असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को मेघालय के शिलांग स्थित असम रेजिमेंटल सेंटर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सैनिकों को नमन किया और युद्ध स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित करके अपनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि इन बहादुर जवानों का अदम्य साहस और राष्ट्र सेवा के प्रति अटूट समर्पण आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।
सैनिकों के साथ की गई बातचीत और दिनचर्या का अवलोकन
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां तैनात सेवारत सुरक्षाकर्मियों से सीधी बातचीत की। उन्होंने सैन्य छावनी में सैनिकों के प्रशिक्षण और उनकी कठिन दिनचर्या के विभिन्न पहलुओं को बहुत करीब से देखा और समझा। इस मुलाकात के बाद उन्होंने बताया कि उन्हें भारतीय सशस्त्र बलों के अनुशासन और समर्पण को नजदीक से जानने का एक अनमोल अवसर मिला है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने एक संदेश में लिखा कि हमारे वीर जवानों की रोजमर्रा की जिंदगी अनुशासन, समर्पण और हर चुनौती का डटकर मुकाबला करने के साहस से भरी होती है। इसके अलावा उन्होंने एक अन्य पोस्ट में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर जवानों को याद करते हुए लिखा कि उनका त्याग हर नागरिक को पूरी निष्ठा के साथ भारत माता की सेवा करने के लिए प्रेरित करता रहेगा।
असम रेजिमेंट का गौरवशाली इतिहास
असम रेजिमेंट का उत्तर पूर्व क्षेत्र के साथ एक बहुत पुराना और गहरा संबंध रहा है। इस प्रतिष्ठित रेजिमेंट ने देश के कई बड़े सैन्य अभियानों और संघर्षों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राष्ट्र की रक्षा और संप्रभुता को बनाए रखने में इस इकाई का योगदान इसके गौरवशाली इतिहास और परंपराओं का एक अहम हिस्सा रहा है। मुख्यमंत्री का यह दौरा देश के लिए जान न्यौछावर करने वाले शहीदों के बलिदान को याद करने के साथ-साथ देश की सीमाओं की सुरक्षा में डटे सैनिकों के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक बड़ा माध्यम बना।





















