मूलांक 9 राशिफल 30 अक्टूबर 2026: काम का दबाव और बेचैनी से निपटने के आसान उपायअक्टूबर 29 को थमी सोने की तेज़ी, 24 कैरेट भाव 1,43,950 रुपये पर स्थिर और चांदी लुढ़कीजियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ में ₹7.4 लाख करोड़ की ऐतिहासिक बोलियां, निवेशकों के 1.39 करोड़ आवेदनों ने तोड़े वैश्विक रिकॉर्डनिजीकरण के विरोध में हरियाणा के बिजली कर्मी तीन दिन काम बंद रखेंगे, ऊर्जा मंत्री से मिलने से मना कियामूलांक 8 राशिफल 30 अक्टूबर 2026: गुस्से में बोली गई बात बन सकती है बड़ी मुसीबत, रखें संयमस्पेन ट्रेन हादसा: 69 लोगों की मौत, युवा एथलीट और पूर्व मंत्री भी शामिलमूलांक 5 राशिफल 30 अक्टूबर 2026: दिनचर्या से हटकर नया करने की रहेगी इच्छाशिमला के स्वास्थ्य शिविर में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू का ब्लड शुगर टेस्ट निकला गलत, उपकरणों की क्वालिटी पर खड़े किए गंभीर सवालहजारों साल पुराना है कंडोम का इतिहास, कभी भेड़ की आंत और कछुए के खोल से तैयार होते थे ये कवरकश्मीर घाटी में सुबह-सुबह भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 3.6 मापी गई तीव्रता
साइबेरियाई रिसर्च सेंटर में कर्मचारी की जान जाने के बाद दो सौ कर्मी अलग-थलग, प्लेग की आशंका पर स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्कएशिया
5 अक्तू॰ 2026, 11:01 am (25 दिन पहले)· 0

साइबेरियाई रिसर्च सेंटर में कर्मचारी की जान जाने के बाद दो सौ कर्मी अलग-थलग, प्लेग की आशंका पर स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क

रूस के शेलेखोव स्थित संक्रामक रोग संस्थान में कार्यरत एक कर्मी की रहस्यमय निमोनिया से मृत्यु के बाद लगभग 200 कर्मचारियों को क्वारंटीन में रखा गया है। अधिकारियों ने स्थिति स्थिर बताते हुए आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है।

रूस के साइबेरियाई इलाके में स्थित एक प्रमुख संक्रामक रोग अनुसंधान केंद्र में कार्यरत कर्मी की अप्रत्याशित मृत्यु के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। इरकुत्स्क के निकट शेलेखोव में संचालित एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में यह दुखद वाकया सामने आया। रूसी संघीय स्वास्थ्य निगरानी एजेंसी रोस्पोट्रेबनादजोर के अनुसार, जिस कर्मचारी की जान गई, वह अज्ञात कारणों से उपजे निमोनिया की चपेट में आ गया था। संक्रमण के संभावित खतरे और प्लेग की आशंका को देखते हुए केंद्र के लगभग 200 सहकर्मियों को तुरंत क्वारंटीन में भेज दिया गया है, ताकि किसी भी संभावित प्रसार को शुरुआती दौर में ही रोका जा सके।

रहस्यमय निमोनिया से हुई संस्थान के कर्मी की मौत

संस्थान से जुड़े सूत्रों के अनुसार, लैब में कार्यरत कर्मी की तबीयत निमोनिया के गंभीर लक्षणों के चलते लगातार बिगड़ती चली गई और अंततः उसने दम तोड़ दिया। शेलेखोव स्थित यह एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट सामान्य प्रयोगशाला नहीं है, बल्कि यह विश्व भर के अत्यंत संक्रामक, घातक और जटिल रोगाणुओं की पहचान और उनकी रोकथाम पर शोध के लिए जाना जाता है। रोस्पोट्रेबनादजोर ने प्रारंभिक जांच के आधार पर स्पष्ट किया है कि पीड़ित कर्मचारी की मौत अस्पष्ट कारणों वाले निमोनिया से हुई है। निगरानी एजेंसी ने यह भी आश्वस्त किया है कि फिलहाल शेलेखोव शहर, इरकुत्स्क और इसके आसपास के संपूर्ण क्षेत्र में जनस्वास्थ्य की स्थिति पूरी तरह से स्थिर तथा नियंत्रण में है।

ये भी पढ़ें

आपातकालीन बैठक और गवर्नर की नागरिकों से अपील

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्तर पर एंटी-एपिडेमिक परिषद की एक आपातकालीन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इरकुत्स्क के गवर्नर इगोर कोबजेव ने प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लेने के बाद जनता से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और बेवजह भयभीत न हों। गवर्नर ने जानकारी दी कि क्षेत्र के एक निवासी में अत्यंत खतरनाक संक्रमण के संदिग्ध लक्षण दिखने के तुरंत बाद यह उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई थी। प्रशासनिक स्तर पर शांति बनाए रखने के तमाम आश्वासनों के बावजूद, इस अकाल मृत्यु ने न्यूमोनिक प्लेग के संभावित प्रकोप को लेकर स्थानीय आबादी में गहरी चिंता पैदा कर दी है।

