सूर्य का कन्या राशि में बड़ा गोचर: 17 सितंबर 2026 से खुलेगा 5 भाग्यशाली राशियों की उन्नति का द्वारहीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए बनाएं सहजन और दाल का सूप, मीरा कपूर ने भी आजमाया स्मृति ईरानी का घरेलू नुस्खाजमशेदपुर स्टाइल में बनाएं कुरकुरे चना दाल पकौड़े, ढाबे जैसा स्वाद पाने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्सकच्चे केले से लेकर तने और फूल तक: वेस्ट टू वेल्थ मॉडल से तैयार हो रहे ढेरों कमर्शियल प्रोडक्ट्सभारतीय शेयर बाजार में तेज बिकवाली, 2 सितंबर को सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल निशान में खुलेमानसून के दौरान गमले और बगीचे के पौधों को सड़ने से बचाने की कारगर तकनीकेंश्री कृष्ण जन्मोत्सव पर वर्कप्लेस को दें पारंपरिक लुक, डेस्क से लेकर रिसेप्शन तक के लिए 5 खास टिप्सकान्हा के 5253वें जन्मोत्सव पर निखरी ब्रज की रंगत, 4 सितंबर के लिए 50 से 1500 रुपये में बिक रहीं लड्डू गोपाल की पोशाकेंसूरत में महिला इंजीनियर निधि पटेल की हत्या का एक हफ्ता पूरा, 60 पुलिसकर्मियों की जांच के बाद भी आरोपी बेसुरागरांची की उर्मिला से सीखें 1 आलू से 5 मिनट में रेस्टोरेंट स्टाइल स्नैक बनाने का आसान तरीका
250 दिनों की कठिन तैनाती के बाद थाईलैंड पहुंचा अमेरिकी विमान वाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन, पटाया में सुस्ताएंगे 5 हजार सैनिकएशिया
2 सित॰ 2026, 9:20 am (1 घंटे पहले)· 1

250 दिनों की कठिन तैनाती के बाद थाईलैंड पहुंचा अमेरिकी विमान वाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन, पटाया में सुस्ताएंगे 5 हजार सैनिक

पश्चिम एशिया में ईरान के खिलाफ रिकॉर्ड 250 से ज्यादा दिनों तक तैनात रहने के बाद अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन वतन वापसी के रास्ते में थाईलैंड के लैम चाबांग बंदरगाह पहुंच गया है, जहां सैनिक विश्राम करेंगे।

पश्चिम एशिया के अशांत समंदर में रिकॉर्ड 250 से अधिक दिनों तक लगातार तैनात रहने के बाद अमेरिकी नौसेना का विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन अपनी वतन वापसी की यात्रा पर निकल चुका है। अपनी इस लंबी यात्रा के दौरान यह युद्धपोत बुधवार सुबह पूर्वी थाईलैंड के तटीय क्षेत्र में पहुंच गया। अमेरिकी नौसेना के इस प्रमुख जहाज को चोनबुरी प्रांत में स्थित लैम चाबांग बंदरगाह की ओर बढ़ते हुए देखा गया है। इस विशाल युद्धपोत पर लगभग 5 हजार सैन्य कर्मी सवार हैं, जो महीनों की भीषण तैनाती के बाद पहली बार आराम और रिकवरी के लिए तट पर उतरेंगे।

पश्चिम एशिया में रिकॉर्ड तैनाती और वतन वापसी की वजह

अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन की यह तैनाती बेहद चुनौतीपूर्ण रही है। यह युद्धपोत मध्य पूर्व के इलाके में ईरान के खिलाफ अमेरिका के सैन्य अभियानों और सुरक्षा रणनीतियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। लगातार 250 दिनों से अधिक समय तक समंदर में तैनात रहना अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है। हालांकि, इतनी लंबी तैनाती के कारण पोत पर तैनात क्रू मेंबर्स की मानसिक सेहत को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न होने लगी थीं। इसके साथ ही जहाज पर साफ-सफाई के स्तर और भोजन व पानी जैसे जरूरी सामान की कमी की खबरें भी सामने आई थीं। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अमेरिकी रक्षा विभाग ने इसे वापस बुलाने का फैसला किया। अगस्त महीने में एशिया क्षेत्र में तैनात रहने वाले एक अन्य युद्धपोत यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन ने मध्य पूर्व में इसकी जगह संभाली थी।

