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यरूशलम बुलाकर भारतीय पायलट स्मित मच्छार को सर्वोच्च नागरिक सम्मान देगा इजरायलएशिया
10 अक्तू॰ 2026, 11:44 pm (19 दिन पहले)· 1

यरूशलम बुलाकर भारतीय पायलट स्मित मच्छार को सर्वोच्च नागरिक सम्मान देगा इजरायल

फ्लाईदुबई विमान में 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने पत्र लिखकर देश के सर्वोच्च नागरिक वीरता पुरस्कार के लिए आमंत्रित किया है।

दुबई से तेल अवीव की उड़ान के दौरान कॉकपिट में हुए जानलेवा हमले का डटकर मुकाबला करने और विमान में सवार 174 यात्रियों को सुरक्षित बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को इजरायल अपने सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान से नवाजेगा। इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने भारतीय कैप्टन के अदम्य साहस को नमन करते हुए उन्हें एक औपचारिक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने घायल कैप्टन के शीघ्र और पूरी तरह स्वस्थ होने की प्रार्थना की है, साथ ही उन्हें व्यक्तिगत रूप से यरूशलम आने का न्योता दिया है ताकि पूरे देश की तरफ से उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान सौंपा जा सके।

यरूशलम में स्वागत के लिए उत्सुक हैं राष्ट्रपति इसाक हर्जोग

राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि कैप्टन स्मित मच्छार केवल अपने देश के ही नहीं, बल्कि इजरायल और पूरी मानवता के सच्चे नायक हैं। सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीर में भारतीय पायलट अस्पताल के बिस्तर पर राष्ट्रपति का भेजा हुआ पत्र पढ़ते नजर आ रहे हैं। इसाक हर्जोग ने अपने संदेश में दोहराया कि जब कैप्टन पूरी तरह सेहतमंद हो जाएंगे, तब यरूशलम स्थित राष्ट्रपति भवन में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल के नागरिकों की तरफ से कैप्टन स्मित को नागरिक वीरता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार प्रदान करना उनके लिए बेहद गर्व का विषय होगा।

कॉकपिट में टली थी भयानक तबाही

यह खौफनाक वाकया 30 सितंबर 2026 को सामने आया था, जब फ्लाईदुबई का यात्री विमान दुबई से उड़ान भरकर तेल अवीव की तरफ बढ़ रहा था। यात्रा के दौरान ही कॉकपिट के भीतर ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने अचानक हमला कर दिया था। बाद में सामने आए तथ्यों के अनुसार, वह को-पायलट कई वर्षों से इजरायल जाने वाली उड़ानों को दुर्घटनाग्रस्त करने की खतरनाक साजिश रच रहा था। हमले में गंभीर चोटें आने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने होश नहीं खोया और अपनी असाधारण पेशेवर महारत दिखाते हुए विमान पर नियंत्रण बनाए रखा, जिससे 174 मासूम जिंदगियां काल के गाल में समाने से बच गईं।

विमान में मौजूद 5 अन्य जांबाज पहले ही हो चुके हैं सम्मानित

यरूशलम स्थित आधिकारिक राष्ट्रपति आवास पर आयोजित एक विशेष समारोह में इसाक हर्जोग बीते गुरुवार को उस विमान में सवार 5 अन्य लोगों को 'प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म' से सम्मानित कर चुके हैं। उस कार्यक्रम के दौरान भी राष्ट्रपति ने भारतीय पायलट के योगदान को याद किया था। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि भारतीय कैप्टन के अदम्य पराक्रम और पेशेवर सूझबूझ ने एक बहुत बड़ी मानवीय त्रासदी को हमेशा के लिए टाल दिया। राष्ट्रपति ने कहा था कि कैप्टन के पूरी तरह ठीक होने पर उन्हें यह सम्मान सौंपना पूरे इजरायल के लिए सम्मान और सौभाग्य का पल होगा।

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सवाल-जवाब

कैप्टन स्मित मच्छार को कौन सा पुरस्कार दिया जाएगा?
उन्हें इजरायल का सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान 'प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म' दिया जाएगा।
यह पुरस्कार उन्हें किसके द्वारा दिया जा रहा है?
इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग उन्हें यह सम्मान यरूशलम में प्रदान करेंगे।
कैप्टन स्मित मच्छार ने कितने यात्रियों की जान बचाई थी?
उन्होंने फ्लाईदुबई विमान में सवार 174 यात्रियों की जान सुरक्षित बचाई थी।
यह घटना किस तारीख को हुई थी?
यह घटना 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान के दौरान हुई थी।
कॉकपिट में हमला करने वाला कौन था?
कॉकपिट में हमला करने वाला ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी था, जो कई साल से विमान क्रैश कराने की साजिश रच रहा था।
क्या इस घटना के सिलसिले में किसी और को भी सम्मानित किया गया है?
हां, राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने गुरुवार को विमान में सवार 5 अन्य लोगों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Li Wei@li-wei·19 दिन पहले

पायलट की बहादुरी में शक नहीं, पर को-पायलट की साजिश पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल लगता है।

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·19 दिन पहले

कैप्टन स्मित ने जिस हिम्मत से को-पायलट का मुकाबला किया, वो वाकई कमाल है। लेकिन मुझे यह समझ नहीं आ रहा कि एयरलाइंस ने कॉकपिट में ऐसे खतरनाक शख्स की पृष्ठभूमि की जाँच क्यों नहीं की थी?

Sophie Laurent@sophie-laurent·19 दिन पहले

आयशा, एयरलाइंस की जाँच पर सवाल उठाना ठीक है, पर उस को-पायलट ने कई साल तक अपनी साजिश छिपाए रखी थी। हर बात में कंपनी को दोषी ठहराना सही नहीं लगता।

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·19 दिन पहले

कैप्टन स्मित ने जिस बहादुरी से 174 लोगों की जान बचाई, वह वाकई कमाल है। कॉकपिट में ऐसे हमले के बाद भी विमान संभाल लेना हर किसी के बस की बात नहीं। यरूशलम में मिलने वाला यह सम्मान पूरी तरह हक में है।

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·19 दिन पहले

कार्लोस, तुम्हारी बात ठीक है पर मुझे लगता है कि हमले के पीछे की साजिश और को-पायलट के इतने साल तक छिपे रहने की बात पर थोड़ा और शक होना चाहिए।

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