकटीकरण समझौते सबसे बड़ा विवादित बिंदु रहे हैं। पर्यावरण कार्यकर्ता एरिन ब्रोकोविच ने हाल ही में स्पष्ट किया था कि डेटा सेंटर परियोजनाओं के संबंध में सबसे प्रमुख शिकायत पारदर्शिता की गंभीर कमी है। इन परियोजनाओं में अक्सर एक तय ढर्रा दिखाई देता है, जहां संबंधित डेवलपर्स फोन कॉल्स का जवाब नहीं देते और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी पड़ोसियों तथा आम जनता को भनक लगने से पहले ही कंपनियों के साथ एनडीए पर हस्ताक्षर कर देते हैं, जिससे प्रोजेक्ट का ऐलान सारी अनुमतियां मिलने के बाद ही सार्वजनिक हो पाता है।

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इसी असंतोष का सीधा प्रभाव नियामकीय फैसलों पर भी पड़ा है। न्यूयॉर्क राज्य ने बड़े डेटा सेंटरों को मिलने वाले नए परमिट्स पर एक साल का पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। मैट गारमन के अनुसार, इस समय पूरे संयुक्त राज्य अमेरिका में 100 से अधिक डेटा सेंटर स्थगन प्रस्तावों यानी मोराटोरियम पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। गारमन ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की सख्त पाबंदियां लागू की जाती हैं, तो अमेरिका तकनीकी नेतृत्व की वैश्विक दौड़ में पिछड़ सकता है और इसके प्रतिकूल परिणाम कई पीढ़ियों तक भुगतने पड़ सकते हैं। उनका तर्क है कि एक देश के रूप में अमेरिका ऐसे नुकसानदेह हालात में खड़ा होना कतई बर्दाश्त नहीं कर सकता।

संसाधनों की खपत और बिजली की दरों पर कंपनी का रुख

विरोध को शांत करने के लिए मैट गारमन ने डेटा सेंटरों से जुड़ी उन चार मुख्य धारणाओं को खारिज करने की कोशिश की, जिन्हें वे भ्रम मानते हैं। इनमें जरूरत से ज्यादा पानी की खपत, आम उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में इजाफा, अत्यधिक प्रदूषण फैलाना और स्थानीय समुदायों को कोई प्रत्यक्ष लाभ न देना शामिल हैं। पानी की खपत के विषय पर अमेज़न की जल उपयोग रिपोर्ट का हवाला देते हुए गारमन ने बताया कि अमेरिका के कुल औद्योगिक जल उपयोग में डेटा सेंटरों की सीधी खपत की हिस्सेदारी मात्र 0.5 प्रतिशत है, जो गोल्फ कोर्स और बादाम की खेती जैसे कई अन्य उद्योगों की तुलना में कई गुना कम है।

उधर एनवीडिया ने भी हाल ही में कहा था कि वह डेटा सेंटर के भीतर पानी के इस्तेमाल को लगभग पूरी तरह खत्म करने की दिशा में बढ़ रही है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अमेज़न और एनवीडिया दोनों के ये दावे उस व्यापक जल उपयोग को पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं जो बिजली उत्पादन और माइक्रोचिप निर्माण के दौरान खर्च होता है। वैज्ञानिकों ने इस बात पर विशेष बल दिया है कि डेटा सेंटरों की जल और ऊर्जा खपत का निष्पक्ष और स्वतंत्र अध्ययन आवश्यक है, क्योंकि टेक कंपनियों के लिए इस डेटा को सार्वजनिक करने का कोई केंद्रीय या राज्यस्तरीय कानूनी नियम मौजूद नहीं है।

बिजली के बिलों में वृद्धि के मुद्दे पर गारमन ने तर्क दिया कि ऊर्जा दरें केवल कुछ ऐसे राज्यों में बढ़ी हैं जहां बहुत अधिक संख्या में डेटा सेंटर स्थित हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में दरें घटी हैं या बेहद धीमी गति से बढ़ी हैं। उनके मुताबिक जहां भी दरें ऊपर गई हैं, उसका प्राथमिक कारण पुराना पावर ग्रिड है, जिसमें मांग बढ़ने से पहले जरूरी निवेश और विस्तार नहीं किया गया था। इसके विपरीत, एक स्वतंत्र निगरानी संस्था ने हाल ही में खुलासा किया था कि अमेरिका के सबसे बड़े पावर ग्रिड पर बिजली की कीमतों में साल-दर-साल दर्ज की गई 76 प्रतिशत की भारी उछाल के लिए डेटा सेंटर ही मुख्य रूप से जिम्मेदार थे।

प्रदूषण की चिंताएं और जनविश्वास का गहराता संकट

पर्यावरण और प्रदूषण का पहलू भी इस विरोध का एक अहम केंद्र बना हुआ है। उदाहरण के लिए एनएएसीपी इस समय एलन मस्क की स्पेसएक्स और एक्सएआई के खिलाफ डेटा सेंटर जनरेटरों से होने वाले प्रदूषण को लेकर कानूनी मुकदमा लड़ रही है। इस पर गारमन ने शिकायत की कि आलोचक केवल परमिट के तहत अनुमत अधिकतम प्रदूषण स्तर पर ही ध्यान केंद्रित करते हैं। उदाहरण के तौर पर टेक्सास में प्रस्तावित अमेज़न के एक डेटा सेंटर को प्रति वर्ष 33 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित करने की अनुमति मिली हुई है, जो अमेरिका के किसी भी एकल बिजली संयंत्र की तुलना में कहीं अधिक है।

