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ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को किया बंद, अमेरिका ने ठिकानों पर की जवाबी बमबारीएशिया
12 जुल॰ 2026, 7:32 am (18 दिन पहले)· 4

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को किया बंद, अमेरिका ने ठिकानों पर की जवाबी बमबारी

ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के बाद तनाव चरम पर है, जिसके जवाब में अमेरिकी सेना ने कई ईरानी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान को उसके गलत फैसलों की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से बंद करने के फैसले के बाद खाड़ी क्षेत्र में स्थिति विस्फोटक हो गई है। इस घोषणा के कुछ ही समय बाद, अमेरिका ने ईरान के भीतर कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाकर हमला कर दिया। ईरानी सरकारी मीडिया की सूचना के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित दो प्रमुख शहरों, बंदर अब्बास और सिरिक में भीषण धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इस सैन्य कार्रवाई के पीछे मुख्य कारण ईरान द्वारा साइप्रस के ध्वज वाले एक जहाज पर किया गया हमला बताया जा रहा है, जिससे पहले से ही नाजुक स्थिति में चल रहे सीजफायर समझौते पर संकट के काले बादल और गहरे हो गए हैं।

अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और सेंट्रल कमांड का रुख

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक विस्तृत बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया कि आज शाम 7:15 बजे (ET) उनके बलों ने ईरान के विरुद्ध हमले के तीसरे चरण की शुरुआत की। यह जवाबी कार्रवाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा 'M/V GFS Galaxy' नामक साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज पर किए गए प्रत्यक्ष हमले के जवाब में की गई है। इस हमले के कारण जहाज के इंजन रूम को गंभीर क्षति पहुंची है और उसमें भीषण आग लग गई है, जिसके चलते जहाज अपनी यात्रा पूरी करने में असमर्थ है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस घटना के बाद से जहाज का एक नागरिक क्रू मेंबर लापता बताया गया है।

समझौता ज्ञापन और सैन्य रणनीतिक उद्देश्य

अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरान को पहले ही व्यावसायिक जहाजों पर बार-बार हमले करने के कारण 'मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग' का पालन करने का अंतिम मौका दिया गया था। हालांकि, ईरान इन शर्तों का पालन करने में विफल रहा और लगातार समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालता रहा। अमेरिका की वर्तमान सैन्य रणनीति का लक्ष्य ईरान की उन क्षमताओं को नष्ट करना है, जिनका उपयोग करके वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले निर्दोष नाविकों और व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाता है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है, 'ईरान ने गलत फैसला किया। अब उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी।' यह सैन्य कार्रवाई सीधे तौर पर कमांडर-इन-चीफ के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है।

कूटनीतिक बातचीत का विफल होना

इन हमलों से पहले होर्मुज स्ट्रेट को लेकर कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की जा रही थी। वाशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों ने साफ कर दिया था कि युद्ध को समाप्त करने हेतु पिछले महीने हुई किसी भी प्रकार की समझौते की बातचीत तभी सफल हो सकती है, जब होर्मुज स्ट्रेट में पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित हो। अमेरिका चाहता था कि ईरान इस बाबत एक सार्वजनिक प्रतिबद्धता जाहिर करे। हालांकि, ईरान ने इन अपेक्षाओं के विपरीत व्यवहार किया। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ने उल्टा यह आरोप लगाया कि उनके द्वारा तय किए गए समुद्री रास्तों और चेतावनियों को कई जहाजों ने नजरअंदाज किया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि एक जहाज पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाई गईं और उसे जबरन रोका गया। फिलहाल, ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उन पर और अधिक हमले हुए, तो वे दुश्मन के अन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए तैयार हैं।

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सवाल-जवाब

होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने का मुख्य कारण क्या था?
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का दावा है कि जहाजों ने उनकी चेतावनियों और तय रास्तों का पालन नहीं किया, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया।
अमेरिका ने ईरान पर हमला क्यों किया?
अमेरिका ने यह कार्रवाई साइप्रस के झंडे वाले जहाज 'M/V GFS Galaxy' पर ईरान द्वारा किए गए हमले और समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालने के जवाब में की है।
पीट हेगसेथ ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान ने गलत फैसला लिया है और अब उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी।
हमलों में किस जहाज को नुकसान पहुँचा?
हमले में साइप्रस के झंडे वाला कंटेनर जहाज 'M/V GFS Galaxy' गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है और उसका एक क्रू मेंबर भी लापता है।
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