किचन में अंडा उबालना देखने में जितना सरल काम लगता है, कई बार यह उतना ही उलझन भरा साबित होता है। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि पानी गर्म होते ही या उबाल आते ही अंडे का छिलका अचानक चटक जाता है। छिलके में दरार पड़ते ही अंडे का अंदरूनी सफेद हिस्सा पानी में तैरने लगता है, जिससे न केवल अंडे का आकार बिगड़ जाता है बल्कि वह देखने में भी खराब लगने लगता है। इस तरह की परेशानी आमतौर पर रसोई में की जाने वाली कुछ छोटी-छोटी बुनियादी गलतियों की वजह से सामने आती है। इन गलतियों को समझकर आप अंडों को बिना टूटे एकदम सही तरीके से उबाल सकते हैं।
फ्रिज से निकले ठंडे अंडों को सीधे खौलते पानी में डालना
अंडों के फटने के सबसे बड़े कारणों में से एक अचानक होने वाला तापमान परिवर्तन है। जब आप फ्रिज से बिल्कुल ठंडे अंडे निकालकर सीधे उबलते हुए या बेहद गर्म पानी में डाल देते हैं, तो छिलके और अंदरूनी हिस्से के बीच थर्मल शॉक पैदा होता है। इस अचानक तापमान के अंतर को अंडे का नाजुक खोल सहन नहीं कर पाता और चटक जाता है। इस समस्या से बचने के लिए अंडों को उबालने से कुछ समय पहले फ्रिज से निकाल लें। जब वे कमरे के सामान्य तापमान पर आ जाएं, तभी उन्हें पकाने की प्रक्रिया शुरू करें ताकि तापमान का भारी अंतर खत्म हो सके।
बर्तन में अंडों को लापरवाही से छोड़ना
कई लोग अंडों को पैन या बर्तन में डालते समय सावधानी नहीं बरतते और उन्हें ऊंचाई से या तेजी से बर्तन में गिरा देते हैं। ऐसा करने से अंडा बर्तन की सख्त तली से या पहले से रखे अंडों से टकरा जाता है। इस झटके से छिलके पर बहुत बारीक हेयरलाइन दरारें आ जाती हैं, जो शुरुआत में आंखों से साफ नहीं दिखतीं। जब पानी गर्म होता है, तो अंदर का दबाव इन बारीक दरारों को बड़ा कर देता है और अंडा फट जाता है। हमेशा अंडों को चम्मच की मदद से या बहुत धीरे से बर्तन में रखें।
तेज आंच पर पानी का बेकाबू उबाल
पानी को बहुत तेज आंच पर लगातार खौलाने से बर्तन के अंदर तेज लहरें और बड़े बुलबुले बनते हैं। पानी के इस भारी बहाव के कारण अंडे बर्तन के अंदर तेजी से तैरने लगते हैं और एक-दूसरे से या बर्तन की दीवारों से बार-बार टकराते हैं। यह टकराव छिलके को कमजोर करके तोड़ देता है। जब पानी में एक बार उबाल आ जाए, तो गैस की आंच तुरंत मध्यम या हल्की कर दें। धीमी या मध्यम आंच पर पानी स्थिर रहता है और अंडे बिना किसी तेज हलचल के पकते हैं।
छोटे बर्तन में क्षमता से अधिक अंडे भरना
एक छोटे आकार के बर्तन में बहुत सारे अंडों को एक साथ ठूंस देना भी उनके टूटने का एक प्रमुख कारण बनता है। जब बर्तन में जगह कम होती है, तो अंडे एक-दूसरे के ऊपर चढ़ जाते हैं और गर्म पानी के संचलन से आपस में घिसटते रहते हैं। हमेशा एक पर्याप्त चौड़े और गहरे बर्तन का चुनाव करें, जिसमें सभी अंडे तली पर एक ही परत में आराम से बैठ सकें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि अंडों के ऊपर पर्याप्त पानी मौजूद हो ताकि वे पूरी तरह डूबे रहें।
छिलके में पहले से मौजूद अदृश्य दरारें
बाजार से लाते समय या ट्रे में रखते वक्त कई बार अंडों के छिलके में बेहद महीन दरारें बन जाती हैं। ये दरारें सामान्य रोशनी में आसानी से दिखाई नहीं देतीं। ऐसे दरार वाले अंडे जब गर्म पानी के संपर्क में आते हैं, तो अंदर की हवा फैलती है और छिलका पूरी तरह फट जाता है। इसलिए अंडों को पकाने से पहले अच्छी रोशनी में ध्यान से जांच लें। अगर किसी अंडे में हल्की सी भी दरार नजर आए, तो उसे उबालने के बजाय किसी अन्य रूप में इस्तेमाल करें।
बिना छिलका तोड़े अंडा उबालने का सही तरीका
अंडों को सही तरीके से उबालने की शुरुआत हमेशा ठंडे या सामान्य पानी से करनी चाहिए। सबसे पहले खाली बर्तन की तली पर अंडों को सावधानी से व्यवस्थित करें। इसके बाद उसमें सामान्य तापमान का पानी डालें, जिससे सभी अंडे कम से कम एक इंच तक पूरी तरह डूब जाएं। अब बर्तन को चूल्हे पर चढ़ाएं और पानी को धीरे-धीरे गर्म होने दें। पानी का स्तर सही रखें और जरूरत पड़ने पर आंच को संतुलित करें। तय समय तक उबालने के बाद अंडों को तुरंत गर्म पानी से निकालकर ठंडे पानी में डाल दें। अचानक ठंडा करने से अंडों का अंदरूनी पकना रुक जाता है और उनका छिलका भी बहुत आसानी से उतरता है।



















