उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव से पहले विधायक छोटे लाल वर्मा के निधन से बदला समीकरणउदयपुर में लाला मिष्ठान भंडार की मिठास, डेढ़ सदी बाद भी किफायती दामों पर मिल रहे देसी घी के गुलाब जामुनबेंगलुरु में वेतन विवाद पर पत्नी की गला घोंटकर हत्या, तीन दिन तक शव के साथ रहा पति गिरफ्तारअमेरिकी सीनेट में आया नया इमिग्रेशन बिल, पॉइंट्स सिस्टम से ग्रीन कार्ड मिलने पर बढ़ सकती हैं भारतीय प्रोफेशनल्स की मुश्किलेंचुनाव आयोग के खिलाफ सड़क पर उतरा विपक्ष, ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस और राजद का जोरदार प्रदर्शनशी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप की शिखर बैठक के बाद अटलांटा पहुंचेगा चीनी पांडा का नया जोड़ाडॉलर के मुकाबले 96 के स्तर पर संभला रुपया, केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप और कच्चे तेल के दबाव के बीच ब्याज दर बढ़ोतरी की सुगबुगाहटवैवाहिक जीवन में सिर्फ प्रेम ही काफी नहीं, चाणक्य नीति के अनुसार रिश्ते को मजबूत रखने के 3 जरूरी नियमशाह परिवार के बप्पा उत्सव में माही की बिन बुलाई आमद, गाड़ी में अजनबी को गले लगाते देख अनुपमा के उड़े होशनिचले स्तरों पर लिवाली से संभले सेंसेक्स और निफ्टी, बैंकिंग व ऑटो शेयरों ने दिया सहारा
अमेरिकी सीनेट में आया नया इमिग्रेशन बिल, पॉइंट्स सिस्टम से ग्रीन कार्ड मिलने पर बढ़ सकती हैं भारतीय प्रोफेशनल्स की मुश्किलेंअमेरिका
25 सित॰ 2026, 11:45 am (21 मिनट पहले)· 1

अमेरिकी सीनेट में आया नया इमिग्रेशन बिल, पॉइंट्स सिस्टम से ग्रीन कार्ड मिलने पर बढ़ सकती हैं भारतीय प्रोफेशनल्स की मुश्किलें

अलबामा के सीनेटर टॉमी टबरविले ने 'अमेरिकन्स फर्स्ट इमिग्रेशन एक्ट' पेश किया है, जिसमें रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड की जगह पॉइंट्स व्यवस्था लाने और पुरानी लंबित याचिकाएं रद्द करने का प्रस्ताव है।

संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड हासिल करने के नियम और कायदों में आमूलचूल बदलाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। अलबामा के रिपब्लिकन सीनेटर टॉमी टबरविले ने सीनेट में 'अमेरिकन्स फर्स्ट इमिग्रेशन एक्ट' पेश किया है। इस प्रस्तावित कानून का सीधा असर रोजगार आधारित श्रेणियों के तहत ग्रीन कार्ड की कतार में लगे लाखों विदेशी पेशेवरों पर पड़ सकता है, जिनमें एक बहुत बड़ा वर्ग भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी और तकनीकी विशेषज्ञों का है। नया कानून बनने की स्थिति में मौजूदा रोजगार आधारित इमिग्रेशन श्रेणियों को पूरी तरह हटाकर एक कड़े मेरिट और पॉइंट्स आधारित ढांचे को लागू करने की रूपरेखा तैयार की गई है।

लंबित याचिकाओं के अमान्य होने का खतरा

प्रस्तावित विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, यदि यह व्यवस्था कानून का रूप लेती है, तो वर्तमान में लंबित कई रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड याचिकाएं सीधे तौर पर निष्प्रभावी या अमान्य हो सकती हैं। इसका तकनीकी परिणाम यह होगा कि अमेरिका के भीतर रहकर स्टेटस बदलने (एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस) के लिए दी गई अर्जियां या विदेशों में स्थित अमेरिकी दूतावासों के माध्यम से इमिग्रेंट वीजा हासिल करने के आवेदन खारिज, नामंजूर या रद्द किए जा सकेंगे। कानून बनने से पहले जिन आवेदकों की याचिकाएं औपचारिक मंजूरी पा चुकी हैं, उन्हें केवल उसी स्थिति में वर्तमान नियमों के तहत वीजा मिल पाएगा जब तक संबंधित वित्त वर्ष का तय वार्षिक कोटा समाप्त नहीं हो जाता। जैसे ही उस वित्त वर्ष का सालाना कोटा खत्म होगा, पुरानी व्यवस्था के तहत कोई भी अतिरिक्त वीजा जारी नहीं किया जाएगा।

