अफगानिस्तान में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं, जिसके बाद डर के मारे लोग अपने घरों से निकलकर खुले इलाकों की ओर भाग खड़े हुए। रिक्टर पैमाने पर इस ताजा झटके की तीव्रता को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अभी कोई पुख्ता आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन इलाके में भूकंप की यह घटना कोई नई बात नहीं है।
साल 2026 में बार-बार डोली अफगानिस्तान की धरती
पिछले कुछ महीनों के दौरान अफगानिस्तान में भूकंप की घटनाएं लगातार दर्ज की जाती रही हैं। 1 सितंबर को जम्मू-कश्मीर से लेकर सिक्किम तक भारत के कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, और उसी दौरान अफगानिस्तान में भी धरती हिली थी। इससे पहले 14 अगस्त को हिमाचल प्रदेश, नासिक और अफगानिस्तान में मिलाकर एक ही दिन में पांच बार भूकंप के झटके दर्ज किए गए थे।
27 जून को आया था 6.2 तीव्रता का बड़ा झटका
इस साल 27 जून को अफगानिस्तान में 6.2 तीव्रता का जोरदार भूकंप आया था। इसका असर इतना व्यापक था कि झटके आठ अलग-अलग देशों में महसूस किए गए। भारत में भी जम्मू-कश्मीर से लेकर दिल्ली-एनसीआर तक धरती कांप उठी थी, और भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में ही बताया गया था। कई लोग उस दिन डर के मारे अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए थे।
नंगरहार प्रांत में घायल हुए थे 15 लोग
25 अगस्त को पूर्वी नंगरहार प्रांत में 4.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था, जिसमें कम से कम 15 लोग घायल हो गए थे। इससे पहले 3 अप्रैल को भी अफगानिस्तान में तेज भूकंप आया था, जिसके झटके पाकिस्तान से लेकर भारत तक महसूस किए गए और लोग घरों से बाहर निकल आए थे।
भारत के कई राज्यों तक पहुंचता है असर
अफगानिस्तान का भूगोल ऐसा है कि यहां आने वाले तेज भूकंपों के झटके अक्सर पड़ोसी देशों तक पहुंच जाते हैं। भारत में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और सिक्किम जैसे इलाकों में इससे पहले कई बार झटके महसूस किए जा चुके हैं। इसी वजह से हर नई घटना के बाद उत्तर भारत के लोग भी सतर्क हो जाते हैं और भूकंप की तीव्रता तथा केंद्र की जानकारी का इंतजार करते हैं।



















