भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे चर्चित टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी के ग्रुप ए मुकाबले में मध्य प्रदेश की टीम ने अपनी बेहतरीन रणनीति और आक्रामक खेल से हर किसी को हैरान कर दिया। मुकाबले के दूसरे दिन ही मैच का फैसला हो गया, जहां मध्य प्रदेश ने बिहार को पारी और 174 रनों के विशाल अंतर से मात दी। इस मुकाबले के सबसे बड़े आकर्षण अनुभवी ऑफ स्पिनर सारांश जैन रहे, जिन्होंने अपनी फिरकी के जाल में विरोधी बल्लेबाजों को उलझाते हुए कुल 13 विकेट अपने नाम किए।
टीम से बाहर होने के बाद शानदार वापसी
कुछ समय पहले श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करने वाले 33 वर्षीय सारांश जैन को आगामी न्यूजीलैंड सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली थी। राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की अनदेखी से निराश होने के बजाय इस खिलाड़ी ने रणजी ट्रॉफी के मैदान पर उतरकर अपने प्रदर्शन से करारा जवाब दिया है। घरेलू सत्र में इस शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन के जरिए उन्होंने एक बार फिर से चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है और अपनी काबिलियत साबित कर दी है।
शानदार गेंदबाजी और मैच के आंकड़े
मैच के दौरान सारांश जैन ने अपनी गेंदबाजी से ऐसा कहर बरपाया कि बिहार के बल्लेबाज क्रीज पर टिकने के लिए जूझते नजर आए। उन्होंने मुकाबले की पहली पारी में महज 14 रन खर्च करके 7 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। इसके बाद दूसरी पारी में भी उनका जादू जारी रहा और उन्होंने 49 रन देकर 6 विकेट अपने नाम किए। पूरे मैच के दौरान उन्होंने कुल 13 विकेट झटके, जिसके लिए उन्हें सिर्फ 89 रन खर्च करने पड़े। प्रथम श्रेणी क्रिकेट के इतिहास में उनका यह प्रदर्शन अब तक का सबसे बेहतरीन गेंदबाजी आंकड़ा बन गया है, इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 71 रन देकर 9 विकेट लेना था।
मध्य प्रदेश की बल्लेबाजी और शतकीय साझेदारियां
मुकाबले के दूसरे दिन मध्य प्रदेश ने अपनी पहली पारी को 3 विकेट पर 261 रन के स्कोर से आगे बढ़ाया और अंत में 8 विकेट के नुकसान पर 407 रन बनाकर पारी घोषित करने का फैसला किया। रणजी ट्रॉफी में अपना पहला मुकाबला खेल रहे 20 वर्षीय युवा बल्लेबाज सक्षम पुरोहित ने अपने पिछले दिन के स्कोर में 19 रन और जोड़े और कुल 132 रनों की शानदार पारी खेली। हालांकि, बाएं हाथ के स्पिनर आदित्य राज ने उन्हें आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। इसके अलावा टीम के कप्तान रजत पाटीदार ने अपनी शानदार फॉर्म को बरकरार रखते हुए 133 गेंदों का सामना किया और 9 चौकों की मदद से 109 रनों की बेहतरीन शतकीय पारी खेली। चालू सत्र के रणजी मुकाबलों में रजत पाटीदार का यह लगातार दूसरा शतक है, जिससे टीम की स्थिति बेहद मजबूत हो गई।
बिहार की खराब बल्लेबाजी और हार
इसके जवाब में पहली पारी के दौरान बिहार की पूरी टीम केवल 99 रन पर ढेर हो गई थी, और दूसरी पारी में भी उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। दूसरी पारी में पूरी टीम महज 134 रन बनाकर सिमट गई। बिहार की तरफ से आयुष लोहारुका ने संघर्ष दिखाया और 66 गेंदों पर नाबाद 76 रनों की जुझारू पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से किसी भी बल्लेबाज का सहयोग नहीं मिल सका। स्थिति यह थी कि टीम के 9 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा तक पार करने में नाकाम रहे।


















