गुवाहाटी में असम के गर्भांग रिजर्व फॉरेस्ट की समृद्ध जैव विविधता को प्रदर्शित करने वाली एक नई चित्रात्मक ब्रोशर को गुरुवार को सार्वजनिक किया गया। इस ब्रोशर में इस क्षेत्र में पाई जाने वाली कुल 125 तितली प्रजातियों को दस्तावेज़ित किया गया है, जो इस जंगल के एक महत्वपूर्ण हॉटस्पॉट होने की पुष्टि करता है।
इस ब्रोशर का संयुक्त प्रकाशन अरण्यक और कामरूप ईस्ट फॉरेस्ट डिवीजन द्वारा किया गया है। इसे गर्भांग रिजर्व फॉरेस्ट के लोखोरा कोना में असम के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री जयंत मल्ला बरुआ द्वारा लॉन्च किया गया। इस विमोचन कार्यक्रम में गुवाहाटी के मेयर मृगेन सरनिया के साथ-साथ असम वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।
तितली प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी दस्तावेज
हाल के वर्षों में गर्भांग रिजर्व फॉरेस्ट से जुटाई गई जानकारियों के आधार पर इस ब्रोशर में 125 तितली प्रजातियों को शामिल किया गया है। यह दस्तावेज प्रकृति प्रेमियों, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, संरक्षण कार्यकर्ताओं और इस जंगल में आने वाले पर्यटकों के लिए एक सुलभ मार्गदर्शिका के रूप में काम करेगा।
प्रकाशकों के अनुसार, इस संसाधन का मुख्य उद्देश्य गर्भांग की विविध तितली संपदा के प्रति लोगों में जागरूकता और रुचि पैदा करना है, जिससे प्राकृतिक धरोहर के साथ जुड़ाव और अधिक मजबूत हो सके। गुवाहाटी के दक्षिणी छोर पर स्थित गर्भांग रिजर्व फॉरेस्ट एक ऐसा क्षेत्र है जो अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए विशेष पहचान रखता है।
व्यापक पारिस्थितिक महत्व और शोध दल
इस क्षेत्र में अब तक 270 से अधिक तितली प्रजातियों दर्ज की जा चुकी हैं, जो इसके असाधारण पारिस्थितिक महत्व और विविध प्रजातियों के आश्रय स्थल होने को रेखांकित करती हैं। इस ब्रोशर को अरण्यक के एक समर्पित दल ने तैयार किया है, जिसमें नयनज्योति मोरन, डॉ. प्रांजल कुमार दास, रुमाना माहीन और उदयन बोरठाकुर शामिल हैं। इस तरह की वैज्ञानिक जानकारियों के प्रसार से आम जनता में वन के पारिस्थितिक मूल्य के प्रति समझ बढ़ेगी और संरक्षण अभियानों को मजबूती मिलेगी।

















