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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का नाम बदलने की तैयारी में डोनाल्ड ट्रंप, नई एआई फोर्स और ज़ार की करेंगे घोषणाएआई
20 सित॰ 2026, 6:48 pm (38 दिन पहले)· 1

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का नाम बदलने की तैयारी में डोनाल्ड ट्रंप, नई एआई फोर्स और ज़ार की करेंगे घोषणा

डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को नया नाम देने के लिए सोशल मीडिया पर राय मांगी है। इसके साथ ही उन्होंने स्पेस फोर्स की तर्ज पर एक नई एआई फोर्स बनाने और नए एआई ज़ार की नियुक्ति का ऐलान किया है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सुरक्षा और निगरानी को लेकर चल रही वैश्विक बहस के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरी कवायद को राजनीतिक विरोधियों का गढ़ा हुआ हथकंडा करार दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस आधुनिक तकनीक को लेकर जताई जा रही चिंताएं केवल इसे रोकने और नुकसान पहुंचाने की सोची-समझी साजिश हैं। शनिवार को अपने विचार साझा करते हुए उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस उद्योग को किसी भी तरह से कमजोर नहीं होने दिया जाएगा और वह खुद इसके विकास की पूरी निगरानी करेंगे।

तकनीक के लिए तीन नए नामों पर जनता से राय

शनिवार को ट्रुथ सोशल पर अपने विचार रखते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि कई लोगों का मानना है कि 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' शब्द तकनीक की वास्तविक क्षमता को ठीक से व्यक्त नहीं करता और सुनने में भी बहुत प्रभावशाली नहीं लगता। इसी संदर्भ में उन्होंने अपने फॉलोअर्स के सामने एक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया, जिसमें तकनीक के नए नाम के लिए विकल्प दिए गए हैं। इनमें सुपीरियर इंटेलिजेंस, एक्सट्रीम इंटेलिजेंस और सुप्रीम इंटेलिजेंस जैसे नाम शामिल किए गए हैं, जिन पर वोटिंग शुरू की गई।

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सुरक्षा संबंधी आपत्तियों को बताया विरोधी दलों का हथकंडा

कुछ ही समय बाद एक अन्य संदेश में डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में आरोप लगाया कि इस क्षेत्र को खत्म या बर्बाद करने की कोशिशें राजनीतिक विरोधियों के कई पुराने अभियानों की तरह ही एक धोखा हैं। उन्होंने इसकी तुलना अतीत के कई राजनीतिक विवादों से की और दावा किया कि यह अभियान पहले डेटा सेंटरों के विरोध से शुरू हुआ था। उनका तर्क था कि विरोधियों ने पहले डेटा केंद्रों को निशाना बनाया, लेकिन जब स्थानीय समुदायों को इनसे मिलने वाले आर्थिक लाभ और समृद्धि का एहसास हुआ, तो यह हमला विफल हो गया। इसके बाद आलोचकों ने सीधे तकनीक की बुनियाद पर ही सवाल उठाने शुरू कर दिए।

डेटा केंद्रों पर नियंत्रण और राजनीतिक रुख

हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने इन दावों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य नहीं रखे कि जनता की शंकाएं बनावटी हैं, लेकिन देश के भीतर डेटा केंद्रों को लेकर दोनों प्रमुख राजनीतिक दल कई स्तरों पर सवाल उठाते रहे हैं। इसी क्रम में न्यूयॉर्क हाल ही में बड़े डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स की अनुमतियों पर रोक लगाने वाला पहला राज्य बना है। पिछले सप्ताहांत एक गोल्फ टूर्नामेंट के दौरान भी उन्होंने कहा था कि वह सुरक्षा नियमों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि कई नकारात्मक ताकतें इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से तूल दे रही हैं।

स्पेस फोर्स की तरह नई एआई फोर्स और ज़ार की योजना

डोनाल्ड ट्रंप ने भरोसा दिलाया कि वह इस तकनीक के क्षेत्र की रक्षा करेंगे, उसकी वृद्धि में हर संभव सहायता देंगे और उसके विस्तार पर नजर रखेंगे। इसी योजना के तहत उन्होंने घोषणा की कि वह अपने पहले कार्यकाल में गठित स्पेस फोर्स की तरह एक नई एआई फोर्स का गठन करने जा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बहुत जल्द एक नए एआई ज़ार के नाम की घोषणा की जाएगी, जिसके लिए केवल बेहद उच्च बौद्धिक क्षमता वाले लोगों के आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। हालांकि, इस फोर्स और ज़ार की आधिकारिक जिम्मेदारियों और उनके कार्यक्षेत्र का ब्योरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। इससे पहले वेंचर कैपिटलिस्ट डेविड सैक्स ने इस पद से इस्तीफा देकर विज्ञान और प्रौद्योगिकी सलाहकार परिषद का सह-अध्यक्ष पद संभाला था।

उद्योग जगत के भीतर उठती चिंताएं और गति बनाए रखने का संकल्प

सुरक्षा को लेकर यह पूरी बहस उस वक्त और तेज हुई जब एक प्रमुख शोधकर्ता ने एन्थ्रोपिक कंपनी से इस्तीफा दे दिया। उस शोधकर्ता का मानना था कि बड़ी तकनीकी कंपनियां एक ऐसा जोखिम उठा रही हैं जो मानवता के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसके तुरंत बाद एन्थ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेरियो अमोदेई ने तकनीक की गति को संतुलित करने की योजना पेश की, जिसे ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन और स्पेसएक्स के एलन मस्क का भी समर्थन मिलता दिखा। वहीं दूसरी ओर आलोचकों का मानना है कि भविष्य के खतरों का डर दिखाकर तात्कालिक समस्याओं से ध्यान भटकाया जा रहा है। इसी बीच ऑल-इन समिट में एनवीडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेन्सेन हुआंग ने मंच पर डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की और इस बात पर सहमति जताई कि इस विकास की गति को कतई धीमा नहीं होने दिया जाएगा।

सवाल-जवाब

डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए किन नए नामों का सुझाव दिया है?
उन्होंने सुपीरियर इंटेलिजेंस, एक्सट्रीम इंटेलिजेंस और सुप्रीम इंटेलिजेंस जैसे नामों पर राय जानने के लिए पोल आयोजित किया है।
ट्रंप प्रशासन में एआई फोर्स की क्या भूमिका होगी?
ट्रंप ने स्पेस फोर्स की तर्ज पर एआई फोर्स बनाने और नए एआई ज़ार की नियुक्ति का ऐलान किया है, हालांकि इसके विस्तृत कार्यों की घोषणा होना बाकी है।
डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स पर किस राज्य ने रोक लगाई है?
न्यूयॉर्क राज्य ने बड़े पैमाने के नए डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स की अनुमतियों को रोकने का फैसला किया है।
एनवीडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेन्सेन हुआंग का इस मुद्दे पर क्या रुख है?
जेन्सेन हुआंग ने डोनाल्ड ट्रंप के रुख का समर्थन करते हुए कहा है कि तकनीक की गति को धीमा नहीं होने दिया जाएगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Vikram Yadav@vikram-yadav·37 दिन पहले

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' का नाम बदलकर 'सुपीरियर', 'एक्सट्रीम' या 'सुप्रीम' करने की कोशिश और 'एआई फोर्स' के गठन का यह प्रस्ताव तकनीकी नियंत्रण की वैश्विक राजनीति में एक नया मोड़ है। यद्यपि यह कदम अमेरिका को तकनीकी दौड़ में सबसे आगे रखने के उनके इरादे को दर्शाता है, लेकिन बुनियादी ढांचे के विरोध और न्यॉर्क जैसे राज्यों में डेटा केंद्रों पर लग रही रोक यह संकेत देती है कि नीतिगत स्तर पर इसका विरोध तेज होने वाला है। आने वाले समय में यह सिर्फ तकनीकी विकास नहीं, बल्कि केंद्र और राज्यों के बीच एक बड़ा प्रशासनिक टकराव बन सकता है, जिसका असर वैश्विक तकनीकी नीतियों पर भी पड़ना तय है।

