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नेपाल बाढ़ का अजीब मामला, शव नंबर 1003 पर तीन परिवारों ने किया दावाएशिया
1 सित॰ 2026, 7:35 pm (1 घंटे पहले)· 2

नेपाल बाढ़ का अजीब मामला, शव नंबर 1003 पर तीन परिवारों ने किया दावा

नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद बरामद हुए शव नंबर 1003 को लेकर अजीब स्थिति बन गई है, जहां तीन परिवारों ने उस पर अपना हक जताया है। अब इस उलझन को सुलझाने के लिए डीएनए टेस्ट का सहारा लिया जाएगा।

काठमांडु: नेपाल में तबाही मचाने वाली बाढ़ की वजह से मरने वालों का आंकड़ा एक हजार के पार पहुंच चुका है। इसी बीच, आपदा के दौरान मिले एक शव को लेकर बेहद पेचीदा स्थिति सामने आई है। इस शव की पहचान को लेकर एक या दो नहीं बल्कि तीन अलग-अलग परिवारों ने दावा किया है कि यह उनके ही खोए हुए परिजन का शव है। इस वजह से प्रशासन के सामने मृतक की शिनाख्त करने को लेकर एक नया और गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

शवों की पहचान क्यों बनी बड़ी चुनौती?

नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के बाद अब तक 1003 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की जा चुकी है, और यह संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। ऐसे भयावह हालात में अपनों को खो चुके परिजनों के लिए शवों को तलाशना और उनकी शिनाख्त करना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। बाढ़ के पानी और भारी मलबे के नीचे लंबे समय तक दबे रहने के कारण कई शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुके हैं। इनमें से कई शव सड़ चुके हैं और कई के चेहरे इस हद तक बिगड़ चुके हैं कि उन्हें पहचान पाना नामुमकिन हो गया है। इन हालातों में मजबूर परिवार शरीर की बनावट, कपड़ों, जिस्म पर मौजूद किसी पुराने निशान या फिर गहनों के जरिए अपने करीबियों को ढूंढने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।

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लेकिन शव नंबर 1003 का मामला इन सबसे बिल्कुल अलग और उलझन भरा है, क्योंकि इस एक ही मृत शरीर पर तीन परिवारों ने अपने परिजन होने का दावा ठोक दिया है। सच्चाई यह है कि वह शरीर आखिरकार किसी एक ही परिवार के सदस्य का होगा, लेकिन आपदा की वजह से बिगड़ी हुई हालत ने पहचान के रास्ते पूरी तरह बंद कर दिए हैं और भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है।

किन परिवारों ने जताया शव पर हक?

  • एक पीड़ित परिवार का कहना है कि यह शव नंबर 1003 बर्दिया में स्थित एक जलविद्युत परियोजना के कर्मचारी गोपाल दहित का है।
  • दूसरे परिवार ने दावा किया है कि यह डेडबॉडी रूपनदेही के रहने والے एक पर्यटक गाइड दामोदर बस्याल की है।
  • रविवार को एक तीसरे परिवार ने भी आगे आकर इस शव पर अपना दावा पेश किया था, हालांकि इस परिवार ने बाद में खुद ही अपना दावा वापस ले लिया।
  • इन सबके बावजूद, अभी भी दो परिवारों के बीच इस मृत शरीर को लेकर कानूनी और भावनात्मक रस्साकशी जारी है और दोनों पक्ष इसे अपने परिवार का सदस्य मान रहे हैं।

कैसे सुलझेगी इस उलझन की गुत्थी?

जब एक ही शव को लेकर दो अलग-अलग परिवार एक ही समय पर अपना दावा मजबूत कर रहे हों, तो पहचान का संकट गहराना लाजिमी है, लेकिन इसका वैज्ञानिक समाधान भी मौजूद है। अब यह साफ करने के लिए कि यह शव असल में किस परिवार के सदस्य का है, डीएनए जांच की मदद ली जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके।

गौरतलब है कि नेपाल में आई इस भयंकर बाढ़ के चलते अब तक कुल 1003 लोगों की जान जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि लगभग 4 हजार लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है।

सवाल-जवाब

नेपाल बाढ़ में अब तक कितने लोगों की मौत की पुष्टि हुई है?
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण अब तक 1003 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
शव नंबर 1003 पर किन-किन लोगों के परिजनों ने दावा जताया?
एक परिवार ने इसे जलविद्युत परियोजना कर्मी गोपाल दहित और दूसरे परिवार ने पर्यटक गाइड दामोदर बस्याल का शव बताया।
शवों की पहचान करने में इतनी परेशानी क्यों आ रही है?
बाढ़ के मलबे में दबे रहने के कारण शव सड़ चुके हैं और उनके चेहरे पहचान में नहीं आ रहे हैं।
अब शव नंबर 1003 की असली पहचान कैसे की जाएगी?
इस उलझन को सुलझाने और सही परिवार का पता लगाने के लिए डीएनए जांच की मदद ली जाएगी।
नेपाल बाढ़ में फिलहाल कितने लोग लापता बताए जा रहे हैं?
नेपाल की इस आपदा में करीब 4 हजार लोग लापता हैं जिनकी तलाश की जा रही है।
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