सैन फ्रांसिस्को में स्थित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी ओपनएआई के दफ्तर में गुप्त निगरानी उपकरण लगाने के सनसनीखेज मामले में एक पूर्व कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। संघीय अभियोजकों के अनुसार 35 वर्षीय अब्दुलरहमान अल्फोज़ान पर आरोप है कि उसने कंपनी के अति गोपनीय कॉन्फ्रेंस रूम में बातचीत रिकॉर्ड करने के लिए एक जासूसी डिवाइस स्थापित किया था। अमेरिकी स्थायी निवासी और सऊदी अरब के नागरिक अल्फोज़ान ने इस पूरी योजना को अंजाम देने के लिए कथित तौर पर कई हफ्तों तक एक अज्ञात उत्पादकता एजेंट और एआई चैटबॉट से तकनीकी सवाल पूछे थे।
चैटबॉट से सलाह लेकर तैयार की गई निगरानी योजना
अदालत में दाखिल दस्तावेजों और अभियोजकों की दलीलों के मुताबिक अल्फोज़ान ने जासूसी की इस साजिश के लिए ओपनएआई के आंतरिक टूल का सहारा लिया। उसने कंपनी के सिस्टम से यह जानकारी निकाली कि जिस कॉन्फ्रेंस रूम को उसने निशाना बनाया था, उसमें कब-कब अहम बैठकें निर्धारित थीं। इतना ही नहीं, उसने अपनी पत्नी से जुड़े एक चैटबॉट खाते का इस्तेमाल करते हुए गुप्त ऑडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाने और उसे सक्रिय करने से जुड़े कई बारीक तकनीकी सवाल भी पूछे थे।
अल्फोज़ान मंगलवार को सैन फ्रांसिस्को की अमेरिकी जिला अदालत में पहली बार पेश हुआ। उस पर मौखिक बातचीत को अवैध रूप से रिकॉर्ड करने के उद्देश्य से इलेक्ट्रॉनिक, मैकेनिकल या अन्य डिवाइस का उपयोग करने का एक आरोप लगाया गया है। यदि वह दोषी ठहराया जाता है, तो उसे अधिकतम पांच साल की जेल की सजा हो सकती है। अल्फोज़ान जुलाई 2025 में ओपनएआई में शामिल हुआ था और उसकी गिरफ्तारी के साथ ही पिछले शुक्रवार को उसे नौकरी से निकाल दिया गया।
कॉन्फ्रेंस रूम में टेलीविजन के पीछे छिपाया गया था उपकरण
जांचकर्ताओं की शिकायत के अनुसार अल्फोज़ान ने यह जासूसी डिवाइस 28 सितंबर 2026 को या उससे पहले लगाया था। ओपनएआई की आंतरिक सुरक्षा टीम ने 30 सितंबर को नियमित एंटी-सर्विलांस जांच के दौरान इस गुप्त रिकॉर्डर को पकड़ा। यह उपकरण बेहद चालाकी से कॉन्फ्रेंस रूम में मौजूद एक टेलीविजन के पीछे यूएसबी पोर्ट में लगाया गया था और इसे टॉयलेट पेपर में लपेटकर छिपाया गया था ताकि किसी की नजर उस पर न पड़े।
शिकायत पत्र में बताया गया है कि जिस कॉन्फ्रेंस रूम को निशाना बनाया गया, वह बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील है। उस कमरे को केवल शीर्ष कार्यकारी अधिकारी और उनके सहायक ही आरक्षित कर सकते हैं। उस स्थान का उपयोग आमतौर पर आंतरिक नेतृत्व बैठकों, तकनीकी व उत्पाद रणनीतियों और कारोबारी साझेदारों व सरकारी अधिकारियों के साथ बाहरी ब्रीफिंग के लिए किया जाता है। अनुसंधान, आगामी उत्पादों, व्यापारिक रणनीतियों और सरकारी संपर्कों से जुड़ी अत्यधिक गोपनीय चर्चाएं नियमित रूप से इसी कक्ष में होती हैं।
सस्ते हार्डवेयर पर तैयार किया गया था एन्क्रिप्टेड रिकॉर्डर
