भारतीय वनडे टीम जब भी इन दिनों मैदान पर उतरती है, तो समर्थकों के मन में यही कौतूहल रहता है कि इस बार क्या नया देखने को मिलेगा। फैंस हमेशा यही प्रार्थना करते हैं कि कोई नया विवाद सामने न आए, लेकिन प्रैक्टिस सेशन के माहौल को देखकर ऐसा लग नहीं रहा था। जब विराट कोहली, रोहित शर्मा, गौतम गंभीर और शुभमन गिल एक साथ नजर आए, तो एक पल के लिए ऐसा लगा कि सब कुछ पटरी पर लौट रहा है। हालांकि, नेट्स के तुरंत बाद विराट कोहली के तेवर और उनकी बॉडी लैंग्वेज ने साफ कर दिया कि पर्दे के पीछे कुछ ऐसा चल रहा है, जिससे वह बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं और उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था।
बैटिंग ऑर्डर बदलने के प्रस्ताव पर भड़के विराट कोहली
सामने आ रही जानकारियों के मुताबिक, टीम मैनेजमेंट इस सीरीज में यशस्वी जायसवाल को प्लेइंग इलेवन में मौका देना चाहता है, लेकिन ओपनिंग स्लॉट में जगह खाली नहीं है। वहीं श्रेयस अय्यर की गैरमौजूदगी में नंबर चार की जगह पर विचार चल रहा है। ऐसी स्थिति में मैनेजमेंट यशस्वी जायसवाल और रोहित शर्मा को पारी की शुरुआत कराते हुए देखना चाहता है, जबकि शुभमन गिल को नंबर तीन पर और विराट कोहली को नंबर चार पर भेजने का विचार है। जैसे ही यह प्रस्ताव विराट कोहली के सामने रखा गया, वह भड़क उठे और बड़बड़ाते हुए सीधे ड्रेसिंग रूम की तरफ लौट गए। विराट का यह गुस्सा काफी हद तक स्वाभाविक भी माना जा रहा है, क्योंकि वनडे फॉर्मेट में उनके नाम जितने भी रिकॉर्ड दर्ज हैं, उनमें से अधिकांश उन्होंने नंबर तीन पर ही बल्लेबाजी करते हुए बनाए हैं।
शुभमन गिल को नंबर तीन पर उतारने की क्या है वजह
तिरुवनंतपुरम से मिल रही खबरों के अनुसार, टीम मैनेजमेंट शुभमन गिल को नंबर तीन पर इसलिए खिलाना चाहता है क्योंकि वह लगातार वनडे क्रिकेट में ओपनिंग करते आए हैं और नई गेंद के खिलाफ उनका प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है। इसके अलावा, तर्क यह भी दिया जा रहा है कि गिल टेस्ट क्रिकेट में लगातार नंबर चार पर खेल रहे हैं, इसलिए उन्हें वनडे फॉर्मेट में भी इस क्रम पर ढलने में ज्यादा परेशानी नहीं होनी चाहिए। विराट के इस प्रस्ताव से साफ इनकार करने के बाद अब सारा दारोमदार और फैसला कप्तान के पाले में आ गया है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि अगला कदम क्या उठाया जाता है।
गौतम गंभीर और विकल्पों को लेकर माथापच्ची
दूसरी तरफ, मुख्य कोच गौतम गंभीर के सामने यह भी दुविधा है कि अगर बैटिंग ऑर्डर में कोई बदलाव नहीं किया जाता है, तो यशस्वी जायसवाल को बाहर बैठना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में रुतुराज गायकवाड़ या नमन धीर में से किसी एक को नंबर चार पर आजमाया जा सकता है। अनुभव के आधार पर रुतुराज गायकवाड़ को पहली प्राथमिकता मिल सकती है, लेकिन इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि वह मुख्य रूप से ओपनर हैं और उनके लिए सीधे मिडिल ऑर्डर में खुद को ढालना आसान काम नहीं होगा। टीम प्रबंधन के लिए इन सभी समीकरणों को साधना और खिलाड़ियों को मनाना एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
















