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भुवनेश्वर में युवती से अनाचार का आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में गोली लगने के बाद पहुंचा अस्पतालअपराध
3 अक्तू॰ 2026, 11:02 pm (13 दिन पहले)· 3

भुवनेश्वर में युवती से अनाचार का आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में गोली लगने के बाद पहुंचा अस्पताल

भुवनेश्वर के नयापल्ली क्षेत्र में घर में घुसकर युवती से दुष्कर्म करने वाले आरोपी संतोष उर्फ श्रीधर पांडा को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पकड़ लिया। तलाशी अभियान के दौरान 100 से अधिक कैमरों की जांच की गई थी।

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में घर के भीतर घुसकर 26 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म करने की सनसनीखेज वारदात के आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया है। चंदका इलाके में हुई मुठभेड़ के बाद आरोपी को हिरासत में लिया गया, जहां पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल आरोपी की पहचान संतोष उर्फ श्रीधर पांडा के रूप में हुई है, जिसे तत्काल उपचार के लिए भुवनेश्वर स्थित कैपिटल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस दल पर गोलियां चलाई थीं और एक पुलिसकर्मी पर पेचकश से वार करने का भी प्रयास किया था।

घर में अकेले पाकर नकाबपोश ने दिया था वारदात को अंजाम

यह खौफनाक घटना बुधवार रात नयापल्ली इलाके में घटित हुई थी। पीड़िता की शिकायत के अनुसार, 26 साल की युवती अपने आवास पर पूरी तरह अकेली थी। उसी दौरान चेहरे पर नकाब बांधे एक अज्ञात व्यक्ति जबरन मकान के अंदर दाखिल हुआ। उसने युवती को डराने के लिए हथियार जैसी दिखने वाली वस्तु निकाली और धमकाते हुए उसके साथ अनाचार किया। घिनौने कृत्य को अंजाम देने के तुरंत बाद हमलावर वहां से फरार हो गया। पीड़िता द्वारा सूचना दिए जाने के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और डीसीपी एस विवेक के सीधे पर्यवेक्षण में विशेष जांच टीमों का गठन कर तलाश शुरू की गई।

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100 से अधिक कैमरों की पड़ताल और 48 घंटे का सघन अभियान

भुवनेश्वर के पुलिस कमिश्नर एस देवदत्त सिंह ने मामले का ब्योरा साझा करते हुए बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए बड़े पैमाने पर खोजबीन शुरू की गई थी। पूरे ऑपरेशन में लगभग 100 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, जिन्होंने लगातार 48 घंटे तक इलाके की खाक छानी। आरोपी के भागने की संभावित दिशाओं और आसपास की सड़कों पर लगे 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। वारदात के चंद घंटों के भीतर जांचकर्ताओं को फुटेज से आरोपी की एक तस्वीर हासिल हो गई थी, मगर चेहरा ढका होने और स्पष्टता की कमी के कारण फौरन उसकी पहचान सुनिश्चित नहीं हो सकी थी।

पैदल भागने के बाद बस पकड़ी, फिर चोरी की बाइक से हुआ फरार

जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने आरोपी के आने-जाने के रास्तों, सार्वजनिक परिवहन और अन्य वाहनों से संबंधित सुरागों को एक-दूसरे से जोड़ना शुरू किया। तकनीकी निगरानी और फुटेज विश्लेषण से सामने आया कि घटना को अंजाम देकर वह पहले घटनास्थल से पैदल ही बाहर निकला था। कुछ दूरी तय करने के उपरांत वह एक बस में सवार हुआ। आगे जाकर उसने एक मोटरसाइकिल चुराई और उसी दोपहिया वाहन पर सवार होकर शहर से बाहर निकलने की कोशिश करने लगा। पुलिस की टीमें लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थीं और तकनीकी सुरागों का पीछा कर रही थीं।

