अरबपति एलन मस्क की अंतरिक्ष अन्वेषण कंपनी स्पेसएक्स ने अपने महाकाय स्टारशिप अंतरिक्ष यान को पहली बार सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा यानी ऑर्बिट तक पहुंचाने में कामयाबी हासिल की है। टेक्सास स्थित प्रक्षेपण केंद्र से रवाना हुए इस भारी-भरकम यान ने अंतरिक्ष में पहुंचकर आधुनिक स्टारलिंक उपग्रहों को तय कक्षा में स्थापित कर दिया। हालांकि, पूरे मिशन के दौरान सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समय से काफी पहले ही स्टारशिप की उड़ान को समाप्त करने का निर्णय लेना पड़ा।
प्रशांत महासागर में उतरा यान, छह चक्कर लगाने की थी मूल योजना
प्रक्षेपण के बाद अपनी यात्रा पूरी करते हुए स्टारशिप प्रशांत महासागर के ऊपर वापस लौटा और हवाई द्वीप के उत्तरी समुद्री क्षेत्र में पानी पर उतरा। समुद्र की सतह को छूते ही यह यान पलट गया और उसमें आग लग गई। मूल परिचालन योजना के तहत स्पेसएक्स इस अंतरिक्ष यान को पूरे 10 घंटे तक अंतरिक्ष में उड़ाना चाहती थी। इस दौरान स्टारशिप द्वारा पृथ्वी के चारों ओर 6 पूर्ण चक्कर लगाए जाने की तैयारी की गई थी। इस महत्वाकांक्षी परीक्षण का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के आगामी मून मिशन 'आर्टेमिस' के लिए अपनी तकनीकी दक्षता और पूरी तैयारी को दुनिया के सामने साबित करना था।
इंजन में तकनीकी रुकावट के बीच मिशन कंट्रोल का साहसिक निर्णय
उड़ान के शुरुआती दौर में स्टारशिप कक्षा तक पहुंचने में लगभग असफल होने की कगार पर आ गया था। प्रक्षेपण के दौरान यान का एक इंजन निर्धारित समय से पहले ही अचानक बंद हो गया था। हालांकि, यान के अन्य सभी सहयोगी सिस्टम पूरी तरह सुचारू रूप से कार्य कर रहे थे, जिसके चलते उस बंद पड़े इंजन के बिना भी यान आगे बढ़ने में सक्षम रहा। शुरुआती कुछ मिनट फ्लाइट कंट्रोलर्स के लिए बेहद तनाव और अनिश्चितता से भरे रहे, लेकिन बारीकी से समीक्षा करने के बाद उड़ान नियंत्रकों ने पूर्व निर्धारित योजना के साथ ही आगे बढ़ने का फैसला किया। इसके उपरांत मिशन कंट्रोल ने उत्साह और शोरगुल के बीच यह घोषणा की कि स्टारशिप ऑर्बिट में पहुंच चुका है।
सावधानी बरतते हुए समय से पहले समाप्त किया गया परीक्षण
कक्षा में प्रवेश करने के कुछ ही देर बाद कंट्रोल रूम ने अतिरिक्त जोखिम न लेते हुए स्टारशिप की उड़ान को समय से पहले समाप्त करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया। स्पेसएक्स ने इस संबंध में जारी एक ऑनलाइन अपडेट में स्पष्ट किया कि शुरुआती चरण में इंजन में आई खराबी के मद्देनजर अत्यधिक सावधानी बरतते हुए मिशन को निर्धारित समय से पहले समाप्त करने का यह कदम उठाया गया।
26 आधुनिक स्टारलिंक सैटेलाइट्स की सफल तैनाती और नासा की प्रतिक्रिया
इस ऐतिहासिक उड़ान में स्टारशिप अपने साथ 26 सबसे उन्नत स्टारलिंक सैटेलाइट्स लेकर गया था। ये अत्याधुनिक उपग्रह पहले से ही अंतरिक्ष में इंटरनेट सेवा प्रदान कर रहे 11,000 पुराने मॉडल्स के विस्तृत नेटवर्क से जुड़ेंगे। कक्षा में पहुंचते ही ये सभी 26 उपग्रह एक-एक करके स्टारशिप के पेलोड बे से बाहर निकले और अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक स्थापित हो गए। नासा ने इस बड़ी उपलब्धि के लिए स्पेसएक्स की सराहना करते हुए बधाई दी। अंतरिक्ष एजेंसी ने रेखांकित किया कि इस पूरे मिशन के दौरान उठाए गए हर कदम को सुरक्षित, जिम्मेदार और विशेष रूप से प्रेरणादायक तरीके से अंजाम दिया गया।



