ये भी पढ़ें

भारतीय पेशेवरों के लिए यह प्रावधान सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। वर्तमान में हजारों ऐसे भारतीय नागरिक हैं जिनकी आई-140 जैसी रोजगार आधारित याचिकाएं वर्षों पहले स्वीकृत हो चुकी हैं, परंतु देशवार कोटा सीमा और भारी बैकलॉग के कारण वे दशकों से स्थायी निवास का इंतजार कर रहे हैं। यदि पुरानी फाइलें निरस्त होती हैं, तो वर्षों की प्रतीक्षा के बावजूद लोगों को नए सिरे से खुद को योग्य साबित करना पड़ेगा। सीनेटर टॉमी टबरविले का तर्क है कि देश की वर्तमान आव्रजन प्रणाली यह तय करने में विफल रही है कि किस प्रकार के हुनरमंद लोगों को देश में प्रवेश मिलना चाहिए। उनका कहना है कि मौजूदा ढांचा लगभग सभी के लिए खुला मंच बन चुका है, जबकि अमेरिका आना एक विशेष अवसर है और यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आने वाला प्रत्येक व्यक्ति अमेरिकी कानूनों का सम्मान करे तथा समाज के विकास में सार्थक योगदान दे।

सालाना 1,92,000 वीजा और न्यूनतम 16 अंकों की बाध्यता

बिल के मसौदे के तहत पूरी दुनिया के आवेदकों के लिए प्रतिवर्ष 1,92,000 पॉइंट्स आधारित इमिग्रेंट वीजा जारी करने की सीमा निर्धारित की गई है। हालांकि, इस संख्या में भी कटौती का प्रावधान रखा गया है। यदि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान ऐसे प्रवासियों की संख्या दर्ज की जाती है जिन्हें किसी कारणवश हिरासत में नहीं लिया गया था या जिन्हें अनिवार्य हिरासत की प्रक्रिया से रिहा कर दिया गया था, तो उनके अनुपात में इस 1,92,000 के कोटे को घटाया जा सकता है।

नए पॉइंट्स आधारित प्रारूप में आवेदन करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के पास संयुक्त राज्य अमेरिका में किसी नियोक्ता से वास्तविक और पक्की नौकरी का वैध प्रस्ताव (जॉब ऑफर) होना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही उसे योग्यता सूची में कम से कम 16 पॉइंट्स अर्जित करने होंगे। उम्र के मोर्चे पर 18 वर्ष से लेकर 51 वर्ष तक के व्यक्तियों को ही इस प्रक्रिया में पात्र माना जाएगा। इसके अतिरिक्त, अंग्रेजी भाषा की अनिवार्य परीक्षा में आवेदक को पांचवें डेसाइल या उससे बेहतर स्तर का स्कोर दर्ज कराना होगा। चयन प्रणाली पूरी तरह प्रतिस्पर्धी होगी, जिसमें वार्षिक वेतन, शैक्षणिक डिग्रियों, अंग्रेजी दक्षता, सैन्य सेवा और असाधारण व्यावसायिक उपलब्धियों के आधार पर अंक दिए जाएंगे और शीर्ष स्कोर पाने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी।

वेतन के कड़े नियम और स्थानीय कर्मचारियों को तरजीह

विधेयक में वेतन मानकों को लेकर बेहद कड़े वित्तीय प्रतिबंध प्रस्तावित किए गए हैं। जिन विदेशी आवेदकों के पास नियमों के अनुकूल मान्य अमेरिकी उच्च शिक्षा की डिग्री नहीं होगी, उन्हें संबंधित राज्य के सामान्य मीडियन वेतन स्तर से कम से कम 200 प्रतिशत अधिक वेतन पैकेज वाली नौकरी का पक्का प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा। दूसरी तरफ, जिन उम्मीदवारों ने मान्यता प्राप्त अमेरिकी संस्थानों से आवश्यक डिग्री हासिल की है, उनके लिए भी नौकरी का वेतन संबंधित राज्य के मीडियन वेतन का न्यूनतम 150 प्रतिशत होना आवश्यक रखा गया है।

