कैरेबियाई टीम के लिए भारतीय सरजमीं पर एकदिवसीय श्रृंखला जीतने का सपना पिछले 24 सालों से अधूरा बना हुआ है, और ताजा दौरे पर भी मेजबान टीम के खिलाफ शुरुआती दो मुकाबले गंवाकर उनका यह इंतजार बरकरार रहा। हालांकि इस निराशाजनक परिणाम के बीच मेहमान टीम के बल्लेबाजों की व्यक्तिगत चमक देखने को मिली। वेस्टइंडीज की तरफ से सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन 29 वर्षीय बल्लेबाज आमिर जांगू का रहा, जिन्होंने श्रृंखला के सभी तीन मुकाबलों में पचास या उससे अधिक रनों का आंकड़ा छूकर क्रिकेट इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया।
विदेशी बल्लेबाजों के खास क्लब में जांगू की एंट्री
तीसरे एकदिवसीय मुकाबले में जांगू ने 56 गेंदों का सामना करते हुए 67 रनों की पारी खेली, जिसके साथ ही उन्होंने श्रृंखला के तीनों मुकाबलों में अर्धशतक या उससे बड़ी पारी खेलने की उपलब्धि हासिल की। इस दौरे के पहले मैच में उन्होंने नाबाद 58 रन बनाए थे, जबकि दूसरे मैच के दौरान उनके बल्ले से 114 रनों की शतकीय पारी निकली थी। भारतीय पिचों पर अपने करियर की शुरुआती तीनों पारियों में पचास या उससे ज्यादा रन जड़ने वाले वह वेस्टइंडीज के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। विश्व क्रिकेट के स्तर पर देखें तो वह ऐसे सिर्फ पांचवें बल्लेबाज हैं जिन्होंने भारतीय मैदानों पर यह कारनामा अंजाम दिया है। उनसे पूर्व यह दुर्लभ रिकॉर्ड केवल नवजोत सिंह सिद्धू, मार्क वॉ, मैथ्यू हेडन और जेसन रॉय के नाम दर्ज था।
तीसरे मैच में शे होप संग शतकीय साझेदारी
अंतिम मुकाबले में भारतीय टीम ने मेहमानों के सामने 352 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था। कठिन चुनौती का पीछा करने उतरी कैरेबियाई टीम की तरफ से जांगू तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी के लिए उतरे, जब मुकाबला पांचवें ओवर में ही था। शुरुआती दबाव के बावजूद उन्होंने कप्तान शे होप के साथ मिलकर पारी को संभाला और महज 47 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। दोनों बल्लेबाजों के बीच तीसरे विकेट के लिए 109 रनों की मजबूत साझेदारी देखने को मिली। जब जांगू रन आउट होकर पवेलियन लौटे, तब तक वह टीम के कुल स्कोर को 150 रनों तक पहुंचा चुके थे।
अंतरराष्ट्रीय करियर और आंकड़े
बाएं हाथ के इस खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय प्रारूप में अपना पदार्पण साल 2024 में किया था। अब तक खेले गए 12 एकदिवसीय मुकाबलों की 10 पारियों में उन्होंने लगभग 58 के प्रभावशाली औसत के साथ 467 रन जोड़े हैं। अपने संक्षिप्त अंतरराष्ट्रीय सफर में वह 2 शतक और 3 अर्धशतक जमा चुके हैं। भारत के खिलाफ बनाए गए शतक के अतिरिक्त, उनका दूसरा शतक भी साल 2024 में ही बांग्लादेश के विरुद्ध आया था, जहां उन्होंने नाबाद 104 रनों की पारी खेली थी। भारतीय पिचों पर उनकी यह निरंतरता दर्शाती है कि मुश्किल परिस्थितियों में भी उनका संयम कितना प्रभावी साबित हुआ है।


















