घरेलू जिम्मेदारियों और पारिवारिक भागदौड़ को आसान बनाने के उद्देश्य से गूगल ने अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट सीसी का एक नया अवतार परीक्षण के तौर पर पेश किया है। यह टूल खास तौर पर परिवारों के आपसी तालमेल, रोजमर्रा के कार्यों के नियोजन और घर से जुड़े विविध कामों को स्वचालित ढंग से निपटाने के लिए तैयार किया गया है। ईमेल, कैलेंडर, चैट और टास्क प्रबंधन के बीच समन्वय बनाकर काम करने वाला यह एजेंट बच्चों के स्कूल फॉर्म भरने, खरीदारी की सूची तैयार करने और पूरे हफ्ते के खाने का मेन्यू प्लान करने जैसी जिम्मेदारियों को खुद संभाल सकता है।
व्यक्तिगत उत्पादकता टूल से फैमिली को-ऑर्डिनेटर तक का सफर
शुरुआती दौर में गूगल का सीसी व्यक्तिगत कार्यक्षमता बढ़ाने वाले टूल के रूप में विकसित किया गया था। वह जीमेल, गूगल कैलेंडर, गूगल ड्राइव और वेब से जानकारी जुटाकर यूजर के पूरे दिन का खाका समझता था और इनबॉक्स में 'योर डे अहेड' नाम से एक ब्रीफिंग भेजता था। बाद में मई महीने में इस सुविधा को जेमिनी ऐप के भीतर 'डेली ब्रीफ' के तौर पर शामिल किया गया था।
उपयोगकर्ताओं से मिले सुझावों और प्राथमिकताओं के विश्लेषण के बाद यह बात सामने आई कि लोग इसका इस्तेमाल निजी दफ्तर के कामों से ज्यादा अपने घरेलू प्रबंधन में करना चाहते हैं। अभिभावक और परिवार चाहते थे कि एआई उनके बच्चों के स्कूल रूटीन, खेलकूद के अभ्यास सत्रों, बिजली-पानी के बिलों और मील प्लानिंग को ट्रैक करने में हाथ बंटाए। इसी मांग को देखते हुए गूगल ने सीसी की दिशा बदलकर इसे पूरे परिवार के साझा कामकाज को साधने वाला एजेंट बना दिया है। तकनीक की दुनिया में ऑली और फैमबॉट जैसे कई नए स्टार्टअप भी परिवारों के लिए एआई असिस्टेंट विकसित करने में जुटे हैं, और गूगल का यह कदम इसी कड़ी का विस्तार है।
अलग गूगल अकाउंट और छह सदस्यों के बीच डेटा साझा करने की सुविधा
पारिवारिक तालमेल को पारदर्शी और व्यवस्थित रखने के लिए सीसी को अब उसका अपना अलग गूगल अकाउंट दिया जा रहा है। इसका बड़ा लाभ यह है कि एजेंट परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर काम कर सकता है, साथ ही डेटा तक पहुंच के लिए अपनी तय अनुमतियों के दायरे में रहता है। परिवार का प्रत्येक सदस्य यह पूरी तरह खुद तय कर सकता है कि वह सीसी के साथ कौन सी जानकारी साझा करना चाहता है। इसमें स्कूल कार्यक्रमों से जुड़े ईमेल, खेल गतिविधियों के नोटिस, क्लब अपडेट, जन्मदिन पार्टियों के निमंत्रण या डॉक्टरों के अपॉइंटमेंट शामिल हो सकते हैं।