इस आंकड़े का बचाव करते हुए गारमन ने स्पष्ट किया कि डेटा सेंटर के आपातकालीन बैकअप जनरेटर लगभग कभी नहीं चलाए जाते। वे 99.9 प्रतिशत समय पूरी तरह बंद रहते हैं और साल भर में बमुश्किल 10 घंटे ही चलते हैं, जिसका उपयोग भी अनिवार्य रख-रखाव और तकनीकी परीक्षण तक सीमित होता है। स्थानीय समुदाय को मिलने वाले फायदों के संदर्भ में उन्होंने दोहराया कि अमेज़न ने सरकारी विभागों के साथ एनडीए का रास्ता पूरी तरह छोड़ दिया है और बीते तीन वर्षों के भीतर अमेरिका के उन इलाकों में 1 अरब डॉलर से अधिक का योगदान दिया है जहां कंपनी के डेटा सेंटर मौजूद हैं।

इसके बावजूद यह सवाल कायम है कि क्या ये कदम जनता का भरोसा बहाल करने के लिए पर्याप्त होंगे। एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डारियो अमोदेई ने हाल ही में विचार व्यक्त किया था कि एआई के खिलाफ मौजूदा जनविरोध मूलतः विश्वास का संकट है, जहां आम लोग यह मान बैठते हैं कि टेक कंपनियां और सरकारें हमेशा उनका नुकसान करने के नए तरीके खोज रही हैं। लेखिका जैस्मीन सन ने भी रेखांकित किया है कि जब डेटा सेंटर विरोधियों के सामने तकनीकी कंपनियों के ये सभी तर्क रखे जाते हैं, तो उनका सीधा और सपाट जवाब यही होता है कि वे इन दलीलों पर भरोसा नहीं करते।

सवाल-जवाब

अमेज़न वेब सर्विसेज ने सरकारी एजेंसियों के साथ एनडीए का उपयोग क्यों बंद किया?
डेटा सेंटरों के खिलाफ बढ़ रहे जनविरोध और पारदर्शिता की कमी के आरोपों के बाद कंपनी ने सरकारी निकायों के साथ गोपनीयता समझौते समाप्त करने का फैसला किया।
डेटा सेंटर के विरोध के कारण अमेरिका में क्या नियामकीय कदम उठाए गए हैं?
न्यूयॉर्क राज्य ने बड़े डेटा सेंटरों पर एक साल का प्रतिबंध लगाया है और अमेरिका भर में 100 से अधिक डेटा सेंटर मोराटोरियम पर विचार किया जा रहा है।
अमेज़न के अनुसार डेटा सेंटर कितना पानी खर्च करते हैं?
अमेज़न की रिपोर्ट के अनुसार सीधी डेटा सेंटर जल खपत अमेरिका के कुल औद्योगिक जल उपयोग का केवल 0.5 प्रतिशत है।
पावर ग्रिड पर डेटा सेंटरों के प्रभाव को लेकर क्या विवाद है?
एक स्वतंत्र वॉचडॉग ने अमेरिका के सबसे बड़े ग्रिड पर 76 प्रतिशत मूल्य वृद्धि के लिए डेटा सेंटरों को जिम्मेदार ठहराया, जबकि अमेज़न का कहना है कि बुनियादी ढांचे में निवेश की कमी मुख्य कारण है।
टेक्सास में अमेज़न के डेटा सेंटर से कितना प्रदूषण उत्सर्जित होने की अनुमति है?
टेक्सास स्थित प्रस्तावित डेटा सेंटर को सालाना 33 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित करने की अनुमति मिली है, हालांकि कंपनी का दावा है कि जनरेटर 99.9 प्रतिशत समय बंद रहते हैं।
बीते तीन वर्षों में अमेज़न ने डेटा सेंटर वाले समुदायों को कितनी वित्तीय सहायता दी है?
कंपनी के अनुसार उसने पिछले तीन वर्षों में अमेरिकी स्थानीय समुदायों को 1 अरब डॉलर से अधिक की सहायता राशि प्रदान की है।
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टिप्पणियाँ 5

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·12 दिन पहले

जनता का दबाव काम आ रहा है। जब तक चीजें पारदर्शी नहीं होंगी, ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स का विरोध होना लाजिमी है।

Rohan Gupta@rohan-gupta·12 दिन पहले

पारदर्शिता की बात तो ठीक है, पर क्या एनडीए खत्म होने के बाद अब स्थानीय लोगों का विरोध वाकई कम होगा या प्रोजेक्ट्स में कानूनी पेचीदगियां और बढ़ जाएंगी?

Nyra Kaif@nyra-kaif·12 दिन पहले

रोहन, बात तो सही है तुम्हारी। जब मैं पिछले साल अपने होमटाउन गई थी, तब वहां भी एक बड़े प्लांट को लेकर ऐसी ही हड़बड़ी मची थी, लोग सिर्फ इसलिए भड़क रहे थे क्योंकि उन्हें कुछ बताया ही नहीं गया था।

Amit Patel@amit-patel·12 दिन पहले

पारदर्शिता की कमी की वजह से ही एनडीए पर इतना विवाद बढ़ा था। अमेज़न का यह कदम सही है, वरना लोकल कम्युनिटी का गुस्सा और भड़क जाता।

Ravikash Gupta@ravikash·12 दिन पहले

अमित भाई, एरिन ब्रोकोвич का नाम आते ही समझ आ गया कि मामला क्यों इतना बिगड़ा था। पारदर्शिता बिना जनता नहीं मानेगी।

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