अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ले जा रहे हेलीकॉप्टर मरीन वन और एक व्यावसायिक यात्री विमान के बीच मंगलवार को हवा में बेहद कम दूरी रह गई। रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट के पास हुई इस घटना से हवाई यातायात नियंत्रण तंत्र में हड़कंप मच गया। दोनों विमानों के एक-दूसरे के खतरनाक रूप से करीब पहुंचने के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
FAA ने जांच के दिए आदेश
फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने इस घटना की पुष्टि करते हुए आधिकारिक जांच शुरू कर दी है। नागरिक उड्डयन संस्था ने बताया कि रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भर रहे कमर्शियल जेट और राष्ट्रपति के मरीन वन हेलीकॉप्टर के बीच कुछ समय के लिए निर्धारित न्यूनतम सुरक्षित दूरी समाप्त हो गई थी। हालांकि, FAA ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी भी प्रत्यक्ष खतरे में नहीं थे और दोनों विमान बिना किसी दुर्घटना के अपनी-अपनी मंजिलों तक सुरक्षित पहुंच गए।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर चिंता
इस खतरनाक वाकये ने जनवरी 2025 की उस भीषण विमान दुर्घटना की याद ताजा कर दी है, जिसमें इसी तरह की चूक के कारण 67 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी। उस दर्दनाक हादसे के बाद अमेरिकी विमानन विभाग द्वारा कड़े हवाई सुरक्षा दिशा-निर्देश लागू किए गए थे। इसके बावजूद राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर के साथ घटित इस घटना से पता चलता है कि सुरक्षा मानकों का पालन सही तरीके से नहीं हो पा रहा है, जिसके चलते अब पूरे एयर ट्रैफिक कंट्रोल संचालन की समीक्षा की जा रही है।



















