सार्वजनिक निर्गम की दिशा में कदम बढ़ा रही एआई क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एंथ्रोपिक के वित्तीय बहीखाते से जुड़ी कई बातें अब सार्वजनिक दस्तावेजों के जरिए सामने आ रही हैं। बड़े भाषा मॉडलों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणालियों को संचालित करने वाली शीर्ष प्रयोगशालाओं की आंतरिक वित्तीय स्थिति अब तक काफी हद तक अस्पष्ट थी। अब नियामक आयोग के समक्ष जमा किए गए अद्यतन दस्तावेजों से यह साफ हुआ है कि मॉडल्स को चलाने के लिए जरूरी कम्प्यूटिंग क्षमता की खरीद पर भारी रकम खर्च हो रही है, जिससे कंपनी की रिकॉर्ड तोड़ कमाई के बावजूद परिचालन स्तर पर दबाव बना हुआ है।
नियामक फाइलिंग में सामने आए तिमाही आंकड़े
सोमवार को जमा की गई नई विनियामक फाइलिंग में एंथ्रोपिक ने ऐसे आंकड़े प्रस्तुत किए, जिनसे पता चलता है कि कम्प्यूटिंग खर्चों के कारण कंपनी के लाभ मार्जिन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। यह विवरण पिछले सप्ताह सार्वजनिक किए गए एस-1 ड्राफ्ट का ही एक नया विस्तार है। पिछले दस्तावेज में केवल 30 जून तक की वित्तीय स्थिति का ब्योरा दिया गया था, जबकि सोमवार को प्रस्तुत नई फाइलिंग में 30 सितंबर को समाप्त हुई तिमाही के परिणाम भी जोड़ दिए गए हैं।
व्यापक दृष्टिकोण से देखा जाए तो कंपनी के लिए यह तिमाही कारोबारी वृद्धि के लिहाज से काफी मजबूत रही। एंथ्रोपिक का राजस्व पिछली तिमाही के 11.5 अरब डॉलर से उछलकर सीधे 17 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो यह दर्शाता है कि बाजार में इसकी सेवाओं की मांग लगातार और बेहद तेजी से बढ़ रही है। हालांकि, इसी मजबूत राजस्व वृद्धि के समानांतर कंपनी का परिचालन घाटा भी चौड़ा हुआ है, और इस बढ़ते घाटे का सबसे प्रमुख कारण कम्प्यूट से जुड़ी आसमान छूती लागत है।
राजस्व का 58 प्रतिशत हिस्सा बुनियादी ढांचे पर खर्च
कम्प्यूटिंग मार्जिन का बारीकी से विश्लेषण करने पर वित्तीय तस्वीर की चुनौतियां और अधिक स्पष्ट हो जाती हैं। हालिया तिमाही के दौरान कंपनी की कुल कमाई का 58 प्रतिशत हिस्सा सीधे तौर पर सिर्फ कम्प्यूटिंग सेवाओं को खरीदने में खर्च हो गया। इससे ठीक पिछली तिमाही में यह अनुपात 48 प्रतिशत था। आम तौर पर जब कोई कंपनी सार्वजनिक शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही होती है, तब निवेशक बेहतर होते मार्जिन और घटती लागत की उम्मीद करते हैं, लेकिन एंथ्रोपिक के मामले में यह मार्जिन सुधरने के बजाय और कमजोर हुआ है।
दस्तावेजों में शामिल एक चार्ट के अनुसार, कम्प्यूट पर खर्च किए जाने वाले प्रत्येक डॉलर के बदले मिलने वाले राजस्व का अनुपात वर्ष 2025 की शुरुआत से लगातार सुधर रहा था। यह अनुपात पिछली तिमाही में 2 गुना से थोड़ा ऊपर के शिखर पर पहुंचा था, लेकिन हालिया तिमाही में फिसलकर 1.72 गुना पर आ गया है। यह गिरावट साफ तौर पर दर्शाती है कि प्रोसेसिंग पावर पर होने वाले खर्च की रफ्तार राजस्व वृद्धि को भी पीछे छोड़ रही है।
अल्पकालिक सौदों और नियोक्लाउड्स पर निर्भरता
