न्यूयॉर्क के वैश्विक मंच पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन की शुरुआत पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात और संघर्ष पर चर्चा के साथ की। मंच पर आते ही उन्होंने असफल रहे समझौता ज्ञापनों का उल्लेख करते हुए पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की तारीफों के पुल बांधे। शरीफ का यह भाषण एक बार फिर भारत विरोधी बयानों और पुरानी असफल प्राथमिकताओं से घिरा नजर आया।
ऑपरेशन सिंदूर और आसिम मुनीर की प्रशंसा
अपने भाषण के दौरान शहबाज शरीफ की जुबान पर एक बार फिर ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र आया, जिसमें उन्होंने मनगढ़ंत दावों के सहारे एक बार फिर आसिम मुनीर की प्रशंसा की। इस पूरे संबोधन के दौरान उनकी बातों में पाकिस्तानी हुक्मरानों का डर भी साफ तौर पर झलकता दिखाई दिया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी विशेष रूप से शुक्रिया अदा किया, जिसे उन्होंने अपने भाषण में कई बार दोहराया।
कश्मीर राग और सिंधु नदी समझौते पर चेतावनी
अंतरराष्ट्रीय मंच का उपयोग करते हुए शहबाज शरीफ ने एक बार फिर कश्मीर का पुराना और बेबुनियाद राग अलापना शुरू कर दिया। इसके अलावा उन्होंने सिंधु नदी समझौते को लेकर भारत को आड़े हाथों लेते हुए चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह युद्ध का कृत्य है और भारत को कोई भी गलती नहीं करनी चाहिए। उनके इस बयान ने एक बार फिर दोनों देशों के बीच जल बंटवारे और कूटनीतिक तनाव को हवा देने का काम किया है।



















