ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में घर के भीतर घुसकर 26 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म करने की सनसनीखेज वारदात के आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया है। चंदका इलाके में हुई मुठभेड़ के बाद आरोपी को हिरासत में लिया गया, जहां पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल आरोपी की पहचान संतोष उर्फ श्रीधर पांडा के रूप में हुई है, जिसे तत्काल उपचार के लिए भुवनेश्वर स्थित कैपिटल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस दल पर गोलियां चलाई थीं और एक पुलिसकर्मी पर पेचकश से वार करने का भी प्रयास किया था।
घर में अकेले पाकर नकाबपोश ने दिया था वारदात को अंजाम
यह खौफनाक घटना बुधवार रात नयापल्ली इलाके में घटित हुई थी। पीड़िता की शिकायत के अनुसार, 26 साल की युवती अपने आवास पर पूरी तरह अकेली थी। उसी दौरान चेहरे पर नकाब बांधे एक अज्ञात व्यक्ति जबरन मकान के अंदर दाखिल हुआ। उसने युवती को डराने के लिए हथियार जैसी दिखने वाली वस्तु निकाली और धमकाते हुए उसके साथ अनाचार किया। घिनौने कृत्य को अंजाम देने के तुरंत बाद हमलावर वहां से फरार हो गया। पीड़िता द्वारा सूचना दिए जाने के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और डीसीपी एस विवेक के सीधे पर्यवेक्षण में विशेष जांच टीमों का गठन कर तलाश शुरू की गई।
100 से अधिक कैमरों की पड़ताल और 48 घंटे का सघन अभियान
भुवनेश्वर के पुलिस कमिश्नर एस देवदत्त सिंह ने मामले का ब्योरा साझा करते हुए बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए बड़े पैमाने पर खोजबीन शुरू की गई थी। पूरे ऑपरेशन में लगभग 100 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, जिन्होंने लगातार 48 घंटे तक इलाके की खाक छानी। आरोपी के भागने की संभावित दिशाओं और आसपास की सड़कों पर लगे 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। वारदात के चंद घंटों के भीतर जांचकर्ताओं को फुटेज से आरोपी की एक तस्वीर हासिल हो गई थी, मगर चेहरा ढका होने और स्पष्टता की कमी के कारण फौरन उसकी पहचान सुनिश्चित नहीं हो सकी थी।
पैदल भागने के बाद बस पकड़ी, फिर चोरी की बाइक से हुआ फरार
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने आरोपी के आने-जाने के रास्तों, सार्वजनिक परिवहन और अन्य वाहनों से संबंधित सुरागों को एक-दूसरे से जोड़ना शुरू किया। तकनीकी निगरानी और फुटेज विश्लेषण से सामने आया कि घटना को अंजाम देकर वह पहले घटनास्थल से पैदल ही बाहर निकला था। कुछ दूरी तय करने के उपरांत वह एक बस में सवार हुआ। आगे जाकर उसने एक मोटरसाइकिल चुराई और उसी दोपहिया वाहन पर सवार होकर शहर से बाहर निकलने की कोशिश करने लगा। पुलिस की टीमें लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थीं और तकनीकी सुरागों का पीछा कर रही थीं।
चंदका में घेराबंदी के दौरान मुठभेड़ और गिरफ्तारी
तकनीकी साक्ष्यों और सूचना तंत्र के आधार पर पुलिस टीमों ने आरोपी की सटीक लोकेशन चंदका इलाके में ट्रेस कर ली। जब पुलिस बल उसे घेरने पहुंचा, तो आरोपी ने आत्मसमर्पण करने के बजाय बच निकलने की हिंसक कोशिश की। उसने पुलिसकर्मियों की तरफ दो राउंड गोलियां दागीं और नजदीक मौजूद एक पुलिस अधिकारी पर नुकीले पेचकश से जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली आरोपी के पैर में जा लगी। गोली लगते ही वह असहाय हो गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया और प्राथमिक उपचार हेतु कैपिटल हॉस्पिटल पहुंचाया।
नकली पिस्टल का खौफ और पुराना आपराधिक इतिहास
पुलिस जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि वारदात के समय युवती को डराने के लिए जिस हथियार का इस्तेमाल किया गया था, वह दरअसल असली बंदूक नहीं थी। वह महज लाइटर के रूप में बनाई गई एक खिलौना पिस्टल थी, जिसके दम पर उसने पीड़िता को आतंकित किया था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी संतोष उर्फ श्रीधर पांडा मूलतः गंजाम जिले का निवासी है और कुछ समय से भुवनेश्वर में ठिकाना बनाए हुए था। उसके खिलाफ पूर्व में भी चोरी के कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस बिंदु पर गहन पूछताछ कर रही है कि क्या वह पीड़िता को पहले से पहचानता था अथवा इस वारदात के पीछे कोई अन्य मंशा थी।



















