नई दिल्ली में आयोजित कांग्रेस कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक के बाद पार्टी ने केंद्र सरकार के खिलाफ बहुस्तरीय आंदोलन छेड़ने की पूरी रूपरेखा पेश कर दी है। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि वह अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के दावों, देशव्यापी पेपर लीक मामलों, राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे की कथित अनियमितताओं, परिसीमन प्रक्रिया और संवैधानिक मान-मर्यादा के हनन जैसे संवेदनशील विषयों पर आक्रामक रुख अपनाएगी। इस व्यापक रणनीति के तहत संसद के भीतर और सड़क से लेकर गांव-पंचायत स्तर तक जन-आंदोलन चलाने का फैसला किया गया है।
चीन सीमा विवाद और विदेश नीति पर तीखा हमला
बैठक के उपरांत आयोजित संवाददाताओं के सम्मेलन में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भारत और चीन सीमा पर बने हालात को लेकर सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने दावा किया कि अरुणाचल प्रदेश के इलाके में चीनी आक्रामकता साफ तौर पर देखी गई है। पार्टी की कार्यसमिति ने इस पूर्वोत्तर राज्य में चीनी बुनियादी ढांचे के निर्माण और कथित घुसपैठ को लेकर गहरा संताप व्यक्त किया। इसी क्रम में कांग्रेस संगठन महा सचिव केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार की विदेश नीति सुरक्षा और संप्रभुता के मोर्चे पर पूरी तरह लचीली होकर सरेंडर पॉलिसी में बदल चुकी है। उन्होंने चीन के साथ लगातार बढ़ते व्यापार घाटे का ब्योरा सामने रखते हुए कहा कि इसका सीधा और हानिकारक प्रभाव भारत के छोटे एवं मध्यम उद्योगों (MSME) तथा घरेलू विनिर्माण क्षेत्र पर पड़ रहा है।
दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अरुणाचल प्रदेश में किसी भी प्रकार की चीनी घुसपैठ की खबरों का खंडन किया है। सरकार की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि भारत-चीन सीमा जैसे बेहद संवेदनशील और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषय पर तथ्यहीन या भ्रामक दावे नहीं किए जाने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अरुणाचल प्रदेश से लगी सीमा के कई इलाकों में भौगोलिक स्थिति के कारण अलग-अलग समस्याएं हैं, जिन्हें समझने के लिए इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखना आवश्यक है। केंद्रीय मंत्री ने सीमा क्षेत्र के भीतर 60 किलोमीटर तक चीनी सैनिकों के प्रवेश करने की बात को पूरी तरह असत्य करार दिया।
800 शहरों में 'छात्रों की गूंज' और शिक्षा प्रणाली में सुधार का रोडमैप
देश भर में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए पेपर लीक और युवाओं के भविष्य से जुड़े संकट को लेकर कांग्रेस ने अपने विरोध प्रदर्शन को अधिक तीखा करने की योजना बनाई है। केसी वेणुगोपाल ने जानकारी दी कि पार्टी देश के लगभग 800 छोटे और बड़े शहरों में छात्रों की गूंज नाम से विशेष जागरूकता और विरोध कार्यक्रम आयोजित करेगी। युवाओं से संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से शुरू हो रहे इस राष्ट्रव्यापी अभियान में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी स्वयं कई प्रमुख शहरों में व्यक्तिगत रूप से भाग लेंगे।
इसके साथ ही, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने राज्य स्तर पर प्रशासनिक सुधारों की गति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने अपनी पार्टी के शासन वाले चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों को निर्देश दिया है कि वे शिक्षा व्यवस्था और पारदर्शी परीक्षा तंत्र की बहाली के लिए एक व्यावहारिक रोडमैप तैयार करें। चारों मुख्यमंत्रियों को एक महीने की समयसीमा के भीतर अपनी विस्तृत कार्ययोजना रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि वे अभ्यर्थियों और युवाओं के अधिकारों के लिए पूरी मजबूती से खड़े रहेंगे तथा पेपर लीक के विषय को जमीनी स्तर तक ले जाएंगे।
