बरसात शुरू होते ही कई घरों में एक जानी-पहचानी परेशानी लौट आती है, बाथरूम से उठने वाली सीलन और गंदगी की तेज बदबू। यह दिक्कत खासकर उन बाथरूम में ज्यादा दिखती है जहां खिड़की नहीं होती या हवा का आना-जाना कम होता है। लगातार नमी, कम वेंटिलेशन और ड्रेन में जमा गंदगी मिलकर ऐसी दुर्गंध पैदा करते हैं कि कुछ देर अंदर रुकना भी मुश्किल हो जाता है, और घर आए मेहमानों के सामने यह स्थिति शर्मिंदगी की वजह भी बन जाती है। राहत की बात यह है कि इस समस्या से निपटने के लिए महंगे केमिकल स्प्रे या रूम फ्रेशनर खरीदना जरूरी नहीं, रसोई में मौजूद कुछ आम चीजों से ही एक असरदार देसी जुगाड़ तैयार किया जा सकता है।
मानसून में बाथरूम से बदबू क्यों आती है
बारिश के मौसम में हवा में नमी का स्तर वैसे भी बढ़ जाता है, और अगर बाथरूम में वेंटिलेशन ठीक न हो तो यह नमी दीवारों, फर्श और ड्रेन के आसपास जमा रहने लगती है। इसी सीलन में बैक्टीरिया और फंगस पनपते हैं, जो दुर्गंध की मुख्य वजह बनते हैं। साथ ही ड्रेन के अंदर बाल, साबुन का मैल और छोटी गंदगी जमा होती रहती है, जो समय के साथ सड़ांध जैसी बदबू छोड़ने लगती है। छोटे और बंद बाथरूम में यह असर और तेज महसूस होता है क्योंकि हवा ठीक से बाहर नहीं निकल पाती।
घर पर तैयार करें खुशबू वाली डिब्बी
इस बदबू को कुछ हद तक काबू में रखने के लिए एक छोटी मगर मजबूत प्लास्टिक की डिब्बी ली जा सकती है। इसमें सबसे पहले 2 चम्मच नमक डालें। इसके बाद 2 से 3 कपूर को अच्छी तरह पीसकर इसी डिब्बी में मिला दें। अब इसमें थोड़ा-सा लिक्विड डिशवॉश डालें और साथ ही 4 से 6 लौंग भी डाल दें। इन सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाने के बाद डिब्बी का ढक्कन बंद कर दें। इस मिश्रण को बाथरूम के किसी ऐसे सुरक्षित कोने में रखा जाना चाहिए, जहां बच्चों के हाथ न पहुंचे।
ढक्कन में छेद बनाने का तरीका
डिब्बी के अंदर की खुशबू बाहर फैले, इसके लिए ढक्कन में कुछ बारीक छेद करने होते हैं। इसके लिए एक फोर्क यानी कांटा लिया जाता है और उसे गैस की आंच पर सावधानी से गर्म किया जाता है। इसी गर्म फोर्क की मदद से ढक्कन में छोटे-छोटे छेद बना दिए जाते हैं। इन छेदों से नमक, कपूर, डिशवॉश और लौंग के मिश्रण की खुशबू धीरे-धीरे बाहर आती रहती है और बाथरूम में फैलती है। छेद बनाने के बाद डिब्बी को दोबारा बाथरूम के किसी ऐसे सुरक्षित कोने में रख देना चाहिए, जहां न तो बच्चों की पहुंच हो और न ही पालतू जानवरों की, और जो आसानी से पलटे भी नहीं।
सिर्फ खुशबू काफी नहीं, नियमित सफाई भी जरूरी
कपूर और लौंग की खुशबू बाथरूम की बदबू को कुछ समय के लिए ढक तो सकती है, लेकिन यह दुर्गंध की असली जड़ को खत्म नहीं करती। इसलिए अगर ड्रेन से लगातार तेज बदबू आ रही हो, तो उसकी नियमित सफाई करना जरूरी है। बाथरूम में जमा गंदगी और नमी को भी बीच-बीच में साफ करते रहना चाहिए। इसके अलावा वेंटिलेशन को बेहतर बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है, ताकि हवा का आना-जाना बना रहे और सीलन न बने। बाथरूम इस्तेमाल करने के बाद फर्श को ज्यादा देर तक गीला छोड़ने से भी बचना चाहिए। इन सारी आदतों को साथ में अपनाया जाए तो बाथरूम साफ, सूखा और ताजा बना रह सकता है।
ध्यान रखें ये सुरक्षा से जुड़ी बातें
प्लास्टिक की डिब्बी में छेद करते समय सुरक्षा का खास ख्याल रखना चाहिए। प्लास्टिक को कभी भी गैस की सीधी आंच पर नहीं रखना चाहिए, क्योंकि गर्म होने पर इससे हानिकारक धुआं निकल सकता है। बेहतर यही होगा कि छेद बनाने के लिए पहले से मौजूद किसी सुरक्षित उपकरण का इस्तेमाल किया जाए। अगर गर्म फोर्क का ही इस्तेमाल करना हो, तो गैस बंद करने के बाद ही सावधानी से छेद बनाने चाहिए। कपूर को हमेशा आग, चूल्हे और किसी भी गर्म सतह से दूर रखा जाना चाहिए, और डिब्बी को भी बच्चों तथा पालतू जानवरों की पहुंच से दूर ही रखना चाहिए।
कब जरूरत पड़ सकती है प्लंबर की
यह घरेलू तरीका बाथरूम की हल्की और सामान्य बदबू को कुछ समय के लिए कम करने में मददगार हो सकता है, लेकिन अगर लगातार या सीवर जैसी तेज दुर्गंध आ रही हो, तो सिर्फ इसी हैक पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में ड्रेन, पाइप, लीकेज या सीलन की ठीक से जांच करवाना जरूरी है। यह उपाय केवल हल्की बदबू के लिए ही कारगर है, गंभीर समस्या होने पर प्लंबर या सफाई विशेषज्ञ की मदद ली जानी चाहिए।



