चंदका में घेराबंदी के दौरान मुठभेड़ और गिरफ्तारी

तकनीकी साक्ष्यों और सूचना तंत्र के आधार पर पुलिस टीमों ने आरोपी की सटीक लोकेशन चंदका इलाके में ट्रेस कर ली। जब पुलिस बल उसे घेरने पहुंचा, तो आरोपी ने आत्मसमर्पण करने के बजाय बच निकलने की हिंसक कोशिश की। उसने पुलिसकर्मियों की तरफ दो राउंड गोलियां दागीं और नजदीक मौजूद एक पुलिस अधिकारी पर नुकीले पेचकश से जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली आरोपी के पैर में जा लगी। गोली लगते ही वह असहाय हो गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया और प्राथमिक उपचार हेतु कैपिटल हॉस्पिटल पहुंचाया।

नकली पिस्टल का खौफ और पुराना आपराधिक इतिहास

पुलिस जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि वारदात के समय युवती को डराने के लिए जिस हथियार का इस्तेमाल किया गया था, वह दरअसल असली बंदूक नहीं थी। वह महज लाइटर के रूप में बनाई गई एक खिलौना पिस्टल थी, जिसके दम पर उसने पीड़िता को आतंकित किया था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी संतोष उर्फ श्रीधर पांडा मूलतः गंजाम जिले का निवासी है और कुछ समय से भुवनेश्वर में ठिकाना बनाए हुए था। उसके खिलाफ पूर्व में भी चोरी के कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस बिंदु पर गहन पूछताछ कर रही है कि क्या वह पीड़िता को पहले से पहचानता था अथवा इस वारदात के पीछे कोई अन्य मंशा थी।

सवाल-जवाब

नयापल्ली दुष्कर्म मामले के आरोपी का क्या नाम है?
आरोपी की पहचान संतोष उर्फ श्रीधर पांडा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से गंजाम जिले का निवासी है।
आरोपी को किस इलाके से और कैसे पकड़ा गया?
पुलिस ने उसे 48 घंटे के ऑपरेशन के बाद चंदका इलाके में मुठभेड़ के दौरान पकड़ा, जहां जवाबी गोलीबारी में उसके पैर में गोली लगी।
वारदात में किस तरह के हथियार का इस्तेमाल किया गया था?
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी ने असली बंदूक नहीं बल्कि लाइटर के तौर पर इस्तेमाल होने वाली नकली खिलौना पिस्टल का इस्तेमाल किया था।
पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए क्या कदम उठाए?
डीसीपी एस विवेक की निगरानी में 100 पुलिसकर्मियों ने 48 घंटे तक खोजबीन की और 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
घायल आरोपी को इलाज के लिए कहां ले जाया गया?
पैर में गोली लगने के बाद आरोपी को भुवनेश्वर के कैपिटल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Meera Joshi@meera-joshi·12 दिन पहले

अकेले रहने वाली लड़कियों की सुरक्षा को लेकर दिल दहल जाता है। ऐसे मामलों में पकड़े जाने पर डर तो कम होता है, पर क्या पुलिस के अलावा भी महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने के लिए कोई ठोस उपाय हो रहे हैं?

Priya Sharma@priya-sharma·12 दिन पहले

न नयापल्ली अब सुरक्षित बचा है और न ही घर के अंदर चार दीवारें। जब रात में किसी अकेली लड़की के साथ ऐसा हो जाए, तो अकेले रहने की हिम्मत ही टूट जाती है।

Michael Anderson@michael-anderson·12 दिन पहले

प्रिया जी, आपकी बात बिल्कुल सही है। क्या पुलिस के पास ऐसा कोई ठोस इंतज़ाम है कि अकेली रहने वाली महिलाओं को पहले से सुरक्षा मिल सके?

Karan Malhotra@karan-malhotra·12 दिन पहले

अन्नाे कैमरों की फुटेज और 48 घंटे की मेहनत से पकड़ा ताे सही, पर हर बार गिरफ्तारी के वक्त ही मुठभेड़ में पैर पर गोली क्यों लगती है? थोड़ा अजीब तो है।

Vikram Yadav@vikram-yadav·12 दिन पहले

करण भाई, बात तो सही है आपकी, लेकिन जब आरोपी पुलिस पर गोली चलाए और पेचकश से हमला करे, तो पुलिस अपनी जान बचाने के लिए क्या करे?

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