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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से मानवता खत्म होने का दावा बेबुनियाद, जेन्सन हुआंग ने कयामत की आशंका को बताया शून्यअमेरिका
19 सित॰ 2026, 8:32 pm (1 घंटे पहले)· 0

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से मानवता खत्म होने का दावा बेबुनियाद, जेन्सन हुआंग ने कयामत की आशंका को बताया शून्य

एनवीडिया के प्रमुख जेन्सन हुआंग ने एआई से 2030 तक इंसानों के खात्मे की चेतावनियों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ऐसा होने की संभावना शून्य प्रतिशत है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते प्रसार के बीच तकनीक जगत में इस बात को लेकर एक गंभीर विवाद छिड़ गया है कि क्या आधुनिक कंप्यूटिंग सिस्टम इंसानी वजूद के लिए खतरा बन सकते हैं। हाल के दिनों में कई सुरक्षा विश्लेषकों और शोधकर्ताओं ने यह आशंका जताई थी कि मौजूदा दशक के खत्म होते-होते एडवांस तकनीक इंसानी नियंत्रण से बाहर निकल सकती है। इसी विमर्श के केंद्र में एंथ्रोपिक के रिसर्चर जैकब कॉक्सन का वह बयान भी रहा, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि इस दशक के अंत तक तकनीक इंसानों के अस्तित्व को समाप्त कर सकती है। हालांकि, आधुनिक कंप्यूटिंग को ताकत देने वाले सेमीकंडक्टर उद्योग के सबसे बड़े चेहरे और एनवीडिया के सीईओ जेन्सन हुआंग ने इस तरह के कयासों को पूरी तरह आधारहीन करार दिया है।

कयामत के दावों पर जेन्सन हुआंग का सीधा रुख

एक प्रमुख साक्षात्कार के दौरान जब जेन्सन हुआंग से सीधे तौर पर पूछा गया कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य में किसी प्रलयकारी संकट या इंसानों के खात्मे की वजह बन सकता है, तो उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि इसकी आशंका शून्य प्रतिशत है। उनका स्पष्ट मानना है कि जो लोग 2030 तक दुनिया समाप्त होने जैसी डरावनी बातें कर रहे हैं, उनके पास अपनी बात को साबित करने के लिए कोई पुख्ता वैज्ञानिक या तकनीकी प्रमाण मौजूद नहीं है।

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जेन्सन हुआंग के अनुसार, आम जनता के बीच इस किस्म का खौफ पैदा करने की कोशिशें असल में तकनीकी हकीकत से कोसों दूर हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि ऐसी मनगढ़ंत कहानियां या तो राजनीतिक स्वार्थों को साधने के लिए गढ़ी जाती हैं या फिर कुछ लोग सिर्फ मीडिया की सुर्खियों में बने रहने और प्रचार हासिल करने के लिए सनसनीखेज दावे करते हैं। उनका कहना है कि जो लोग इस टेक्नोलॉजी के आंतरिक ढांचे, उसकी सीमाओं और इंजीनियरिंग की वास्तविक कार्यप्रणाली को गहराई से समझते हैं, वे कभी भी इस तरह के बचकाने और आधारहीन निष्कर्षों पर नहीं पहुंचेंगे।

विकास की गति पर ब्रेक लगाने का कड़ा विरोध

तकनीकी तरक्की को धीमा करने और उस पर कड़े कानूनी प्रतिबंध लगाने की वकालत करने वाले तबके को भी जेन्सन हुआंग ने आड़े हाथों लिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास की रफ्तार पर रोक लगाना पूरी दुनिया के आर्थिक हितों के लिए गंभीर रूप से नुकसानदेह होगा। उनका तर्क है कि कंपनियों को पूरी ऊर्जा और गति के साथ इस क्षेत्र में काम करते रहना चाहिए ताकि आर्थिक वृद्धि को मजबूत आधार मिले और वैश्विक स्तर पर नवाचार का पहिया थमे नहीं।

हुआंग ने दलील दी कि अगर डर और आशंकाओं के दबाव में आकर सख्त नियम-कायदों के जरिए रिसर्च और डेवलपमेंट पर बंदिशें लगाई गईं, तो इससे किसी भी समाज का भला नहीं होने वाला। इस प्रकार की पाबंदियां केवल नई वैज्ञानिक खोजों का रास्ता बंद करेंगी। इसका दूसरा पहलू यह भी होगा कि जो देश अथवा संस्थान बिना किसी हिचकिचाहट के आगे बढ़ रहे हैं, वे वैश्विक दौड़ में बहुत आगे निकल जाएंगे, जबकि झिझक दिखाने वाले पीछे छूट जाएंगे। इसी कारण उन्होंने तकनीकी विकास की गति को बिना किसी व्यवधान के बनाए रखने पर बल दिया।

सुरक्षा मानकों और तेज रफ्तार में संतुलन

तेज गति से काम करने का पक्ष लेते हुए जेन्सन हुआंग ने यह भी साफ किया कि इसका अर्थ सुरक्षा और गहन परीक्षण को ताक पर रखना कतई नहीं है। उन्होंने जिम्मेदार दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा कि तेज रफ्तार का मतलब यह बिल्कुल नहीं होता कि कोई भी अधूरा, अपरीक्षित अथवा असुरक्षित सिस्टम आम लोगों के उपयोग के लिए बाजार में उतार दिया जाए।