कंपनी ने अपने आधिकारिक बयान में इस उपकरण को परिष्कृत बताया है। अधिकारियों का कहना है कि अल्फोज़ान द्वारा लगाया गया उपकरण सीइइडी जि़याओ ईएसपी32-एस3 सेंस (Seeed XIAO ESP32-S3 Sense) था। यह अंगूठे के आकार का एक डेवलपमेंट बोर्ड है, जिसमें डिटैचेबल कैमरा सेंसर, डिजिटल माइक्रोफोन और माइक्रोएसडी स्टोरेज की सुविधा मौजूद होती है। वर्तमान में यह छोटा बोर्ड सीइइडी की वेबसाइट पर मात्र 13.99 डॉलर में बिकता है। ओपनएआई की सुरक्षा टीम ने माइक्रोएसडी कार्ड से डेटा निकालने की कोशिश की, लेकिन सामग्री एन्क्रिप्टेड होने के कारण वे उसे तुरंत नहीं पढ़ सके।
एफबीआई निदेशक काश पटेल ने एक बयान में कहा कि अल्फोज़ान का मकसद कंपनी की सुपर इंटेलिजेंस तकनीक के बारे में संवेदनशील बातचीत को गुप्त रूप से रिकॉर्ड करना था। हालांकि अभी तक अभियोजकों या ओपनएआई की तरफ से किसी स्पष्ट मकसद का आधिकारिक ब्योरा सामने नहीं रखा गया है। ओपनएआई ने एक्स पर जारी एक बयान में स्पष्ट किया कि फिलहाल उन्हें ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि इस व्यक्ति ने मॉडल वेट्स, सोर्स कोड या कस्टमर डेटा तक अनुचित पहुंच बनाई या उन्हें चुराया हो। कंपनी ने जोर देकर कहा कि वे अपनी तकनीक, डेटा और कर्मचारियों की सुरक्षा को राष्ट्रीय महत्व का विषय मानते हैं।
लावारिस बैग और खोई-पाई शाखा से जुड़ा सुराग
जासूसी डिवाइस मिलने के बाद ओपनएआई ने तुरंत एफबीआई को सूचित किया। चैट लॉग, दफ्तर के सीसीटीवी फुटेज और एक लावारिस बैग की तलाशी के जरिए कंपनी इस उपकरण को अल्फोज़ान से जोड़ने में सफल रही। जांच आगे बढ़ने के साथ ही कंपनी ने धीरे-धीरे आंतरिक सिस्टम से उसकी पहुंच समाप्त कर दी।
शिकायत के अनुसार 5 अक्टूबर को ओपनएआई के सुरक्षा कर्मचारियों को एक प्रिंटर रूम में अल्फोज़ान का छूटा हुआ बैग मिला। सुरक्षा टीम ने जब बैग की तलाशी ली, तो उसमें एक दूसरा एन्क्रिप्टेड सीइइडी लिसनिंग डिवाइस, बटुआ और अन्य निजी सामान बरामद हुए। इसके बाद अल्फोज़ान ने ओपनएआई से बैग गुम होने की शिकायत की और अंततः कंपनी के खोया-पाया विभाग से अपना बैग वापस हासिल कर लिया। हालांकि बाद में उसने कर्मचारियों से संपर्क कर कहा कि बैग से क्रेडिट कार्ड, करीब 500 डॉलर नकद और दो एयरपॉड्स गायब हैं, लेकिन उसने उस दूसरे जासूसी डिवाइस का कोई जिक्र नहीं किया जिसे सुरक्षा टीम पहले ही जब्त कर चुकी थी।
सिलिकॉन वैली और विदेशी संबंधों की पृष्ठभूमि
अल्फोज़ान के लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार वह ओपनएआई से पहले एक कार्गो लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप और मेटा में काम कर चुका है। एक हालिया पॉडकास्ट साक्षात्कार में उसने बताया था कि वह सिलिकॉन वैली में काम करने वाले सऊदी इंजीनियरों के एक समूह का हिस्सा था, जो सऊदी संगठनों को परामर्श सेवाएं प्रदान करता था। उसके लिंक्डइन प्रोफाइल में यह भी दर्ज है कि वह सऊदी अरब की एक वेंचर कैपिटल फर्म रायद वेंचर्स (RAED Ventures) में पार्ट-टाइम वेंचर पार्टनर के रूप में जुड़ा हुआ था।
पिछले साल ट्रंप प्रशासन ने सऊदी अरब के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत खाड़ी देश को आधुनिक चिप्स और एआई तकनीकों तक पहुंच दी गई थी, जिन्हें अन्यथा राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के कारण प्रतिबंधित किया जा सकता था। सऊदी निवेश कंपनियां अमेरिकी टेक कंपनियों के लिए पूंजी का एक बड़ा स्रोत बनी हुई हैं।


















