मणिपुर की इंफाल घाटी में मंगलवार को एनआरसी को अपडेट करने की पुरजोर मांग के बीच 48 घंटे के सामान्य शटडाउन ने दैनिक गतिविधियों को लगभग रोक दिया, जिससे परिवहन और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह प्रभावित हुए।
शटडाउन की वजह और समय
इस विरोध प्रदर्शन का आह्वान कैंपेन फॉर जस्ट एंड फेयर डेलिमिटेशन (JFD) नामक संगठन द्वारा किया गया है। उनकी मुख्य मांग है कि वर्ष 2027 की जनगणना प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले राज्य में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर यानी एनआरसी को अद्यतन किया जाए। यह बंद सोमवार आधी रात से शुरू हुआ था और यह बुधवार आधी रात तक प्रभावी रहना तय किया गया है।
विभिन्न जिलों में असर और सड़कों पर प्रदर्शन
शटडाउन के कारण इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट, थौबल, बिष्णुपुर, काकचिंग और जिरिबाम जिलों के कई हिस्सों में सड़कें पूरी तरह सूनी नजर आईं और दुकानें बंद रहीं। प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख मार्गों पर टायर जलाकर और खुद खड़े होकर यातायात को बाधित किया। इस दौरान सरकारी अधिकारियों, विशिष्ट व्यक्तियों यानी वीआईपी, चिकित्सकों और सुरक्षा कर्मियों के वाहनों की आवाजाही भी रुक गई। शाम को भारी बारिश होने के बावजूद महिला प्रदर्शनकारियों और अन्य कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर डटे रहकर अपना विरोध जताया।
पुलिस कार्रवाई और झड़पें
स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह बंद कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहा, हालांकि कुछ जगहों पर तनाव और हल्की झड़पें देखने को मिलीं। एक घटना के दौरान सुरक्षा बलों के काफिले द्वारा कथित तौर पर एक मॉक बम का इस्तेमाल किए जाने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। इसके अलावा इंफाल ईस्ट के पोरमपट इलाके में पुलिस कार्रवाई के दौरान कम से कम चार महिला प्रदर्शनकारी घायल हो गईं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (JNIMS) में भर्ती कराया गया।
स्थानीय समूहों और एनएच-37 पर असर
काकचिंग जिले में अपुन्बा नूपी लुप के सदस्यों और स्थानीय युवाओं ने हियांग्लाम-वाबागाई के इमा मार्केट और लमखाई केइथेल में जोरदार प्रदर्शन किए और वीआईपी काफिलों समेत सभी वाहनों को रोक दिया। इसके साथ ही जिरिबाम के विभिन्न नागरिक समाज संगठनों, छात्र समूहों, मीरा पाइबीस और स्थानीय नागरिकों ने नेशनल हाईवे-37 को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। इससे जिरिबाम को इंफाल से जोड़ने वाले इस बेहद अहम मार्ग पर यातायात ठप हो गया।
दिल्ली में बैठकों का दौर और राजनीतिक हलचल
इस बीच, मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद इंफाल लौटने पर कहा कि केंद्र सरकार राज्य में एनआरसी को अद्यतन करने की मांग को लेकर कोई सकारात्मक कदम उठा सकती है। एन बीरेन सिंह सोमवार को विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ नई दिल्ली पहुंचे थे और उन्होंने गृह मंत्री के समक्ष अपनी बात रखी।
उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि हमने गृह मंत्री को एनआरसी की स्थिति, हड़ताल और चल रहे आंदोलन से जुड़ी तमाम जमीनी हकीकत से अवगत करा दिया है। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान जनसांख्यिकीय असंतुलन समेत मणिपुर से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा हुई और जनगणना से पहले एनआरसी कराए जाने की मांग पर अमित शाह का रुख सकारात्मक रहा।




