उनके अनुसार, कोई भी जवाबदेह टेक्नोलॉजी संस्थान किसी उत्पाद को सार्वजनिक उपयोग के लिए तब तक पेश नहीं करता, जब तक कि वह सुरक्षा, कार्यकुशलता और सटीकता के कड़े पैमानों पर खरा न उतर जाए। हुआंग ने यह महत्वपूर्ण सिद्धांत सामने रखा कि कड़े सुरक्षा मानकों का पालन करना और विकास की गति को तेज रखना दो विरोधी बातें नहीं हैं। यदि किसी संगठन के आंतरिक गुणवत्ता मानक मजबूत हैं, तो वह सुरक्षा से समझौता किए बिना भी अत्यधिक तीव्र गति से नए नवाचार कर सकता है।

सिलिकॉन वैली में गहराता वैचारिक विभाजन

जेन्सन हुआंग का यह कड़ा बयान ऐसे समय में आया है जब पूरी टेक इंडस्ट्री दो अलग-अलग विचारधाराओं में बंट चुकी है। एक तरफ कई जाने-माने शोधकर्ता और वैज्ञानिक सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए प्रमुख लैब्स से अलग हो रहे हैं। उनका तर्क है कि कंपनियां व्यावसायिक होड़ में सुरक्षा जांचों की अनदेखी कर रही हैं। इसके अलावा, कुछ अन्य प्रतिस्पर्धी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने भी आगाह किया है कि आने वाले समय में बेहद सक्षम मॉडल बिना किसी मानवीय मदद के खुद को अपग्रेड करने में सक्षम हो सकते हैं, जिससे इंसानी निगरानी कमजोर पड़ सकती है।

इन्हीं आशंकाओं के चलते सुरक्षा पैरोकार और हुआंग के विरोधी नेतृत्व सरकार से कड़े नियामक कानून बनाने और टेस्टिंग के सख्त नियम थोपने की मांग कर रहे हैं। इसके विपरीत, हार्डवेयर उद्योग का नेतृत्व करने वाले जेन्सन हुआंग का स्पष्ट मत है कि अत्यधिक सरकारी हस्तक्षेप और कड़े नियमों का बोझ नए अनुसंधानों का दम घोंट देगा और वैज्ञानिक प्रगति को रोक देगा।

चिप निर्माता के रूप में एनवीडिया का केंद्रीय महत्व

वैश्विक स्तर पर जारी इस पूरे नीतिगत और तकनीकी विमर्श में एनवीडिया का दृष्टिकोण अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्तमान दौर में चाहे चैटजीपीटी हो या कोई अन्य जटिल सिस्टम, दुनिया भर के विशाल कंप्यूटिंग मॉडल्स को प्रशिक्षित करने और संचालित करने के लिए आवश्यक ताकतवर कंप्यूटर चिप्स और बुनियादी ढांचे की सबसे बड़ी प्रदाता एनवीडिया ही है। यही कारण है कि जब जेन्सन हुआंग इस उद्योग की दिशा और सुरक्षा पर बात करते हैं, तो पूरी दुनिया की सरकारें और टेक विशेषज्ञ उनके विचारों को बेहद गंभीरता से लेते हैं।

सवाल-जवाब

जेन्सन हुआंग ने दुनिया खत्म होने के दावे पर क्या कहा?
जेन्सन हुआंग ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से इंसानों के वजूद को खतरा होने की संभावना शून्य प्रतिशत है और यह दावा बिना वैज्ञानिक सबूत का है।
2030 तक इंसानों के खात्मे की चेतावनी किसने दी थी?
एंथ्रोपिक के रिसर्चर जैकब कॉक्सन ने एक इंटरव्यू में कहा था कि इस दशक के अंत तक तकनीक इंसानों का खात्मा कर सकती है।
जेन्सन हुआंग के अनुसार डर फैलाने का मुख्य कारण क्या है?
हुआंग के अनुसार यह डर राजनीतिक एजेंडे साधने या मीडिया की सुर्खियों में बने रहने और प्रचार बटोरने के लिए फैलाया जा रहा है।
क्या जेन्सन हुआंग विकास की रफ्तार को धीमा करने के पक्ष में हैं?
नहीं, हुआंग का मानना है कि विकास की गति पर ब्रेक लगाना आर्थिक वृद्धि के लिए नुकसानदेह होगा और कंपनियों को पूरी रफ्तार से काम करना चाहिए।
क्या तेज गति से काम करने पर सुरक्षा से समझौता होगा?
हुआंग ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों का पालन और तेज रफ्तार साथ-साथ चल सकते हैं, और कोई भी जिम्मेदार कंपनी बिना कड़े परीक्षण के उत्पाद बाजार में नहीं उतारेगी।
इस बहस में एनवीडिया की क्या भूमिका है?
एनवीडिया दुनिया की सबसे बड़ी एआई चिप निर्माता कंपनी है, जिसके हार्डवेयर पर चैटजीपीटी सहित दुनिया भर के प्रमुख मॉडल्स संचालित होते हैं।
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