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ट्रंप और पेजेशकियन के दस्तखत से बदल सकती है ईरान-अमेरिका की कहानी, तेहरान ने दिए बड़े संकेतएशिया
18 जून 2026, 12:22 am (89 दिन पहले)· 3

ट्रंप और पेजेशकियन के दस्तखत से बदल सकती है ईरान-अमेरिका की कहानी, तेहरान ने दिए बड़े संकेत

ईरानी विदेश मंत्रालय ने इशारा किया है कि अमेरिका के साथ संभावित समझौते पर दोनों देशों के राष्ट्रपति खुद हस्ताक्षर कर सकते हैं, जो चार दशक की दुश्मनी के बाद रिश्तों में बड़े मोड़ का संकेत है।

दशकों की कड़वाहट और टकराव के बाद ईरान और अमेरिका के बीच रिश्तों का एक नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद जगी है। तेहरान की ओर से आए ताजा संकेत बता रहे हैं कि दोनों देश एक संभावित समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं, और इस पर मुहर लगाने का काम सीधे दोनों राष्ट्राध्यक्षों के हाथों हो सकता है। अगर ऐसा हुआ तो इसे न सिर्फ कूटनीतिक कामयाबी, बल्कि वर्षों पुरानी अदावत के अंत की शुरुआत के तौर पर देखा जाएगा।

राष्ट्रपति स्तर पर हो सकते हैं हस्ताक्षर

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सरकारी टेलीविजन पर बातचीत के दौरान इस ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक कोशिशें ऐसे नतीजे तक पहुंच सकती हैं, जहां समझौते पर खुद राष्ट्रपतियों के स्तर पर दस्तखत किए जाएं। यानी संभावित डील पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन साइन कर सकते हैं।

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चार दशक की जमी बर्फ पिघलने के आसार

जानकार मानते हैं कि इस तरह का हस्ताक्षर समारोह महज एक औपचारिकता नहीं रहेगा। यह 4 दशक से ज्यादा समय से चली आ रही तल्खी को कम करने की दिशा में बेहद अहम पड़ाव साबित हो सकता है। गौरतलब है कि 1980 से ही अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं। तेहरान में अमेरिकी दूतावास के बंधक संकट के बाद दोनों देशों के राजनयिक रिश्ते पूरी तरह टूट गए थे, और तभी से दोनों के बीच का माहौल लगातार उतार-चढ़ाव और टकराव से भरा रहा है।

परमाणु हथियारों पर ईरान के रुख से बनी राह

जहां एक तरफ तेहरान समझौते के संकेत दे रहा है, वहीं दूसरी ओर डोनाल्ड ट्रंप का भी ताजा बयान सामने आया है। ट्रंप के मुताबिक ईरान के साथ जो समझौता हुआ है, उस पर जल्द ही दस्तखत हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे यह डील करना चाहते हैं और ईरान का बर्ताव भी काफी सकारात्मक रहा है। ट्रंप के अनुसार सबसे बड़ी बात यह है कि ईरान इस शर्त पर राजी हो गया है कि वह न तो परमाणु हथियार बनाएगा और न ही उसे हासिल करने की कोशिश करेगा।

ट्रंप की इजरायल को दो टूक सलाह

ट्रंप ने इस दौरान इजरायल को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि समझौते की एक प्रति इजरायल को भी भेजी गई है। ट्रंप के शब्दों में, इजरायल हमारा अच्छा साथी रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि हिज्बुल्लाह के मामले में इजरायल इससे बेहतर कर सकता है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वे यह नहीं कह रहे कि इजरायल को अपना बचाव नहीं करना चाहिए, लेकिन उनका कहना है कि बेरूत में इमारतें गिराने की कोई जरूरत नहीं है।

सवाल-जवाब

ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते पर कौन हस्ताक्षर कर सकते हैं?
ईरानी विदेश मंत्रालय के संकेत के अनुसार इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन स्तर पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
अमेरिका और ईरान के राजनयिक संबंध कब से नहीं हैं?
1980 से दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं, जो तेहरान में अमेरिकी दूतावास के बंधक संकट के बाद टूट गए थे।
परमाणु हथियारों को लेकर ईरान किस बात पर राजी हुआ है?
ट्रंप के अनुसार ईरान इस बात पर राजी हो गया है कि वह न तो परमाणु हथियार बनाएगा और न ही उसे हासिल करने की कोशिश करेगा।
ट्रंप ने इजरायल को क्या सलाह दी है?
ट्रंप ने कहा कि समझौते की एक प्रति इजरायल को भेजी गई है और हिज्बुल्लाह के मामले में इजरायल बेहतर कर सकता है, साथ ही बेरूत में इमारतें गिराने की जरूरत नहीं है।
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