उद्योग के कई विश्लेषकों का मानना है कि मार्जिन में आई यह गिरावट एक अल्पकालिक झटका हो सकती है, फिर भी यह स्थिति आधुनिक एआई प्रयोगशालाओं के संचालन मॉडल की वास्तविकताओं को उजागर करती है। ग्राहकों की बढ़ती मांग को पूरा करने की होड़ में एंथ्रोपिक का कुल कम्प्यूटिंग बिल एक ही तिमाही में 10 अरब डॉलर के आंकड़े तक पहुंच गया। फाइलिंग में दर्ज विवरण के अनुसार, इस 10 अरब डॉलर के कुल बिल में 5.0 अरब डॉलर की राशि ऐसे अल्पकालिक समझौतों से जुड़ी थी, जो लंबी अवधि के समझौतों की तुलना में काफी ज्यादा महंगी दरों पर हासिल की गई थी। सरल शब्दों में कहें तो बुनियादी ढांचे की तत्काल जरूरत इतनी तीव्र थी कि कंपनी को बाजार में उपलब्ध महंगी दरों पर क्षमता हासिल करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
इनमें से कई सौदों की जानकारी पहले ही सामने आ चुकी है। एंथ्रोपिक कम्प्यूटिंग क्षमता हासिल करने के लिए स्पेसएक्स को प्रतिमाह 1.25 अरब डॉलर का भुगतान कर रही है। इसके साथ ही कंपनी ने एनस्केल के साथ 45 अरब डॉलर, अकामाई के साथ सात वर्षों की अवधि के लिए 11.6 अरब डॉलर और एआई क्लाउड स्टार्टअप वोल्टा के साथ 10 अरब डॉलर के बड़े बहु-अरब डॉलर समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। तकनीकी उद्योग में इन कंपनियों को स्थापित हाइपरस्केलर्स के बजाय नियोक्लाउड्स के रूप में जाना जाता है, जो ऊंची दरों पर अधिक लचीली कम्प्यूटिंग क्षमता उपलब्ध कराते हैं।
एंथ्रोपिक डायरेक्ट और भविष्य की रणनीति
तीसरी तिमाही में मार्जिन बिगड़ने की मुख्य वजह इस तरह के महंगे अनुबंध ही रहे हैं, और निकट भविष्य में इनसे पूरी तरह निजात मिलने के संकेत नहीं दिख रहे हैं। फाइलिंग में स्पष्ट किया गया है कि क्लाउड सेवा प्रदाताओं के साथ बहु-वर्षीय व्यवस्थाओं के तहत जब तक अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध नहीं होती, तब तक डॉलर के संदर्भ में बुनियादी ढांचा व्यय बढ़ेगा और यह कंपनी का सबसे बड़ा परिचालन खर्च बना रहेगा।
इस भारी लागत को नियंत्रित करने के लिए एंथ्रोपिक अपनी आंतरिक क्षमता विकसित करने पर भी काम कर रही है। कंपनी 'एंथ्रोपिक डायरेक्ट' नामक एक इन-हाउस प्रोजेक्ट पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसके जरिए वह अपना खुद का स्वतंत्र कम्प्यूटिंग बेस तैयार करना चाहती है। फिर भी, बाजार में मांग जिस रफ्तार से बढ़ रही है, उसके सामने इन आंतरिक प्रयासों को पूरी तरह तैयार होने में समय लगेगा, जिससे निकट भविष्य में नियोक्लाउड प्रदाताओं पर निर्भरता बनी रहने की संभावना है।
जब तक किसी कंपनी की तिमाही राजस्व वृद्धि दर लगभग 50 प्रतिशत के करीब बनी रहती है, तब तक अधिकांश निवेशक भारी लागत को नजरअंदाज करने को तैयार रहते हैं। मांग में ठहराव आने पर कम्प्यूटिंग लागत का यह बोझ कम हो सकता है, लेकिन मौजूदा स्थिति यह याद दिलाती है कि अग्रणी एआई कंपनियां अरबों डॉलर के डेटा सेंटर बुनियादी ढांचे पर किस हद तक टिकी हैं। यदि बॉन्ड बाजारों में अनिश्चितता आती है या डेटा सेंटरों को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध बढ़ता है, तो बुनियादी ढांचे के निर्माण की गति धीमी हो सकती है। ऐसी परिस्थितियों पर एंथ्रोपिक का कोई सीधा नियंत्रण नहीं होगा, जिससे कम्प्यूटिंग लागत और उपलब्धता का समीकरण आने वाले समय में और अधिक पेचीदा हो सकता है।



















