प्रशांत महासागर क्षेत्र में मौसम की उथल-पुथल के बीच अमेरिकी द्वीप क्षेत्र गुआम चक्रवाती तूफान के सीधे टकराव से सुरक्षित बच निकला, लेकिन इस राहत के फौरन बाद एक दूसरा संकट खड़ा हो गया है। सुपर टाइफून चोई-वान भले ही मुख्य द्वीप से उत्तर की ओर खिसक गया हो, मगर उसके तुरंत पीछे सक्रिय हुआ मानसून सर्ज अब तटीय और रिहायशी बस्तियों के लिए गंभीर चुनौती पेश कर रहा है। मौसम प्रणाली के इस पिछले हिस्से की वजह से समूचे मरियाना द्वीप समूह में मूसलाधार वर्षा, उफनता समंदर और तूफानी हवाओं का कड़ा पहरा बैठ गया है।
गुआम सीधे प्रहार से बचा पर मानसून सर्ज का घेरा बरकरार
प्रशांत क्षेत्र में सक्रिय टाइफून चोई-वान का केंद्र गुआम से लगभग 340 मील उत्तर की दिशा में आगे बढ़ चुका है। टियान स्थित मौसम केंद्र से जुड़े चेतावनी समन्वय मौसम विज्ञानी लैंडन एयडलेट ने स्पष्ट किया कि जब सुबह स्थानीय निवासियों के संदेश लगातार आने लगे, तब मुख्य आशंका यही थी कि क्या तूफान सीधे जमीन से टकराएगा। हालांकि केंद्र दूर रहने से सीधी तबाही टल गई, परंतु इस मौसमी तंत्र का आकार इतना बड़ा है कि इसके केंद्र बिंदु से 240 मील के दायरे तक विध्वंसक हवाओं का प्रभाव महसूस किया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह प्राकृतिक घटना दोहरा रूप धारण कर चुकी है। एक तरफ आगे बढ़ रहा टाइफून चोई-वान है और दूसरी तरफ उसके पीछे खिंचा चला आ रहा व्यापक मानसून सर्ज। हालांकि गुआम और पड़ोसी रोटा द्वीप सीधे चक्रवाती घेरे के बाहर आ चुके हैं, फिर भी वे इस भारी मौसमी खिंचाव की चपेट में फंसे हुए हैं। गुआम हवाई अड्डे पर हवा के झोंकों की गति करीब 72 किलोमीटर प्रति घंटा मापी गई है, जिससे जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है।
जमीन पर तेज आंधी का असर और उड़ते ढांचे
मौसम अधिकारियों ने पहले ही नागरिकों को अपने घरों के इर्द-गिर्द रखी असुरक्षित वस्तुओं, टीन की छतों और निर्माण सामग्रियों को बांधकर रखने की हिदायत दी थी। इसके बावजूद तेज झोंकों ने बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। सड़कों के किनारे लगाए गए राजनीतिक अभियानों के भारी-भरकम प्रचार बोर्ड उखड़कर काफी दूर जा गिरे। इसके अलावा कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और आवासों के सामने लगे अस्थायी छज्जे और कैनोपी हवा के तीव्र दबाव को सहन नहीं कर सके और बिखर गए।
गुआम और रोटा में रविवार तड़के तक के लिए आधिकारिक विंड एडवाइजरी प्रभावी रखी गई है। इस दौरान 45 मील प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा के तेज झोंके चलने की निरंतर आशंका बनी हुई है, जिससे पेड़ टूटने और खुले ढांचों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है।
समुद्र में 18 फीट ऊंची लहरों का भयावह मंजर
इस पूरे मौसमी तंत्र का सबसे खतरनाक पहलू तटवर्ती जलक्षेत्रों में उभरकर सामने आया है। समुद्र में शनिवार शाम तक के लिए गेल वार्निंग लागू की गई, जहां जलस्तर में 15 से 18 फीट तक ऊंची भयानक लहरें उठ रही हैं। हाई सर्फ एडवाइजरी के तहत उत्तरी, दक्षिणी और पश्चिमी दिशाओं में स्थित समुद्री चट्टानों यानी रीफ्स से 8 से 12 फीट ऊंची लहरें लगातार टकरा रही हैं।
