रायजोर दल के अध्यक्ष और शिवसागर विधायक अखिल गोगोई ने गुरुवार को गुवाहाटी में अपना एक दिवसीय उपवास समाप्त कर दिया। उनका यह विरोध प्रदर्शन ऊपरी असम में हाल ही में आई बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए पर्याप्त राहत और मुआवजे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। इस प्रदर्शन के दौरान बाढ़ से हुई तबाही की तस्वीरों को प्रदर्शित किया गया था, ताकि स्थिति की गंभीरता को उजागर किया जा सके।
विरोध प्रदर्शन का स्थान बदला और पुलिस की भूमिका
अखिल गोगोई ने शुरुआत में दिसपुर में एक निश्चित स्थल पर बैठकर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। हालांकि, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद इस प्रदर्शन के स्थल को बदलकर गणेश मंदिर के पास स्थानांतरित कर दिया गया। यह पूरा आंदोलन रायजोर दल के उस व्यापक अभियान का हिस्सा था, जिसके जरिए बाढ़ के प्रभाव के संबंध में अधिक वित्तीय सहायता, पुनर्वास और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है।
सरकार पर नाकामी और अनदेखी का आरोप
प्रदर्शन के दौरान विधायक ने असम सरकार और केंद्र सरकार दोनों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों ही सरकारें बाढ़ से हुई भारी तबाही से निपटने में पूरी तरह विफल साबित हुई हैं। अखिल गोगोई का यह भी कहना था कि कई प्रभावित परिवारों को अब तक वादा की गई सहायता नहीं मिल पाई है, या फिर नुकसान की भरपाई के लिए उन्हें बहुत अधिक वित्तीय मदद की आवश्यकता है ताकि वे दोबारा अपने पैरों पर खड़े हो सकें।
प्रधानमंत्री और चुनावी प्राथमिकताओं पर सवाल
अखिल गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन जलप्रलय के बाद प्रधानमंत्री ने ऊपरी असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा नहीं किया और न ही दूरदराज के क्षेत्रों में जाकर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने न तो प्रभावित समुदायों के लिए किसी विशेष सहायता की घोषणा की और न ही इस आपदा पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कोई संदेश जारी किया।
राजनीतिक प्राथमिकताओं और उपचुनाव का मुद्दा
रायजोर दल के नेता ने आरोप लगाया कि राज्य के मंत्री, सत्ताधारी पार्टी के नेता और विधायक इस समय केवल आगामी नगांव लोकसभा उपचुनाव पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। दूसरी ओर, बाढ़ से प्रभावित आम परिवार सरकारी सहायता पाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
पार्टी की प्रमुख मांगें और भविष्य की चेतावनी
रायजोर दल ने सरकार के सामने कई स्पष्ट मांगें रखी हैं। पार्टी चाहती है कि बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार को तत्काल 15,000 रुपये से 25,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाए। इसके अलावा, जिन परिवारों के घर या संपत्ति पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की गई है। इसी प्रकार के मुआवजे की मांग प्रभावित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए भी की गई है।
सीबीआई जांच की मांग और आगामी आंदोलन की चेतावनी
अखिल गोगोई ने ऊपरी असम में आई बाढ़ के कारणों की गहराई से जांच करने और इसके लिए जिम्मेदारी तय करने के लिए सीबीआई जांच कराए जाने की भी मांग उठाई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने रायजोर दल द्वारा उठाई गई इन मांगों को पूरा नहीं किया, तो इस आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। पार्टी ने पहले ही यह घोषणा कर दी है कि यदि मांगें अनसुनी रह जाती हैं, तो आगामी 23 सितंबर को गुवाहाटी में एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।



