ये भी पढ़ें

पटाया के तटीय शहर में रिकवरी और सैनिकों के लिए विश्राम

थाईलैंड के सैन्य और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, लैम चाबांग बंदरगाह पर यूएसएस अब्राहम लिंकन का यह पड़ाव सैनिकों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए रखा गया है। अमेरिकी बेस पर अंतिम रूप से लौटने से पहले यह ठहराव सैनिकों को राहत देने का काम करेगा। पोत पर तैनात लगभग 5 हजार सर्विस मेंबर्स में से बड़ी संख्या में जवानों के पास ही स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पटाया जाने की संभावना है। महीनों की कठिन समुद्री ड्यूटी के बाद जवान वहां के शांत समुद्र तटों और मनोरंजक गतिविधियों का लुत्फ उठा सकेंगे, ताकि वे अपनी शारीरिक थकान और मानसिक तनाव को दूर कर सकें।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा और कड़े सुरक्षा प्रबंध

थाईलैंड के चोनबुरी प्रांत और पटाया शहर के प्रशासनिक अधिकारियों ने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर के इस आगमन का गर्मजोशी से स्वागत किया है। स्थानीय प्रशासन का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों के पटाया दौरे से स्थानीय पर्यटन उद्योग, होटल, रेस्तरां और रिटेल व्यापार को काफी बढ़ावा मिलेगा। हजारों सैनिकों की उपस्थिति से शहर के स्थानीय कारोबारियों को आर्थिक लाभ होने की उम्मीद है। इस यात्रा को सुचारू और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को काफी कड़ा कर दिया है। शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों, बंदरगाह क्षेत्र और पर्यटन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

रात के उजाले और पर्यटन के लिए दुनिया भर में मशहूर है पटाया

थाईलैंड की खाड़ी के पूर्वी तट पर बसा पटाया शहर दुनिया भर के पर्यटकों के बीच अपनी एक खास पहचान रखता है। इसे 'कभी न सोने वाला शहर' भी कहा जाता है क्योंकि यहां की नाइटलाइफ़ पूरी दुनिया में जानी जाती है। सूरज ढलने के बाद शहर की प्रसिद्ध वॉकिंग स्ट्रीट रोशनियों, क्लबों, बारों और लाइव म्यूज़िक से गुलजार हो उठती है। इसके अलावा पटाया अपने खूबसूरत रेतीले समुद्री बीच, वाटर स्पोर्ट्स और शानदार तटीय नजारों के लिए जाना जाता है। अमेरिकी नौसैनिकों के लिए यह शहर अपनी लंबी और थकाऊ तैनाती के बाद ऊर्जा हासिल करने का एक बेहतरीन माध्यम साबित होगा।

सवाल-जवाब

यूएसएस अब्राहम लिंकन थाईलैंड के किस बंदरगाह पर पहुंचा है?
यह युद्धपोत थाईलैंड के चोनबुरी प्रांत में स्थित लैम चाबांग बंदरगाह पर पहुंचा है।
इस अमेरिकी युद्धपोत पर कुल कितने सैनिक सवार हैं?
यूएसएस अब्राहम लिंकन पर लगभग 5 हजार सैन्य कर्मी सवार हैं।
यूएसएस अब्राहम लिंकन पश्चिम एशिया में कितने दिनों तक तैनात रहा?
यह एयरक्राफ्ट कैरियर पश्चिम एशिया में रिकॉर्ड 250 से अधिक दिनों तक लगातार तैनात रहा।
पश्चिम एशिया में यूएसएस अब्राहम लिंकन की जगह किस युद्धपोत को तैनात किया गया है?
अगस्त महीने में यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन ने पश्चिम एशिया में यूएसएस अब्राहम लिंकन की जगह ली थी।
अमेरिकी सैनिक थाईलैंड में किस शहर का दौरा कर सकते हैं?
अमेरिकी सैनिक विश्राम और रिकवरी के लिए पास के मशहूर तटीय शहर पटाया का दौरा कर सकते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR