असम की नगांव संसदीय सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव को लेकर चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव प्रक्रिया के तहत नामांकन पत्रों की औपचारिक जांच का चरण पूरा कर लिया गया है, जिसमें कुल 25 प्रत्याशियों में से 18 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र सही पाए गए हैं। एक आधिकारिक बयान के माध्यम से शुक्रवार को इस जांच प्रक्रिया के संपन्न होने और योग्य पाए गए नामों की पुष्टि की गई है। इस छंटनी के बाद चुनावी मुकाबले का प्राथमिक स्वरूप स्पष्ट हो गया है।
प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को मिली मंजूरी
जिन प्रमुख चेहरों के नामांकन पत्र जांच के बाद स्वीकार किए गए हैं, उनमें भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार देवाशीष शर्मा शामिल हैं। इसके अलावा ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल और कांग्रेस की प्रत्याशी शिबामणि बोरा के पर्चे भी वैध पाए गए हैं। प्रमुख राजनीतिक दलों के इन कद्दावर नेताओं की उम्मीदवारी पर मुहर लगने के बाद इस सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा होने की उम्मीद है। मुख्य दलों के अलावा अन्य राजनीतिक संगठनों और निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी चुनावी मैदान में ताल ठोंकी है, जिससे यह मुकाबला बहुकोणीय रूप ले चुका है।
नाम वापसी और चुनाव कार्यक्रम का पूरा ब्योरा
नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के साथ ही निर्वाचन प्रक्रिया का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा हो गया है। जो प्रत्याशी चुनाव मैदान से हटना चाहते हैं, उनके लिए अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम समय सीमा शनिवार, 19 सितंबर तय की गई है। नाम वापसी की यह अवधि समाप्त होने के बाद ही चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की अंतिम और आधिकारिक सूची सामने आएगी। तय कार्यक्रम के अनुसार, नगांव लोकसभा क्षेत्र में मतदान 6 अक्टूबर को कराया जाएगा, जबकि मतों की गिनती 9 अक्टूबर को की जाएगी।
सीट खाली होने की मुख्य पृष्ठभूमि
नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव कराने की जरूरत एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के चलते पैदा हुई थी। कांग्रेस नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने इस साल की शुरुआत में हुए असम विधानसभा चुनाव से पहले नगांव लोकसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद बोरदोलोई भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे और उन्होंने भाजपा के टिकट पर दिसपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। दिसपुर सीट पर जीत हासिल करने के बाद वे असम विधानसभा के सदस्य बन गए, जिसके कारण नगांव संसदीय क्षेत्र रिक्त घोषित हो गया था। अब इसी खाली सीट पर अपना कब्जा जमाने के लिए विभिन्न दल पूरा जोर लगा रहे हैं।





















