आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भारी बिजली मांग और बिजली ग्रिड से जुड़ने में हो रही लंबी देरी ने टेक कंपनियों को बिजली जुटाने के अनोखे रास्ते तलाशने पर मजबूर कर दिया है। सामान्य तौर पर नए बिजली कनेक्शन और टरबाइन पाने के लिए कंपनियों को वर्षों कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है। इसी संकट से बचने के लिए कई एआई डेटा सेंटर अब सेवामुक्त हो चुके हवाई जहाजों के पुराने इंजनों को दोबारा तैयार करवाकर खुद की बिजली बना रहे हैं।
विमान इंजनों से प्राकृतिक गैस पर बिजली उत्पादन
रिटायर्ड विमानों से निकाले गए इन इंजनों को प्राकृतिक गैस से चलने लायक बनाया जाता है। हालांकि ये किसी के लिए भी एक स्थायी बिजली संयंत्र का आदर्श विकल्प नहीं हैं, लेकिन यह कदम स्पष्ट दिखाता है कि एआई विस्तार की गति के मुकाबले बिजली आपूर्ति कितनी पिछड़ चुकी है।
लंबी कतारों में फंसी कंपनियों के लिए इन परिवर्तित जेट इंजनों का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि इन्हें बहुत ही कम समय में तैयार करके चालू किया जा सकता है। ऊर्जा विश्लेषक ऑडुन मार्टिनसेन ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि पूरा ध्यान केवल जल्द से जल्द बिजली हासिल करने पर टिका है। उनका कहना है कि जेट संचालित इकाइयों की बदौलत कंपनियां महज 24 महीनों के भीतर अपना डेटा सेंटर चालू कर सकती हैं।
ग्रिड कनेक्शन में सात साल तक का इंतजार
इसकी तुलना में पारंपरिक ग्रिड से बिजली पाना बेहद धीमा साबित हो रहा है। उत्तरी वर्जीनिया में 100 मेगावाट बिजली को ग्रिड से जोड़ने में लगभग सात साल का वक्त लग जाता है। बिजली उत्पादन उपकरण बनाने वाली दुनिया की प्रमुख कंपनियों में शामिल मित्सुबिशी पावर के एक अधिकारी के अनुसार, ग्रिड की अधिकांश नई बिजली क्षमता 2031 तक ही उपलब्ध होने की उम्मीद है।
बिजली मिलने में हो रही यह देरी अब कुछ डेटा सेंटर कंपनियों के कारोबार पर सीधा असर डालने लगी है। पिछले महीने, माइक्रोसॉफ्ट ने इंग्लैंड के लॉटन में एनस्केल के डेटा सेंटर के मुख्य ग्राहक बनने का सौदा रद्द कर दिया। यह फैसला तब आया जब स्थानीय बिजली कंपनी ने स्पष्ट किया कि वह 2030 के दशक के शुरुआती या मध्य वर्षों से पहले पर्याप्त बिजली देने की स्थिति में नहीं है।
एक्सएआई, ओपनएआई और क्रूसो की नई रणनीति
एलन मस्क की कंपनी प्रोएनर्जी की परिवर्तित जेट इकाइयों का उपयोग करने वालों में शामिल है। एक्सएआई ने मेम्फिस स्थित अपने कोलॉसस 2 डेटा सेंटर को बिजली देने के लिए मिसिसिपी में आठ परिवर्तित जेट-इंजन टरबाइन लगाए हैं। प्रोएनर्जी उन जीई इंजनों को दोबारा तैयार करती है जो आमतौर पर बोइंग विमानों में लगे होते हैं।
साल 2025 में, ओपनएआई ने भी गैस टरबाइनों के इस्तेमाल का कदम उठाया और टेक्सास के एबिलीन में अपने पहले स्टारगेट स्थल पर टरबाइन तैनात किए। डेनवर की स्टार्टअप कंपनी क्रूसो इस एबिलीन परिसर का निर्माण कर रही है। क्रूसो ने अप्रैल में प्रोएनर्जी से 13 परिवर्तित इकाइयां खरीदी थीं।
सितंबर में, क्रूसो ने बूम सुपरसोनिक के साथ 29 प्राकृतिक गैस टरबाइन खरीदने का 1.25 अरब डॉलर का सौदा रद्द कर दिया था। सुपरसोनिक यात्री विमान विकसित करने वाली इस कंपनी ने अपने विमान के इंजन को डेटा सेंटर बिजली संयंत्र के रूप में बेचना शुरू किया था। उस समय क्रूसो के एक प्रवक्ता ने स्पष्ट किया था कि कंपनी की योजना अभी भी टरबाइन इस्तेमाल करने की है।
प्रशासन का दबाव और पर्यावरण से जुड़े समझौते
मौजूदा समय में ट्रंप प्रशासन भी इस दिशा में दबाव बढ़ा रहा है और डेटा सेंटरों को अपनी खुद की बिजली पैदा करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।
हालांकि, इन बदले हुए जेट इंजनों का इस्तेमाल करने के अपने नुकसान भी हैं। पारंपरिक गैस संयंत्रों के लिए विशेष रूप से बनाए गए टरबाइनों की तुलना में ये जेट इंजन कम कुशल होते हैं और उनसे अधिक प्रदूषण फैलता है। इसके अलावा, उतनी ही मात्रा में बिजली बनाने के लिए इन इंजनों की अधिक संख्या की आवश्यकता पड़ती है। इन कमियों के चलते परिवर्तित जेट इंजन केवल एक अल्पकालिक समाधान साबित हो सकते हैं, क्योंकि आने वाले एक या दो वर्षों में दक्षता और पर्यावरण संबंधी चिंताएं कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो सकती हैं।


