Amit Patel@amit-patel·37 दिन पहले

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' का नाम बदलकर 'सुपीरियर', 'एक्सट्रीम' या 'सुप्रीम इंटेलिजेंस' करने का प्रस्ताव और 'एआई फोर्स' व 'ज़ार' की घोषणा तकनीक को राष्ट्रीय सुरक्षा और भू-राजनीतिक वर्चस्व के केंद्र में रखती है। यदि डेटा केंद्रों और बुनियादी ढांचे पर नियामक सख्तियां बढ़ती हैं, तो अमेरिकी टेक कंपनियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अनिश्चितता का सामना करना पड़ सकता है, जिससे निवेशकों की भावनाएं और आपूर्ति श्रृंखलाएं सीधे प्रभावित होंगी।

Kavya Nair@kavya-nair·37 दिन पहले

ट्रंप की यह नीति और 'एआई फोर्स' का विचार भविष्य की वैश्विक यात्रा और पर्यटन के बुनियादी ढांचे पर भी गहरा असर डालेगा। स्मार्ट टूरिज्म, डिजिटल हॉस्पिटैलिटी और वैश्विक आवाजाही को सुगम बनाने वाली एआई तकनीक यदि अमेरिकी नीतियों और भू-राजनीतिक नियंत्रण के दायरे में सिमटती है, तो अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और टेक-संचालित पर्यटन स्टार्टअप्स के लिए वैश्विक स्तर पर नए और जटिल नियम तय हो सकते हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·37 दिन पहले

डोनाल्ड ट्रंप का एआई का नाम बदलने और 'एआई फोर्स' व 'ज़ार' बनाने का यह प्रस्ताव केवल भाषाई या प्रशासनिक बदलाव नहीं है, बल्कि यह वैश्विक तकनीकी बाज़ार और डिजिटल एसेट्स के भविष्य पर सीधा प्रभाव डालेगा। वित्तीय बाज़ारों और निवेशकों के दृष्टिकोण से, यदि इस तरह के नए सरकारी ढांचे और भारी नियम लागू होते हैं, तो यह अमेरिकी कॉर्पोरेट जगत, डेटा सेंटर के बुनियादी ढांचे और स्टार्टअप्स की फंडिंग और वैल्यूएशन को गहराई से प्रभावित कर सकता है। निवेशकों को अब इस बात पर बारीक नजर रखनी होगी कि यह नीतिगत बदलाव तकनीक की रफ्तार को गति देता है या इसे नए नियामक संकटों में धकेलता है।

Rohan Gupta@rohan-gupta·37 दिन पहले

डोनाल्ड ट्रंप का यह कदम तकनीकी शब्दावली को बदलने से कहीं आगे जाकर अमेरिका की भू-राजनीतिक और आर्थिक प्राथमिकताओं को सीधे प्रभावित करेगा। 'एआई फोर्स' और 'ज़ार' की नियुक्ति से वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा में एक नया प्रशासनिक दबाव बनेगा। स्टार्टअप्स और वेंचर कैपिटल निवेशकों के लिए यह स्थिति बेहद संवेदनशील है, क्योंकि एक तरफ यह भारी सरकारी समर्थन का संकेत देती है, तो दूसरी तरफ नए नियमों और सुरक्षा उपायों के नाम पर अनुपालन का बोझ भी बढ़ा सकती है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह केंद्रीकृत नियंत्रण सिलिकॉन वैली के इनोवेशन को कितनी गति देता है।

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