गुवाहाटी में आगामी महीनों के दौरान बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराए जाने की संभावना है। इसको लेकर राज्य चुनाव आयोग ने काजलग्राम, दरंगजुली और रोवता निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूचियों को अपडेट करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। चुनाव आयोग की ओर से जारी कार्यसूची के मुताबिक, इन तीनों क्षेत्रों के लिए ड्राफ्ट मतदाता सूची सात नवंबर के दिन सार्वजनिक की जाएगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची तीस नवंबर को लाई जाएगी।
दावे और आपत्तियों की पूरी समयसीमा
मतदाताओं को अपनी आपत्तियां और दावे दर्ज कराने के लिए इक्कीस नवंबर तक का वक्त दिया गया है। आयोग की तरफ से इन सभी मामलों का निपटारा करने के लिए सत्ताइस नवंबर की तारीख तय की गई है। इस पूरी मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान को आगामी उपचुनावों से पहले एक बेहद जरूरी शुरुआती कदम माना जा रहा है। हालांकि, निर्वाचन आयोग की ओर से अभी तक इन तीनों सीटों पर वोटिंग की तारीखों का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है।
नियमों और अधिकारियों की रूपरेखा
तैयार की जा रही ये सूचियां बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद चुनाव नियम 2004 के नियम ग्यारह के मुताबिक बनाई जाएंगी। इसके लिए पहली जनवरी 2026 को पात्रता तय करने की अहर्ता तिथि बनाया गया है। दूसरी तरफ, संबंधित रिटर्निंग अधिकारी इन नियमों के नियम बारह की उपधारा एक के तहत पोलिंग बूथों की सूची को भी जारी करेंगे। इसके साथ ही आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि इन जिलों और निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव अधिकारियों, रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की सूचियों को पहले ही अधिसूचित किया जा चुका है।
किन कारणों से खाली हुईं सीटें
इन तीन निर्वाचन क्षेत्रों में उपचुनाव कराए जाने की मुख्य वजह मौजूदा प्रतिनिधियों का इस्तीफा देना और निधन होना है। काजलग्राम के एमसीएलए पनीराम ब्रह्मा ने साल 2026 के असम चुनावों के दौरान सिदली-चिरांग विधानसभा सीट पर जीत हासिल करने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। वहीं रोवता के एमसीएलए चरण बोरो ने मजबात से दोबारा चुने जाने और राज्य कैबिनेट में शामिल होने के बाद अपना पद छोड़ दिया था। इसके अलावा दरंगजुली की सीट बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद के उपसभापति और भाजपा नेता बिजित ग्वरा नारजारी के अगस्त 2026 में हुए निधन के बाद खाली हुई थी।



















