अटलांटिक महासागर के खुले पानी में मौसम ने करवट ली है और साल 2026 के चक्रवाती चक्र का छठा तूफानी सिस्टम सक्रिय रूप ले चुका है। मौसम विज्ञानियों ने इस चक्रवाती गतिविधि को उष्णकटिबंधीय तूफान 'फे' नाम दिया है। बीस सितंबर को जारी आधिकारिक मौसम बुलेटिन के अनुसार, यह सिस्टम फिलहाल तटीय आबादी और मुख्य भूमि से सैकड़ों किलोमीटर दूर केंद्रित है। अमेरिकी तटरेखा अथवा आबादी वाले द्वीपों के लिए इस प्रणाली से किसी सीधी तबाही या तेज हवाओं का सीधा खतरा नहीं जताया गया है, मगर वैज्ञानिक बिरादरी इस पूरे सीजन के असामान्य बर्ताव पर पैनी नजर बनाए हुए है।
उष्णकटिबंधीय तूफान और हरीकेन के वर्गीकरण में क्या फर्क है
खुले समंदर की सतह पर जब वायुमंडलीय दबाव बहुत गिर जाता है और तूफानी चक्रवात जन्म लेता है, तो उसकी तीव्रता और गति के आधार पर उसका नामकरण और तकनीकी वर्गीकरण तय किया जाता है। मौजूदा समय में फे को एक उष्णकटिबंधीय तूफान माना गया है। इसका मतलब यह है कि इसके केंद्र के इर्द-गिर्द घूमने वाली हवाओं का वेग साधारण मौसमी आंधी या बारिश वाले बादलों से कहीं अधिक तेज हो चुका है। मौसम विज्ञान के स्थापित नियमों के मुताबिक, किसी भी चक्रवाती तूफान को हरीकेन का दर्जा केवल तब दिया जाता है जब उसकी निरंतर हवा की रफ्तार कम से कम 119 किलोमीटर प्रति घंटा या उससे अधिक दर्ज की जाए। चूंकि फे की वर्तमान गति इस सीमा से काफी नीचे है, इसलिए इसे अभी हरीकेन की श्रेणी में नहीं रखा गया है।
महासागर में तूफान की मौजूदा स्थिति और आगे बढ़ने की दिशा
रविवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 5 बजे दर्ज किए गए आंकड़ों के मुताबिक, तूफान फे अजोर्स द्वीप समूह से लगभग 725 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम दिशा में महासागर के बीच मौजूद था। उस वक्त इस चक्रवाती घेरे के भीतर हवा की रफ्तार लगभग 72 किलोमीटर प्रति घंटा मापी गई थी। यह मौसमी सिस्टम उत्तर-उत्तर-पूर्व दिशा की तरफ करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटा की सुस्त रफ्तार से बढ़ रहा है। मौसम मॉडल के विश्लेषण बताते हैं कि अगले लगभग एक दिन तक यह इसी दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके उपरांत सोमवार से इसकी दिशा में बदलाव आ सकता है और यह सिस्टम दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर मुड़ सकता है।
फ्लोरिडा में तूफान का सीधा असर नहीं लेकिन भारी बारिश का अंदेशा
जमीनी इलाकों से सुरक्षित दूरी पर होने की वजह से दक्षिण फ्लोरिडा के लिए किसी भी तरह की तूफान या चक्रवात चेतावनी लागू नहीं की गई है। इसके बावजूद मियामी और फोर्ट लॉडरडेल के निवासियों के लिए मौसम का दूसरा रूप परेशानी का सबब बन रहा है। इन शहरों में दिन के वक्त भीषण गर्मी और चिपचिपी उमस का माहौल बना हुआ है, जिसके बाद दोपहर तथा शाम के वक्त तेज बादलों की गड़गड़ाहट और मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। कमजोर जलनिकासी वाले रिहायशी हिस्सों और व्यस्त सड़कों पर अचानक जलभराव का संकट पैदा हो सकता है। कई स्थानों पर कुछ ही घंटों के भीतर कई इंच पानी बरसने की आशंका है, जिससे स्थानीय यातायात बाधित हो सकता है।
क्या फे के हरीकेन में तब्दील होने की संभावना है
आगामी दिनों में फे के एक ताकतवर हरीकेन का रूप धारण करने के आसार बहुत क्षीण नजर आ रहे हैं। वायुमंडलीय आकलन के अनुसार, अगले 12 से 24 घंटों के दौरान फे की हवाओं में मामूली तेजी आ सकती है और यह थोड़ा संगठित हो सकता है। हालांकि इसके तुरंत बाद वायुमंडल की तेज ऊपरी हवाएं और सूखे मौसम की स्थिति इसके चक्रवाती ढांचे को बिखेरने का काम करेंगी। अनुमान है कि मंगलवार का दिन आते-आते फे कमजोर पड़कर महज एक सामान्य निम्न दबाव के क्षेत्र में सिमट जाएगा और इस सप्ताह के समाप्त होने तक समंदर में ही पूरी तरह विलीन हो जाएगा।
1914 के बाद पहली बार बन रहा है ऐसा ऐतिहासिक संयोग
अटलांटिक महासागर में चल रहा साल 2026 का यह तूफानी मौसम मौसम विज्ञान के इतिहास में दर्ज होने की कगार पर है। आधिकारिक सीजन 30 नवंबर तक चलता है और यदि इस तारीख तक अटलांटिक बेसिन में एक भी हरीकेन दर्ज नहीं होता, तो सौ से अधिक वर्षों के इतिहास में यह केवल तीसरी बार होगा। इससे पूर्व पूरे सीजन में किसी भी हरीकेन के न बनने की दुर्लभ घटना केवल 1907 और 1914 में देखी गई थी। आधुनिक उपग्रह निगरानी प्रणाली और सैटेलाइट युग की शुरुआत के बाद से आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ कि सितंबर के इस पड़ाव तक एक भी हरीकेन न बना हो।



