औद्योगिक इकाइयों में मास्क और एहतियाती नियम लागू

संस्थान के नजदीकी क्षेत्रों में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई सख्त एहतियाती दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। रिसर्च सेंटर के समीप स्थित एक बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान, इरकुत्स्क एल्युमिनियम प्लांट ने अपने सभी कर्मचारियों के लिए फेस मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। प्लांट के प्रमुख आर्टेम फोमिनिख ने लोगों से आग्रह किया कि वे सामाजिक स्तर पर फैल रही विभिन्न बातों और अटकलों के बीच संयम बनाए रखें। उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में तरह-तरह की अपुष्ट जानकारियां और अफवाहें तेजी से प्रसारित हो रही हैं, जिससे नागरिकों में लॉकडाउन लगाए जाने का अंदेशा बढ़ गया है। दूसरी ओर, सरकारी स्वास्थ्य विभाग लगातार यह संदेश दे रहा है कि सुरक्षा के सभी प्रोटोकॉल लागू हैं और सामान्य जीवन को प्रभावित करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

निकट संपर्क में आए कर्मियों की कड़ी मेडिकल निगरानी

रोस्पोट्रेबनादजोर का नेतृत्व कर रहे गेनाडी ओनिशचेंको ने इस पूरे मामले पर दृष्टिकोण साझा करते हुए संकेत दिया कि साइबेरियाई क्षेत्र में सक्रिय यह पैथोजन शायद प्लेग नहीं था। उन्होंने आगे यह भी कहा कि यदि प्रयोगशाला जांच में प्लेग की पुष्टि हो भी जाती है, तब भी इसके व्यापक स्तर पर फैलने की कोई गुंजाइश नहीं है। मृतक के संपर्क में आए सभी व्यक्तियों को चिकित्सकों की चौबीसों घंटे निगरानी में रखा गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि अभी तक क्वारंटीन किए गए किसी भी व्यक्ति में बीमारी के प्राथमिक लक्षण विकसित नहीं हुए हैं और उनके शुरुआती लैब टेस्ट के परिणाम पूरी तरह नेगेटिव पाए गए हैं।

क्या है प्लेग और कितना घातक है न्यूमोनिक स्वरूप?

चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, प्लेग मूल रूप से Yersinia pestis नामक सूक्ष्म बैक्टीरिया के संक्रमण से उत्पन्न होने वाला रोग है। इसके कई रूपों में से एक न्यूमोनिक प्लेग है, जो मानव श्वसन तंत्र को सीधे तौर पर निशाना बनाता है। यह रूप इसलिए भी अधिक चिंताजनक माना जाता है क्योंकि संक्रमित व्यक्ति के सांस लेने, छींकने या खांसने के दौरान हवा में फैलने वाली सूक्ष्म बूंदों के माध्यम से यह आसानी से दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है। इस खतरनाक संक्रमण के प्रमुख लक्षणों में अचानक तेज बुखार आना, सिर में असहनीय दर्द, अत्यधिक शारीरिक कमजोरी, सांस लेने में तकलीफ, सीने में तेज चुभन और लगातार खांसी शामिल हैं। समय पर पहचान और तुरंत आइसोलेशन ही इसके फैलाव को रोकने का मुख्य उपाय है।

सवाल-जवाब

रूस के किस संस्थान में यह घटना सामने आई?
यह घटना रूस के साइबेरिया क्षेत्र में इरकुत्स्क के पास शेलेखोव में स्थित एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में घटी।
प्रयोगशाला कर्मचारी की मृत्यु का क्या कारण बताया गया है?
रूसी स्वास्थ्य एजेंसी रोस्पोट्रेबनादजोर के अनुसार, कर्मचारी की मृत्यु अज्ञात कारणों वाले गंभीर निमोनिया से हुई है।
कितने कर्मचारियों को क्वारंटीन में रखा गया है?
संभावित संक्रमण की रोकथाम के लिए रिसर्च इंस्टीट्यूट के करीब 200 कर्मचारियों को क्वारंटीन किया गया है।
क्या क्वारंटीन किए गए लोगों में बीमारी के लक्षण दिखे हैं?
नहीं, करीबी संपर्क में आए सभी लोग चिकित्सीय निगरानी में हैं और उनके शुरुआती लैब टेस्ट नेगेटिव आए हैं।
न्यूमोनिक प्लेग कैसे फैलता है और इसके लक्षण क्या हैं?
यह बैक्टीरिया से होने वाला फेफड़ों का संक्रमण है जो खांसने या सांस की बूंदों से फैलता है; इसके लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, कमजोरी और सांस लेने में कठिनाई शामिल है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp