असम में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के शुरुआती 100 दिन पूरे होने के अवसर पर नशीले पदार्थों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में करीब 300 करोड़ रुपये का ड्रग्स नष्ट किया गया है। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को इस व्यापक अभियान की जानकारी साझा करते हुए स्पष्ट किया कि अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा निरंतर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
नलबाड़ी में समर्पित इंसिनेरेटर के जरिए ड्रग्स का निपटान
बरामद किए गए नशीले पदार्थों के जखीरे को सुरक्षित तरीके से नष्ट करने के लिए नलबाड़ी जिले में स्थित असम के पहले समर्पित नार्कोटिक्स इंसिनेरेटर का इस्तेमाल किया गया। राज्य प्रशासन के अनुसार नशीली दवाओं के नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में लगातार छापेमारी, आरोपियों की गिरफ्तारी और सप्लाई चेन को ध्वस्त करने की त्रिस्तरीय रणनीति पर काम किया जा रहा है ताकि तस्करों के पूरे तंत्र को कमजोर किया जा सके।
सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री का संदेश और कड़ा रुख
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सरकार ने 100 दिनों के कार्यकाल में 100 प्रतिशत सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। उन्होंने तस्करों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि कानून से बचने की कोशिश करने वालों के लिए राज्य में कोई जगह नहीं बची है और पुलिस हर अवैध नेटवर्क तक पहुंचकर कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
चांगसारी में मवेशी तस्करी पर बड़ी कार्रवाई
नशीली दवाओं के खिलाफ अभियान के साथ-साथ असम सरकार ने मवेशी तस्करी को रोकने के लिए भी अपने अभियान को तेज कर दिया है। इसी क्रम में चांगसारी क्षेत्र में असम पुलिस ने एक विशेष ऑपरेशन चलाकर क्रूरतापूर्वक ले जाए जा रहे 55 मवेशियों को सुरक्षित बचाया। इस पुलिस कार्रवाई के दौरान तस्करी में इस्तेमाल की जा रही 3 गाड़ियां और 3 मोबाइल फोन जब्त किए गए, जबकि घटना में शामिल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
कानून और व्यवस्था की प्राथमिकताओं पर जोर
मुख्यमंत्री सरमा ने दोहराया कि राज्य से मवेशी तस्करी की प्रथा का पूरी तरह से उन्मूलन होने तक यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। असम सरकार की वर्तमान प्राथमिकताओं में कानून और व्यवस्था को मजबूत करना, अवैध ड्रग्स के कारोबार को खत्म करना और अवैध मवेशी परिवहन को रोकना सबसे प्रमुख बिंदुओं के रूप में शामिल है।



















