कगिसो रबाडा के नाम दर्ज हुआ अनचाहा रिकॉर्ड, टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले अफ्रीकी बल्लेबाज बनेबेयरडायनामिक एमएमएक्स 330 प्रो रिव्यू (2026): गेमर्स के लिए ओपन-बैक वायर्ड हेडफोन्स की पूरी परखलाइव: आंध्र प्रदेश के तट से टकरा रहा चक्रवात अर्णब, कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारीअगले 218 दिनों तक वृषभ, मकर और तुला समेत तीन राशियों पर रहेगी शनि की विशेष कृपा, मिलेगी सफलतामंत्रालय की हरी झंडी के बाद सेंसर बोर्ड की स्क्रीनिंग का इंतजार कर रही सलमान खान की मातृभूमिउत्तर कोरिया को पाले में करने की होड़ में चीन और रूस, ट्रंप की बढ़ सकती हैं मुश्किलेंबैंक ऑफ अमेरिका की चेतावनी, एआई एजेंट को न दें अपने बैंकिंग पासवर्डलालजी पांडेय से अंजान बनने तक का सफर, जिन्होंने अमिताभ बच्चन को दिए थे 1500 से ज्यादा सुपरहिट गानेवृश्चिक राशिफल 28 अक्टूबर: संवाद में व्यंग्य से बचें और साझे काम में जिम्मेदारियां स्पष्ट रखेंसिंह राशिफल 28 अक्टूबर: उच्च के गुरु और अष्टम शनि के बीच खर्च पर नियंत्रण और काम में स्पष्टता रखें
इंटरनेट यूजर्स के लिए गूगल ने शुरू किया सिन्थआईडी पोर्टल, फर्जी और एआई कंटेंट की होगी सीधी पहचानऐप्स
11 अक्तू॰ 2026, 12:06 am (17 दिन पहले)· 2

इंटरनेट यूजर्स के लिए गूगल ने शुरू किया सिन्थआईडी पोर्टल, फर्जी और एआई कंटेंट की होगी सीधी पहचान

गूगल ने सिन्थआईडी तकनीक पर आधारित एक नया सार्वजनिक वेब पोर्टल शुरू किया है, जिसके जरिए आम इंटरनेट यूजर किसी भी फोटो, वीडियो या ऑडियो फाइल की जांच करके पता लगा सकते हैं कि उसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई से तैयार किया गया है या नहीं।

डिजिटल दुनिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बने फर्जी और भ्रामक कंटेंट की पहचान को आसान बनाने के लिए गूगल ने मंगलवार को एक नई वेबसाइट की शुरुआत की है। इस सार्वजनिक ऑनलाइन टूल की मदद से अब कोई भी सामान्य यूजर किसी भी फोटो, वीडियो या ऑडियो क्लिप को अपलोड करके यह जान सकता है कि उसे एआई टूल्स की मदद से तैयार किया गया है अथवा नहीं। पिछले साल गूगल आई/ओ सम्मेलन के दौरान कंपनी ने इस तकनीक को परीक्षण के तौर पर केवल चुनिंदा पत्रकारों, मीडिया पेशेवरों और शोधकर्ताओं को उपलब्ध कराया था, लेकिन अब इस डिटेक्शन टूल को पूरी दुनिया के आम लोगों के लिए खोल दिया गया है।

विभिन्न फाइल फॉर्मेट्स की जांच करने की क्षमता

जांच प्रक्रिया को व्यापक और सुलभ बनाने के लिए इस वेब पोर्टल पर मल्टीमीडिया फॉर्मेट्स की एक लंबी सूची का समर्थन दिया गया है। तस्वीरों की बात करें तो यूजर जेपीजी, जेपीईजी, पीएनजी, बीएमपी, वेबपी, एवीआईएफ, एचईआईसी, एचईआईएफ, टीआईएफएफ, टीआईएफ और जीआईएफ फॉर्मेट वाली फाइलों की जांच कर सकते हैं। वहीं वीडियो श्रेणी में यह टूल एमपी4, एमओवी और वेबएम फाइलों का विश्लेषण करने में सक्षम है। इसके अतिरिक्त ऑडियो क्लिप्स की प्रामाणिकता जांचने के लिए पोर्टल वेव, एमपी3, ओजीजी, फ्लैक, एएसी और एम4ए जैसे प्रमुख फॉर्मेट्स को सपोर्ट करता है, जिससे लगभग हर तरह का डिजिटल कंटेंट आसानी से परखा जा सकता है।

ये भी पढ़ें

सिन्थआईडी तकनीक और तकनीकी कंपनियों का सहयोग

कंटेंट की पहचान करने के लिए गूगल अपनी सिन्थआईडी वाटरमार्किंग तकनीक का उपयोग कर रहा है, जिसे कंपनी ने पहली बार साल 2023 में पेश किया था। गूगल के कई प्रमुख जेनेरेटिव मॉडल जैसे नैनो बनाना, वेओ और लिरिया, तथा जेमिनी, फ्लो, प्रोड्यूसरएआई और विड्स जैसे डिजिटल निर्माण उपकरण अपने बनाए हर मीडिया कंटेंट पर सिन्थआईडी वाटरमार्क दर्ज करते हैं। सिर्फ गूगल ही नहीं, बल्कि ओपनएआई, एनवीडिया और काकाओ जैसी कंपनियां भी सिन्थआईडी तकनीक का समर्थन करती हैं, जिसमें ओपनएआई कंटेंट की पड़ताल के लिए अपनी अलग साइट भी संचालित करता है। इसके अलावा एप्पल द्वारा भी जल्द ही इस तकनीक का समर्थन जोड़ने की बात सामने आई है।

