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डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद कैसे बढ़ी ट्रांसजेंडर बच्चों के माता-पिता की मानसिक चिंता?अमेरिका
30 अक्तू॰ 2026, 7:08 am (4 मिनट पहले)· 0

डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद कैसे बढ़ी ट्रांसजेंडर बच्चों के माता-पिता की मानसिक चिंता?

एक नई रिसर्च में सामने आया है कि डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रांसजेंडर बच्चों के माता-पिता में डिप्रेशन और बेचैनी काफी बढ़ गई है। शोधकर्ताओं के अनुसार, बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और नीतियों के कारण इन परिवारों का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ है।

अमेरिकी राजनीति में हुए बड़े बदलावों का सीधा असर अब परिवारों के मानसिक स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है। हाल ही में सामने आए एक वैज्ञानिक अध्ययन से पता चलता है कि डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद संभालने के बाद ट्रांसजेंडर बच्चों की परवरिश कर रहे माता-पिता के बीच मानसिक तनाव और डिप्रेशन की समस्या में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस शोध के नतीजे Psychological Science जर्नल में प्रकाशित किए गए हैं, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि राजनीतिक माहौल का असर उन अभिभावकों पर बहुत तेजी से पड़ा जो अपने बच्चों के अधिकारों के लिए खड़े होते हैं।

शोध की रूपरेखा और आंकड़े

इस रिसर्च को पूरा करने के लिए वैज्ञानिकों ने साल 2022 से 2024 के बीच के विभिन्न आंकड़ों का गहराई से अध्ययन किया। इस प्रक्रिया में कुल 73 ट्रांसजेंडर बच्चों और 87 सिजेंडर बच्चों के परिवारों को शामिल किया गया था। सिजेंडर वे लोग होते हैं जिनकी जन्म के समय तय की गई पहचान और उनकी अपनी लैंगिक पहचान एक समान होती है, जबकि ट्रांसजेंडर बच्चों की स्थिति इससे भिन्न होती है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जनवरी 2025 में पद की शपथ लेने के तुरंत बाद, शोधकर्ताओं ने लगातार सात हफ्तों तक साप्ताहिक सर्वे के माध्यम से इन परिवारों से संपर्क साधा और उनके मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच की।

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मानसिक स्वास्थ्य पर राजनीतिक बदलावों का असर

सर्वे के दौरान यह बात सामने आई कि राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण के बाद ट्रांसजेंडर बच्चों के माता-पिता में अवसाद के लक्षण तेजी से बढ़े और उनकी सकारात्मक मानसिक भावनाएं कम होने लगीं। चुनाव से पहले इन अभिभावकों की मानसिक स्थिति सिजेंडर बच्चों के माता-पिता के लगभग समान थी, लेकिन बाद के हफ्तों में उनके भीतर अनिश्चितता और बेचैनी साफ तौर पर देखी गई। शोधकर्ताओं का मानना है कि बच्चों के भविष्य को लेकर बढ़ती असुरक्षा की भावना इस मानसिक गिरावट का सबसे बड़ा कारण रही है। हालांकि माता-पिता के विपरीत, बच्चों के अपने मानसिक स्वास्थ्य में इस शुरुआती दौर में कोई बहुत बड़ा बदलाव नहीं देखा गया, जो यह दर्शाता है कि अभिभावक भावी संकटों को लेकर ज्यादा आशंकित रहते हैं।

सरकारी नीतियां और अभिभावकों की चिंताएं

शोध के दौरान जब माता-पिता से उनकी भावनाओं के बारे में पूछा गया तो कई गंभीर प्रतिक्रियाएं सामने आईं। सर्वे में हिस्सा लेने वाले एक अभिभावक ने राष्ट्रपति के पद संभालने के बाद के समय को अपने जीवन के सबसे कठिन दौर में से एक बताया, जबकि अन्य लोगों ने निराशा और गहरे दुख का अनुभव साझा किया। जानकारों का कहना है कि ट्रांसजेंडर बच्चों के अधिकारों में कटौती की आशंका और नई सरकारी पहलों के कारण इन परिवारों में डर का माहौल बन गया है। ट्रंप प्रशासन द्वारा संभाले गए कार्यभार के बाद से ही ऐसे कई कार्यकारी आदेशों पर चर्चा शुरू हो गई थी जिनका सीधा प्रभाव अल्पसंख्यकों और विशेष समुदायों के जीवन पर पड़ सकता है।

प्रशासन के फैसले और प्रशासनिक नीतियां

डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने कार्यभार संभालते ही ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े कई नीतिगत मुद्दों पर कदम उठाने शुरू किए, जिनमें शिक्षा क्षेत्र, स्वास्थ्य सेवाएं और सैन्य मामलों से जुड़े नियम शामिल हैं। इनमें नाबालिगों के लिए जेंडर-पुष्टि करने वाले चिकित्सकीय उपायों पर नियंत्रण लगाने के प्रयास भी प्रमुख रूप से शामिल रहे। इसके अलावा, उन शैक्षणिक संस्थानों की सरकारी फंडिंग रोकने की दिशा में भी कदम उठाए गए जो ट्रांसजेंडर छात्रों का समर्थन करते थे। महिलाओं की खेल प्रतियोगिताओं में ट्रांसजेंडर महिलाओं और लड़कियों के प्रवेश को सीमित करने की नीति भी इस एजेंडे का अहम हिस्सा रही, जिसके कारण संबंधित परिवारों की मुश्किलें और अधिक बढ़ गईं।

अध्ययन की सीमाएं और आगे की दिशा

शोधकर्ताओं ने इस बात को भी रेखांकित किया है कि यह अध्ययन एक सीमित दायरे में किया गया था और इसमें शामिल परिवारों का डेटा केवल सात हफ्तों तक ही जुटाया गया था। इस वजह से इसे अमेरिका के सभी ट्रांसजेंडर परिवारों की संपूर्ण तस्वीर नहीं माना जा सकता है। जानकारों का सुझाव है कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य का परिवारों पर पड़ने वाले दीर्घकालिक प्रभावों को समझने के लिए भविष्य में और अधिक व्यापक स्तर पर शोध किए जाने की आवश्यकता है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सामाजिक और राजनीतिक बहसों का इन संवेदनशील समूहों पर किस प्रकार का निरंतर प्रभाव पड़ता है।

सवाल-जवाब

यह स्टडी किस रिसर्च जर्नल में प्रकाशित हुई है?
यह अध्ययन Psychological Science नामक रिसर्च जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
इस रिसर्च में कितने बच्चों और परिवारों को शामिल किया गया था?
इस रिसर्च में 73 ट्रांसजेंडर बच्चों और 87 सिजेंडर बच्चों के साथ उनके माता-पिता को शामिल किया गया था।
डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति पद की शपथ कब ली थी?
डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी 2025 में राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी।
शोधकर्ताओं ने सर्वे कितने हफ्तों तक चलाया?
शोधकर्ताओं ने शपथ ग्रहण के बाद सात हफ्तों तक हर सप्ताह सर्वे किया।
माता-पिता में किस तरह के मानसिक बदलाव देखे गए?
माता-पिता में डिप्रेशन के लक्षण बढ़े और उनकी सकारात्मक भावनाओं में कमी दर्ज की गई।
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