चेहरे की त्वचा पर नजर आने वाले छोटे रोमछिद्र जब सामान्य से अधिक चौड़े और गड्ढेदार दिखने लगें, तो यह अक्सर त्वचा की गलत देखभाल का संकेत होता है। कई बार लोग अनजाने में ऐसी गलतियां दोहराते रहते हैं, जो त्वचा की प्राकृतिक नमी और संतुलन को नुकसान पहुंचाती हैं। इन आदतों को समझकर अपने दैनिक रूटीन में जरूरी बदलाव करना बेहद जरूरी है, ताकि त्वचा की चमक और बनावट दोनों सुरक्षित रह सकें।
दिन में बार-बार चेहरा धोने की आदत
अतिरिक्त तेल को साफ करने की कोशिश में कई लोग दिन में कई बार फेस वॉश का सहारा लेते हैं। जरूरत से ज्यादा सफाई करने से त्वचा का प्राकृतिक सुरक्षात्मक तेल पूरी तरह धुल जाता है। इस नुकसान की भरपाई करने के लिए त्वचा की ग्रंथियां और अधिक तेजी से सीबम बनाने लगती हैं। नतीजा यह होता है कि रोमछिद्र अतिरिक्त तेल से भर जाते हैं और आकार में अधिक बड़े दिखाई देने लगते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार दिन में केवल दो बार किसी हल्के क्लींजर से चेहरा धोना पूरी तरह पर्याप्त माना जाता है।
सोने से पहले मेकअप न हटाना
थकान अथवा आलस के कारण कई बार लोग रात को मेकअप साफ किए बिना ही बिस्तर पर चले जाते हैं। रातभर त्वचा पर मेकअप की परत रहने से दिनभर की धूल, पसीना और सीबम त्वचा की सतह पर फंसे रह जाते हैं। यह जमाव रोमछिद्रों को पूरी तरह बंद कर देता है, जिसके कारण ब्लैकहेड्स की शिकायत तेजी से बढ़ती है और रोमछिद्र खिंचकर बड़े नजर आने लगते हैं। इसलिए रात को सोने से पहले चेहरे की सौम्य सफाई अनिवार्य मानी जाती है।
स्क्रब और एक्सफोलिएशन का अति उपयोग
त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने के लिए स्क्रब का अत्यधिक प्रयोग त्वचा की बाहरी सुरक्षा परत को गंभीर चोट पहुंचाता है। जरूरत से ज्यादा एक्सफोलिएशन करने पर चेहरे पर लालिमा, खुजली और जलन हो सकती है, जिससे बचाव के लिए त्वचा अतिरिक्त तेल का स्राव शुरू कर देती है। चेहरे को सप्ताह में केवल 1 से 2 बार ही एक्सफोलिएट करने का परामर्श दिया जाता है, जिसके लिए घर पर बने प्राकृतिक स्क्रब का भी चयन किया जा सकता है।
गलत और भारी कॉस्मेटिक उत्पादों का चयन
तैलीय त्वचा पर बहुत अधिक गाढ़ी क्रीम अथवा तेल आधारित सौंदर्य प्रसाधनों का इस्तेमाल नुकसानदेह साबित होता है। इस तरह के भारी उत्पाद त्वचा के छिद्रों में फंस जाते हैं और उन्हें अवरुद्ध कर देते हैं। इस समस्या से बचने के लिए हमेशा नॉन-कॉमेडोजेनिक फॉर्मूलेशन वाले स्किनकेयर उत्पादों का चुनाव करना समझदारी भरा कदम माना जाता है।
पिंपल्स और ब्लैकहेड्स को हाथ से दबाना
चेहरे पर उभरे मुहांसों या ब्लैकहेड्स को बार-बार उंगलियों से छूना, दबाना अथवा नोचना त्वचा में अंदरूनी सूजन पैदा करता है। इस आदत से चेहरे पर स्थायी दाग-धब्बे बन जाते हैं और रोमछिद्रों की दीवारें ढीली होकर पहले से कहीं अधिक चौड़ी और गड्ढेदार नजर आने लगती हैं। ऐसी परेशानियों के समाधान के लिए त्वचा रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए या सही उपचार चुनना चाहिए।
खानपान में मीठे और प्रोसेस्ड आहार की अधिकता
आहार का सीधा संबंध त्वचा के स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। भोजन में बहुत अधिक मीठा और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन करने से शरीर में सूजन और तेल उत्पादन में अवांछित वृद्धि दर्ज की जाती है। ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से त्वचा अंदर से मजबूत और संतुलित रहती है।
धैर्य की कमी और जल्दी-जल्दी उत्पाद बदलना
तुरंत चमत्कारिक नतीजे पाने की उम्मीद में हर कुछ हफ्तों में नए स्किनकेयर उत्पाद बदलते रहना त्वचा के लिए परेशानी का सबब बनता है। यह जल्दबाजी त्वचा में जलन और असंतुलन बढ़ा देती है। किसी भी संतुलित रूटीन का वास्तविक प्रभाव देखने के लिए कम से कम 6 से 8 सप्ताह का समय देना आवश्यक होता है। यद्यपि बड़े रोमछिद्रों को पूरी तरह गायब करने का कोई जादुई उपाय उपलब्ध नहीं है, परंतु नियमित सनस्क्रीन, उचित स्किनकेयर और संतुलित खानपान की मदद से त्वचा को अधिक मुलायम और स्वस्थ बनाया जा सकता है।

