ब्राउजर इंटीग्रेशन और मौजूदा चुनौतियां

गूगल ने कंटेंट वेरिफिकेशन की इस सुविधा को सीधे अपने जेमिनी ऐप और गूगल क्रोम ब्राउजर के अंदर भी एकीकृत कर दिया है। आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में लोग सामग्री की सत्यता परखने के लिए प्रतिदिन 10 लाख वेरिफिकेशन रिक्वेस्ट भेज रहे हैं। तकनीक जगत में माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी अन्य दिग्गज कंपनियों ने भी डिजिटल वाटरमार्किंग और कंटेंट वेरिफिकेशन के अपने अलग मानक तैयार किए हैं। हालांकि, ये सभी डिटेक्शन टूल पूरी तरह अचूक नहीं हैं और अक्सर खुद अपने ही मॉडल्स द्वारा तैयार की गई सामग्री की सही पहचान करने में चूक जाते हैं।

सवाल-जवाब

गूगल की सिन्थआईडी वेबसाइट असल में क्या काम करती है?
यह वेबसाइट किसी भी अपलोड की गई फोटो, वीडियो या ऑडियो फाइल का विश्लेषण करके बताती है कि वह एआई की मदद से बनाई गई है या नहीं।
इस नए पोर्टल पर कौन-कौन से फोटो फॉर्मेट्स की जांच की जा सकती है?
पोर्टल पर जेपीजी, जेपीईजी, पीएनजी, बीएमपी, वेबपी, एवीआईएफ, एचईआईसी, एचईआईएफ, टीआईएफएफ, टीआईएफ और जीआईएफ फाइलों की जांच की जा सकती है।
वीडियो और ऑडियो में किन प्रमुख फॉर्मेट्स को सपोर्ट दिया गया है?
वीडियो के लिए एमपी4, एमओवी और वेबएम, जबकि ऑडियो के लिए वेव, एमपी3, ओजीजी, फ्लैक, एएसी और एम4ए फॉर्मेट समर्थित हैं।
गूगल के अलावा कौन सी अन्य कंपनियां सिन्थआईडी तकनीक का समर्थन करती हैं?
ओपनएआई, एनवीडिया और काकाओ सिन्थआईडी का समर्थन करते हैं, जबकि एप्पल के बारे में कहा गया है कि वह जल्द ही इसका समर्थन जोड़ेगा।
वर्तमान में रोजाना कितने वेरिफिकेशन रिक्वेस्ट इस सिस्टम पर आ रहे हैं?
गूगल के अनुसार, मौजूदा समय में लोग कंटेंट की प्रामाणिकता जांचने के लिए प्रतिदिन 10 लाख रिक्वेस्ट भेज रहे हैं।
क्या ये एआई डिटेक्शन टूल पूरी तरह से सही नतीजे देते हैं?
नहीं, ये टूल अचूक नहीं हैं और कई बार खुद अपनी ही निर्माता कंपनियों के मॉडल्स द्वारा बनाए गए कंटेंट की पहचान करने में असफल हो जाते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Tanvi Desai@tanvi-desai·17 दिन पहले

अब एआई वाले फर्जी वीडियो तुरंत पकड़ में आ जाएंगे, बहुत जरूरी फीचर है!

Ravikash Gupta@ravikash·17 दिन पहले

अब असली और एआई वाले कंटेंट में फर्क करना थोड़ा आसान होगा। रोज़ दस लाख लोग चेक कर रहे हैं, मतलब ज़रूरत तो थी ही इसकी। बस देखना ये है कि ये टूल कितना सटीक काम करता है क्योंकि कभी-कभी ये खुद अपनी ही बनाई चीज़ें नहीं पहचान पाते।

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·17 दिन पहले

रविकेश भाई, रोज़ दस लाख चेक्स की बात तो ठीक है, पर जब ये खुद अपने ही एआई टूल्स को नहीं पहचान पाते, तो इस पर पूरा भरोसा करना थोड़ा मुश्किल लगता है।

Rohan Gupta@rohan-gupta·17 दिन पहले

कल ही एक दोस्त ने व्हाट्सएप पर ऐसी वीडियो भेजी थी जिसे देखकर मैं खुद चकरा गया था कि असली है या एआई का कमाल। अब कम से कम खुद चेक तो कर सकेंगे कि इंटरनेट पर क्या सच आ रहा है और क्या फालतू का धोखा।

Michael Anderson@michael-anderson·17 दिन पहले

रोहन, बिल्कुल सही कहा। अमेरिकी चुनावों के समय जो डीपफेक वीडियो घूमते थे, उनसे सच का पता लगाना मुश्किल हो जाता था। कम से कम अब हमारे पास कोई टूल तो है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp