काठमांडु: नेपाल में तबाही मचाने वाली बाढ़ की वजह से मरने वालों का आंकड़ा एक हजार के पार पहुंच चुका है। इसी बीच, आपदा के दौरान मिले एक शव को लेकर बेहद पेचीदा स्थिति सामने आई है। इस शव की पहचान को लेकर एक या दो नहीं बल्कि तीन अलग-अलग परिवारों ने दावा किया है कि यह उनके ही खोए हुए परिजन का शव है। इस वजह से प्रशासन के सामने मृतक की शिनाख्त करने को लेकर एक नया और गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
शवों की पहचान क्यों बनी बड़ी चुनौती?
नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के बाद अब तक 1003 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की जा चुकी है, और यह संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। ऐसे भयावह हालात में अपनों को खो चुके परिजनों के लिए शवों को तलाशना और उनकी शिनाख्त करना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। बाढ़ के पानी और भारी मलबे के नीचे लंबे समय तक दबे रहने के कारण कई शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुके हैं। इनमें से कई शव सड़ चुके हैं और कई के चेहरे इस हद तक बिगड़ चुके हैं कि उन्हें पहचान पाना नामुमकिन हो गया है। इन हालातों में मजबूर परिवार शरीर की बनावट, कपड़ों, जिस्म पर मौजूद किसी पुराने निशान या फिर गहनों के जरिए अपने करीबियों को ढूंढने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।
लेकिन शव नंबर 1003 का मामला इन सबसे बिल्कुल अलग और उलझन भरा है, क्योंकि इस एक ही मृत शरीर पर तीन परिवारों ने अपने परिजन होने का दावा ठोक दिया है। सच्चाई यह है कि वह शरीर आखिरकार किसी एक ही परिवार के सदस्य का होगा, लेकिन आपदा की वजह से बिगड़ी हुई हालत ने पहचान के रास्ते पूरी तरह बंद कर दिए हैं और भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है।
किन परिवारों ने जताया शव पर हक?
- एक पीड़ित परिवार का कहना है कि यह शव नंबर 1003 बर्दिया में स्थित एक जलविद्युत परियोजना के कर्मचारी गोपाल दहित का है।
- दूसरे परिवार ने दावा किया है कि यह डेडबॉडी रूपनदेही के रहने والے एक पर्यटक गाइड दामोदर बस्याल की है।
- रविवार को एक तीसरे परिवार ने भी आगे आकर इस शव पर अपना दावा पेश किया था, हालांकि इस परिवार ने बाद में खुद ही अपना दावा वापस ले लिया।
- इन सबके बावजूद, अभी भी दो परिवारों के बीच इस मृत शरीर को लेकर कानूनी और भावनात्मक रस्साकशी जारी है और दोनों पक्ष इसे अपने परिवार का सदस्य मान रहे हैं।
कैसे सुलझेगी इस उलझन की गुत्थी?
जब एक ही शव को लेकर दो अलग-अलग परिवार एक ही समय पर अपना दावा मजबूत कर रहे हों, तो पहचान का संकट गहराना लाजिमी है, लेकिन इसका वैज्ञानिक समाधान भी मौजूद है। अब यह साफ करने के लिए कि यह शव असल में किस परिवार के सदस्य का है, डीएनए जांच की मदद ली जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके।
गौरतलब है कि नेपाल में आई इस भयंकर बाढ़ के चलते अब तक कुल 1003 लोगों की जान जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि लगभग 4 हजार लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है।



