इसके अलावा पानी के नीचे उठने वाले बहाव यानी रिप करेंट्स बेहद प्राणघातक स्थिति में पहुंच चुके हैं। मौसम विज्ञानियों ने स्पष्ट रूप से आगाह किया है कि नौसिखिए तैराक किसी भी सूरत में तट पर न जाएं। साथ ही छोटी नावों के संचालकों और नाविकों को निर्देश दिया गया है कि वे आगामी सप्ताह के शुरुआती दिनों तक समुद्र में उतरने का कोई जोखिम न उठाएं।
आसमान से लगातार जलभराव और धोखेबाज धूप
हवा और उफनते समंदर के साथ-साथ जलभराव की गंभीर आशंका भी गहरा गई है। गुआम और रोटा दोनों द्वीपों पर रविवार देर रात तक के लिए फ्लड वॉच की स्थिति बहाल रखी गई है, जहां 4 से 6 इंच तक अत्यधिक वर्षा दर्ज होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि बीच-बीच में बादलों के छंटने और धूप निकलने से धोखा खाने की जरूरत नहीं है।
यह अस्थायी सूखा अंतराल भ्रामक है, क्योंकि रुक-रुक कर आ रहे तेज बौछारों के झोंके ऊपरी वायुमंडल से प्रचंड हवाओं को तेजी से जमीन की ओर खींच रहे हैं। इस वजह से मौसम किसी भी क्षण अप्रत्याशित रूप से उग्र हो सकता है और निचले रिहायशी इलाकों में पानी भर सकता है।
उत्तरी द्वीपों पर बढ़ता खतरा और तूफान की बढ़ती श्रेणी
गुआम भले ही इस चक्रवात के सबसे घातक प्रभाव से बच गया हो, लेकिन उत्तर में मौजूद अन्य द्वीपों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। अलामगन, एग्रीहान और पगान द्वीपों में पूरी तरह टाइफून वार्निंग जारी की गई है। वहां 120 किलोमीटर प्रति घंटा से भी अधिक गति की तूफानी हवाएं चल रही हैं और अनुमान है कि वहां 8 से 14 इंच, जबकि तूफान के केंद्र के निकटवर्ती भागों में 20 इंच तक घनघोर बारिश हो सकती है।
दूसरी ओर सैपान और टिनियन में ट्रॉपिकल स्टॉर्म वार्निंग प्रभावी की गई है। वहां 60 मील प्रति घंटे तक के झोंके आने के चलते निचले रास्तों पर आवागमन बाधित होने और इमारतों में पानी घुसने की पूरी आशंका है। विशेषज्ञों ने रेखांकित किया है कि समुद्र की गर्मी और ऊर्जा सोखकर चोई-वान लगातार शक्तिशाली हो रहा है। शनिवार को एग्रीहान द्वीप के निकट से निकलते समय यह कैटेगरी 2 टाइफून के स्तर पर था, जो अब और अधिक विकराल रूप लेकर कैटेगरी 3 के चक्रवात में बदल सकता है।
प्रशांत बेसिन में नए मौसमी तंत्रों की निगरानी
चोई-वान द्वारा मचाई जा रही तबाही के समानांतर मौसम वैज्ञानिक मजूरो के निकट उभर रही एक अन्य मौसम प्रणाली इन्वेस्ट 94W पर भी लगातार नजर बनाए हुए हैं। वर्तमान में यह मरियाना द्वीप समूह के लिए आसन्न संकट नहीं है, परंतु उत्तरी मार्शल आइलैंड्स पर पड़ने वाले इसके असर की बारीकी से समीक्षा की जा रही है। इसके साथ ही प्रशांत महासागर के खुले जलक्षेत्र में मौजूद हरीकेन नोलो की गतिशीलता पर भी नजर रखी जा रही है ताकि भविष्य के खतरों का समय रहते आकलन किया जा सके।