राम मंदिर 'चंदा चोरी' के आरोपों पर देशव्यापी प्रदर्शन
राम मंदिर निर्माण से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं और चंदा चोरी के आरोपों को भी कांग्रेस ने अपने आंदोलन के प्रमुख बिंदुओं में शामिल किया है। केसी वेणुगोपाल ने घोषणा की कि पार्टी इस मुद्दे पर सभी राज्यों की राजधानियों से लेकर जिला मुख्यालयों तक विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगी। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि आस्था और धार्मिक भावनाओं का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए करने वाले लोगों का वास्तविक चेहरा अब जनता के सामने आ चुका है।
इस विषय को केवल बयानबाज़ी तक सीमित न रखते हुए, प्रदेश कांग्रेस कमेटियों को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। सभी राज्य इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से गांव और पंचायत स्तर तक पहुंचकर नागरिकों को इस मुद्दे की जानकारी दें और जमीनी स्तर पर जनमत तैयार करें।
वंदे मातरम् पर स्पष्टीकरण और ऐतिहासिक परंपरा
हाल के दिनों में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को लेकर उत्पन्न हुए राजनीतिक विवाद पर कांग्रेस ने अपना आधिकारिक दृष्टिकोण सामने रखा है। केसी वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि पार्टी के भीतर इस राष्ट्रगीत के गायन को लेकर किसी भी प्रकार का भ्रम या मतभेद मौजूद नहीं है। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि स्वतंत्रता संग्राम के दौर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार बल्लभभाई पटेल और अन्य वरिष्ठ राष्ट्रीय नायकों की सहमति से यह निर्णय लिया गया था कि वंदे मातरम् के प्रथम दो पद ही आधिकारिक रूप से गाए जाएंगे।
वेणुगोपाल के अनुसार, कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता और नेता आज भी उसी ऐतिहासिक परंपरा का सम्मानपूर्वक पालन करते आ रहे हैं। उन्होंने 15 अगस्त के अवसर पर हुई घटना को केवल एक कम्युनिकेशन गैप या संवाद की कमी का परिणाम बताया और कहा कि इस विषय पर अनावश्यक विवाद पैदा करने की कोई गुंजाइश नहीं है।
परिसीमन और महिला आरक्षण पर 25 साल का स्टैंड
आगामी परिसीमन प्रक्रिया के संबंध में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पार्टी के दूरगामी रुख को दोहराया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि लोकसभा की वर्तमान 543 सीटों की कुल संख्या को अगले 25 वर्षों तक यथावत रखा जाए। पार्टी ने यह मांग भी उठाई कि संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण को इसी 543 सीटों के मौजूदा ढांचे के आधार पर तुरंत प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि परिसीमन को लेकर उनका दृष्टिकोण संसद के पटल पर भी पूर्व में कई बार स्पष्ट रूप से रखा जा चुका है।
हल्द्वानी घटनाक्रम पर प्रधानमंत्री से माफी की मांग
उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के सार्वजनिक कार्यक्रम के उपरांत मंच का कथित रूप से शुद्धिकरण किए जाने की घटना पर कार्यसमिति ने कड़ा रोष प्रकट किया। पार्टी नेताओं ने इसे भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों, समानता और सामाजिक न्याय की भावना के विरुद्ध करार दिया।
जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि दलित समुदाय से आने वाले एक वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता के प्रस्थान के बाद मंच को धोने या शुद्ध करने का कृत्य एक विशिष्ट जनविरोधी और जातिवादी मानसिकता को दर्शाता है। कांग्रेस ने इस समूचे घटनाक्रम के लिए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग उठाई है। इस प्रकार, CWC की इस बैठक ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में कांग्रेस सुरक्षा, रोजगार, पारदर्शिता और सामाजिक समानता के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।



