यूजर्स इन संदेशों को या तो सीसी के ईमेल पते पर फॉरवर्ड कर सकते हैं या फिर ऑटोमेशन सेट कर सकते हैं। ऑटोमेशन के तहत यूजर उन खास ईमेल भेजने वालों का चयन कर सकते हैं जिनके संदेश हमेशा स्वतः सीसी को मिल जाएं, जैसे कि स्कूल, खेल टीमें, क्लब या ट्रेवल एजेंसियां। इतना ही नहीं, सीसी हर हफ्ते खुद भी सुझाव देगा कि कौन से नए प्रेषकों को इस लिस्ट में जोड़ा जा सकता है। वर्तमान में यह टूल परिवार के अधिकतम छह सदस्यों को एक साथ जोड़ने और उनके साथ तालमेल बैठाने का समर्थन करता है।
कैलेंडर एंट्री से लेकर फॉर्म भरने तक के कई काम
ईमेल प्रबंधन के अलावा यह एजेंट घर के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और जरूरी कामों को कैलेंडर या साझा टास्क लिस्ट में खुद-ब-खुद जोड़ देता है। मिसाल के तौर पर, यदि डेंटिस्ट या ऑर्थोडॉन्टिस्ट से अगली मुलाकात का पुष्टिकरण ईमेल आए अथवा स्कूल किसी शिक्षक कार्यदिवस की घोषणा करे, तो सीसी उसे तुरंत साझा फैमिली कैलेंडर पर दर्ज कर देता है।
इसके अलावा यह एजेंट स्कूल के अनुमति पत्र या गतिविधियों के रजिस्ट्रेशन से जुड़े पीडीएफ फॉर्म भरने, स्कूल सामग्री की खरीदारी सूची तैयार करने, हफ्ते भर के भोजन की योजना बनाने, दो गतिविधियों के बीच कार चलाने में लगने वाले समय का हिसाब लगाने और साझा डॉक्स या शीट्स फाइलें बनाने जैसे व्यावहारिक काम भी संभाल सकता है। यदि किसी फॉर्म को पूरा करने के लिए जरूरी जानकारी कम पड़ती है, तो एजेंट खुद परिवार के सदस्यों से संपर्क कर वह विवरण मांगता है और अपनी ग्रुप मेमोरी को अपडेट कर लेता है ताकि भविष्य में दोबारा वही सवाल न पूछना पड़े।
क्लाउड सिस्टम, वर्तमान सीमाएं और उम्र की पाबंदी
तकनीकी संरचना के लिहाज से सीसी पूरी तरह अलग क्लाउड कंप्यूटर पर संचालित होता है, जिसे जेमिनी और गूगल के एजेंटिक फ्रेमवर्क एंटीग्रेविटी की शक्ति मिलती है। फिलहाल यह प्रयोग केवल अमेरिका के उन उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराया गया है, जिनके पास व्यक्तिगत जीमेल खाता है और जिनकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक है।
अठारह साल की न्यूनतम आयु सीमा इस सिस्टम की एक बड़ी तकनीकी और व्यावहारिक अड़चन भी पेश करती है। इसका सीधा अर्थ है कि बड़े बच्चे या टीनएजर्स तब तक सीधे इस सेवा से नहीं जुड़ सकते जब तक कि उनके खाते में उम्र गलत दर्ज न हो। इसके अलावा वे अपने स्कूल द्वारा दिए गए आधिकारिक ईमेल आईडी से भी इसे नहीं जोड़ सकते, भले ही उनके स्कूल क्रोमबुक्स और गूगल ऐप्स पर पूरी तरह निर्भर हों और उनके इनबॉक्स स्कूल से जुड़ी जानकारियों से भरे रहते हों। हालांकि यह टूल उन बड़े संयुक्त परिवारों के लिए बहुत मददगार साबित हो सकता है जहां माता-पिता को दादा-दादी, नैनियों, घरेलू सहायकों या साथ रह रहे वयस्क बच्चों के बीच जिम्मेदारियों का बंटवारा करना होता है। वर्तमान में सीसी का इस्तेमाल कर रहे पुराने यूजर्स को आने वाले दिनों में ईमेल के जरिए अपग्रेड का न्योता मिलेगा, जबकि नए इच्छुक लोग इसकी वेटलिस्ट में शामिल हो सकते हैं।
















