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दार्चुला में भूस्खलन से चौलानी नदी का रास्ता रुका, बांध टूटने की आशंका पर हाई अलर्टएशिया
5 सित॰ 2026, 3:28 pm (55 दिन पहले)· 2

दार्चुला में भूस्खलन से चौलानी नदी का रास्ता रुका, बांध टूटने की आशंका पर हाई अलर्ट

नेपाल के दार्चुला जिले में हुए ताजा भूस्खलन से चौलानी नदी का बहाव आंशिक रूप से थम गया है, जिसके बाद प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वालों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है।

नेपाल के दार्चुला जिले में एक और बड़े भूस्खलन ने स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। भूस्खलन की वजह से चौलानी नदी का बहाव आंशिक रूप से रुक गया है, और अधिकारियों ने नदी किनारे बसे लोगों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। यह ताजा घटना ऐसे वक्त हुई है जब नेपाल पहले से ही 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के जख्मों से जूझ रहा है, जिसमें अब तक 1,300 से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है और करीब 5,000 लोग अब भी लापता हैं।

एपी हिमाल इलाके में मलबे ने रोका नदी का रास्ता

शुक्रवार को एपी हिमाल रूरल म्युनिसिपैलिटी के भट्टार क्षेत्र में भूस्खलन हुआ। भारी मात्रा में मलबा सीधे नदी में जा गिरा, जिससे चौलानी नदी का प्रवाह आंशिक रूप से बाधित हो गया। दार्चुला जिला प्रशासन कार्यालय ने आगाह किया है कि अगर आगे और भूस्खलन हुआ तो नदी पूरी तरह बंद हो सकती है। ऐसी स्थिति में अचानक बांध टूटने जैसा खतरा पैदा हो सकता है, जिससे निचले इलाकों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड आ सकती है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले परिवारों से सतर्क रहने और एहतियात बरतने की अपील की है। हालात पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को समय रहते चेतावनी देने के लिए सुरक्षा कर्मियों को मौके पर तैनात कर दिया गया है। एक्स पर साझा किए गए एक पोस्ट में मलबा नदी में गिरता हुआ दिखाई देता है।

मुख्यमंत्री ने दिए हाई अलर्ट के निर्देश

सुदूरपश्चिम प्रांत के मुख्यमंत्री खगराज भट्ट ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। बाढ़ या भूस्खलन जैसी आपदा की स्थिति में मदद के लिए इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर भी जारी किए गए हैं ताकि प्रभावित लोग तुरंत सहायता मांग सकें। आर्म्ड पुलिस फोर्स के मुताबिक फिलहाल नदी सामान्य स्तर पर बह रही है, इसलिए तुरंत खतरे की स्थिति नहीं है। लेकिन एहतियातन बालंच स्थित नेपाल चमेलिया हाइड्रोपावर सिक्योरिटी बेस के जवानों को भी तैनात कर दिया गया है, जो लगातार नदी के स्तर पर नजर रखेंगे और जरूरत पड़ने पर आसपास के इलाकों को अलर्ट करेंगे।

महाकाली नदी से जुड़ाव और बढ़ती चिंता

चौलानी नदी को चमेलिया नदी के नाम से भी जाना जाता है। यह एपी हिमाल क्षेत्र से निकलती है और आगे बहते हुए महाकाली नदी में मिल जाती है, जो नेपाल और भारत की सीमा का हिस्सा है। यही वजह है कि इस नदी में आया कोई भी बड़ा बदलाव सिर्फ नेपाल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सीमा से सटे इलाकों तक भी असर डाल सकता है। यह नई चेतावनी ऐसे समय आई है जब नेपाल पहले से ही अगस्त महीने की बाढ़ और फ्लैश फ्लड की मार झेल रहा है, जिसमें हजारों लोग बेघर हो चुके हैं और भारी तबाही मची है। नेपाल पुलिस ने शनिवार को बताया कि 26 अगस्त की बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,344 हो गई है, क्योंकि प्रभावित क्षेत्रों से लगातार और शव बरामद किए जा रहे हैं।

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सवाल-जवाब

नेपाल के दार्चुला जिले में ताजा भूस्खलन कब और कहां हुआ?
यह भूस्खलन शुक्रवार को एपी हिमाल रूरल म्युनिसिपैलिटी के भट्टार इलाके में हुआ।
इस भूस्खलन से किस नदी पर असर पड़ा?
चौलानी नदी, जिसे चमेलिया नदी भी कहा जाता है, का बहाव आंशिक रूप से बाधित हो गया।
अधिकारियों को किस बात का डर है?
और भूस्खलन होने से नदी पूरी तरह बंद हो सकती है, जिससे अचानक बांध टूटने और निचले इलाकों में फ्लैश फ्लड का खतरा पैदा हो सकता है।
क्या अभी नदी खतरनाक स्तर पर बह रही है?
नहीं, आर्म्ड पुलिस फोर्स के मुताबिक फिलहाल नदी सामान्य स्तर पर बह रही है, लेकिन एहतियातन सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए हैं।
सुदूरपश्चिम प्रांत के मुख्यमंत्री ने क्या निर्देश दिए हैं?
मुख्यमंत्री खगराज भट्ट ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने और आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा है।
26 अगस्त की बाढ़ में अब तक कितने लोगों की मौत हो चुकी है?
नेपाल पुलिस के मुताबिक शनिवार तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,344 हो गई है, जबकि करीब 5,000 लोग अब भी लापता हैं।
चौलानी नदी आगे जाकर किस नदी में मिलती है?
यह नदी आगे चलकर महाकाली नदी में मिल जाती है, जो नेपाल-भारत सीमा का हिस्सा है।
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