इसके साथ ही अमेरिकी नियोक्ताओं पर स्थानीय नागरिकों को वरीयता देने की कानूनी बाध्यता डाली गई है। किसी भी विदेशी कर्मचारी को बहाल करने से पहले कंपनियों को यह साबित करना होगा कि उन्होंने समान पद के लिए अमेरिकी नागरिकों की भर्ती के ठोस प्रयास किए हैं। यदि कोई अमेरिकी नागरिक विदेशी उम्मीदवार के बराबर या उससे अधिक योग्यता रखता है, तो कंपनी को पहले उस स्थानीय नागरिक को ही काम पर रखना होगा। नियोक्ताओं पर यह पाबंदी भी होगी कि इमिग्रेशन दस्तावेज दाखिल करने की तारीख से 90 दिन पहले तक वे उस पद या उस जैसी भूमिका में कार्यरत किसी भी मौजूदा कर्मचारी की छंटनी नहीं कर सकेंगे। इन समस्त प्रक्रियाओं को पार कर मिलने वाला पॉइंट्स आधारित ग्रीन कार्ड शुरुआत में केवल दो साल की सशर्त अवधि के लिए जारी किया जाएगा।

डाइवर्सिटी लॉटरी की समाप्ति और फैमिली इमिग्रेशन में कटौती

कानूनी बदलावों का दायरा केवल कार्यस्थल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सामाजिक आव्रजन को भी छोटा करने का प्रस्ताव है। बिल के तहत लंबे समय से चली आ रही 'डाइवर्सिटी वीजा लॉटरी' को पूरी तरह खत्म करने की सिफारिश की गई है। परिवार आधारित स्थायी निवास की परिधि को सिकोड़कर केवल पति, पत्नी और अवयस्क बच्चों तक सीमित करने का प्रावधान रखा गया है। इसका अर्थ यह है कि अमेरिकी नागरिकों के माता-पिता, वयस्क संतानों तथा भाई-बहनों को मिलने वाले पारंपरिक ग्रीन कार्ड रास्ते पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे।

अंतरराष्ट्रीय छात्रों के संदर्भ में भी विधेयक कड़े रुख की वकालत करता है। प्रावधान के अनुसार, जो प्रवासी छात्र अमेरिका के पक्के स्थायी निवासी नहीं हैं, उन्हें किसी भी अमेरिकी कॉलेज या विश्वविद्यालय में कम से कम उतनी ट्यूशन फीस और अनिवार्य शुल्क चुकाने होंगे जितने उस राज्य से बाहर के अमेरिकी विद्यार्थियों (आउट-ऑफ-स्टेट छात्रों) से वसूले जाते हैं। यदि कोई शैक्षणिक संस्थान या विश्वविद्यालय इस नियम की अनदेखी करता है या विदेशी छात्रों को रियायती दरें देता है, तो उसे दंड स्वरूप 5 साल की अवधि के लिए अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों को दाखिला देने के अधिकार से वंचित किया जा सकता है।

सवाल-जवाब

अमेरिकन्स फर्स्ट इमिग्रेशन एक्ट किसने पेश किया है?
यह बिल अलबामा के रिपब्लिकन सीनेटर टॉमी टबरविले द्वारा पेश किया गया है।
प्रस्तावित कानून में ग्रीन कार्ड के लिए न्यूनतम कितने पॉइंट्स की आवश्यकता है?
आवेदक के पास अमेरिका में पक्की नौकरी का प्रस्ताव होना चाहिए और उसे कम से कम 16 पॉइंट्स हासिल करने होंगे।
पॉइंट्स सिस्टम के तहत कौन से आयु वर्ग के लोग पात्र होंगे?
इस व्यवस्था के तहत केवल 18 वर्ष से 51 वर्ष की आयु के आवेदक ही पात्र माने जाएंगे।
सालाना कितने पॉइंट्स-आधारित इमिग्रेंट वीजा जारी करने का प्रस्ताव है?
बिल में पूरी दुनिया के लिए हर साल 1,92,000 पॉइंट्स-बेस्ड इमिग्रेंट वीजा जारी करने का प्रावधान रखा गया है।
बिना अमेरिकी डिग्री वाले आवेदकों के लिए वेतन की क्या शर्त रखी गई है?
ऐसे आवेदकों के जॉब ऑफर में वेतन संबंधित राज्य के सामान्य मीडियन वेतन का कम से कम 200 प्रतिशत होना जरूरी है।
विधेयक में परिवार आधारित ग्रीन कार्ड के नियमों में क्या बदलाव प्रस्तावित हैं?
परिवार आधारित ग्रीन कार्ड को केवल पति-पत्नी और नाबालिग बच्चों तक सीमित करने और माता-पिता, भाई-बहनों के रास्ते बंद करने का प्रस्ताव है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp