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असम के बाढ़ प्रभावित शिवसागर और चराइदेव में बिना सांस्कृतिक कार्यक्रमों के मचेगी दुर्गा पूजाअसम
30 अग॰ 2026, 9:45 pm (50 मिनट पहले)· 2

असम के बाढ़ प्रभावित शिवसागर और चराइदेव में बिना सांस्कृतिक कार्यक्रमों के मचेगी दुर्गा पूजा

असम के शिवसागर और चराइदेव जिलों में भीषण बाढ़ से हुए भारी नुकसान के कारण इस साल दुर्गा पूजा का आयोजन बेहद सादगी से किया जाएगा और सभी सांस्कृतिक कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है।

असम के शिवसागर और चराइदेव जिलों में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण इस साल दुर्गा पूजा के जश्न पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इस प्राकृतिक आपदा के चलते कई पूजा समितियों ने किसी भी तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन न करने और इस पावन पर्व को बहुत ही सादले तरीके से मनाने का बड़ा फैसला लिया है। दोनों ही जिलों में स्थानीय समुदायों को बड़े पैमाने पर बर्बादी का सामना करना पड़ा है, जिसके बाद से आयोजकों ने यह कदम उठाया है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों को रद्द करने का फैसला

बाढ़ की वजह से स्थानीय नागरिकों को हुए भारी नुकसान को देखते हुए आयोजकों का मानना है कि ऐसे हालात में उत्सव के दौरान हर साल होने वाले रंगारंग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करना बिल्कुल भी उचित नहीं होगा। अमोलपत्ती हिंदू धर्म समाज नामघर समिति की हाल ही में अरविंद बरुआ की अध्यक्षता में एक आम बैठक हुई थी, जिसमें सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से यह तय किया कि वे अपनी 128वीं दुर्गा पूजा को केवल पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ मनाएंगे और इस बार कार्यक्रम की सूची से सभी सांस्कृतिक आयोजनों को पूरी तरह बाहर रखेंगे।

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ऐतिहासिक समितियों का सादगी भरा कदम

ऐतिहासिक शिवसागर बरोवारी पूजा समिति ने भी इस साल बेहद कम पैमाने पर उत्सव मनाने का विकल्प चुना है। समिति ने हालिया बाढ़ में अपनी जान गंवाने वाले 100 से अधिक लोगों के सम्मान में ऐतिहासिक काली प्रसाद मेमोरियल हॉल में किसी भी तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं करने का कड़ा निर्णय लिया है। इसी तरह मंदिर रोड बंगाली पूजा समिति ने भी अपने उत्सवों को केवल पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों तक ही सीमित रखने का फैसला किया है ताकि आपदा पीड़ितों के साथ एकजुटता दिखाई जा सके।

सरकार का त्वरित सर्वे का निर्णय

इससे पहले असम सरकार ने यह स्पष्ट किया था कि दुर्गा पूजा से पहले किसी तीसरे सर्वे की कोई आवश्यकता नहीं होगी। इसके बजाय अधिकारी त्योहारी सीजन से पहले स्थिति का आकलन करने और आवश्यक कदमों की पहचान करने के लिए एक त्वरित मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरा करेंगे। सरकार का यह कदम समय पर आकलन सुनिश्चित करने और तेजी से राहत सामग्री पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है ताकि दुर्गा पूजा के जश्न से पहले किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी से बचा जा सके।

राहत कार्यों और सहायता की स्थिति

शिवसागर में बाढ़ से प्रभावित लोगों को अभी भी लगातार राहत और आवश्यक सहायता की जरूरत बनी हुई है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और यह सुनिश्चित करने में जुटा हुआ है कि जरूरतमंदों तक समय पर पर्याप्त सहायता और राहत सामग्री पहुंचाई जा सके ताकि संकट में फंसे परिवारों को कुछ राहत मिल सके।

सवाल-जवाब

शिवसागर और चराइदेव में दुर्गा पूजा क्यों सादगी से मनाई जा रही है?
हाल ही में आई भीषण बाढ़ से हुए भारी नुकसान और जान-माल की हानि के कारण इन जिलों में पूजा को सादगी से मनाया जा रहा है।
अमोलपत्ती हिंदू धर्म समाज नामघर समिति ने कौन सा निर्णय लिया है?
समिति ने अपनी 128वीं दुर्गा पूजा को केवल पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ मनाने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को रद्द करने का फैसला किया है।
शिवसागर बरोवारी पूजा समिति ने किस स्थान पर कार्यक्रम रद्द किए हैं?
समिति ने ऐतिहासिक काली प्रसाद मेमोरियल हॉल में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है।
बाढ़ में असम में कुल कितने लोगों की जान गई थी?
हालिया बाढ़ के दौरान असम में 100 से अधिक लोगों की मौत हुई है।
असम सरकार ने सर्वे को लेकर क्या निर्देश दिए हैं?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि दुर्गा पूजा से पहले तीसरे सर्वे की आवश्यकता नहीं होगी और इसके बजाय त्वरित मूल्यांकन किया जाएगा।
मंदिर रोड बंगाली पूजा समिति ने क्या फैसला किया है?
समिति ने अपने उत्सवों को केवल पारंपरिक धार्मिक observances तक सीमित रखने का निर्णय लिया है।
अमोलपत्ती समिति की बैठक की अध्यक्षता किसने की थी?
इस वार्षिक आम बैठक की अध्यक्षता अरविंद बरुआ ने की थी।
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