पूर्वोत्तर भारत के सीमांत राज्य अरुणाचल प्रदेश में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और बिजली ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की गई है। राज्य में 132 केवी अलोंग-कंबॉंग ट्रांसमिशन लाइन के साथ-साथ 132/33 केवी कंबॉंग सबस्टेशन का सफल परीक्षण कर उन्हें ग्रिड से जोड़ दिया गया है। इस उच्च क्षमता वाली ट्रांसमिशन प्रणाली के चालू होने से पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की निरंतरता और गुणवत्ता में सुधार देखने को मिलेगा।
वेस्ट सियांग और पड़ोसी क्षेत्रों के लिए भविष्य का दूरदर्शी निवेश
राज्य के उपमुख्यमंत्री चौना मेन, जिनके पास ऊर्जा तथा गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोत विभाग का प्रभार भी है, ने इस तकनीकी प्रगति को राज्य के विकास के लिए मील का पत्थर करार दिया। सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर साझा की गई जानकारी में उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अलोंग-कंबॉंग लाइन का सफलता पूर्वक चालू होना केवल एक बुनियादी ढांचा मील का पत्थर नहीं है, बल्कि यह वेस्ट सियांग और आसपास के सभी जिलों के भविष्य में किया गया एक महत्वपूर्ण निवेश है। उन्होंने बताया कि ट्रांसमिशन नेटवर्क के मजबूत होने से पावर ग्रिड की स्थिरता में सुधार होगा और लगातार बढ़ती बिजली की मांग को आसानी से पूरा किया जा सकेगा।
तातो जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण को मिलेगी गति
इस नवनिर्मित बुनियादी ढांचे का एक प्रमुख तकनीकी लाभ शि-योमी जिले में देखने को मिलेगा। कंबॉंग सबस्टेशन और अलोंग लाइन के चालू होने से शि-योमी जिले में निर्माणाधीन तातो जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण कार्यों को आवश्यक और निर्बाध बिजली सहायता प्राप्त होगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम अरुणाचल प्रदेश के तेजी से उभरते बिजली क्षेत्र की नींव को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा। इससे न केवल स्थानीय घरेलू उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिलेगी, बल्कि भविष्य में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों की ऊर्जा आवश्यकताओं को भी पूरा किया जा सकेगा, जिससे पूरे राज्य के आर्थिक परिदृश्य को नई गति मिलेगी।
राज्यव्यापी आधुनिकीकरण योजना और वर्तमान स्थिति
अलोंग-कंबॉंग प्रणाली का शुभारंभ राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे बिजली पारेषण और वितरण नेटवर्क के आधुनिकीकरण के व्यापक अभियान का एक हिस्सा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों तक बिजली की पहुंच को बढ़ाना है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, यह कार्य पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के सुदृढ़ीकरण की व्यापक योजना (CSST&DS) के अंतर्गत निष्पादित किया जा रहा है। इस योजना के तहत कुल 239 बुनियादी ढांचा घटकों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से अब तक 95 घटकों का सफल परीक्षण कर उन्हें चालू किया जा चुका है।
विभिन्न एजेंसियों का सहयोगात्मक प्रयास
इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उपमुख्यमंत्री चौना मेन ने इसमें शामिल सभी संस्थाओं के योगदान की सराहना की। उन्होंने पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (PGCIL), राज्य के ऊर्जा विभाग, परियोजना निष्पादक एजेंसियों, स्थानीय जिला प्रशासन और क्षेत्र के स्थानीय हितधारकों के समन्वित प्रयासों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों के सामूहिक प्रयासों की बदौलत ही इस कठिन इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य को पूरा किया जा सका है, जो आने वाले वर्षों में अरुणाचल प्रदेश की समग्र प्रगति का आधार बनेगा।



















