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असम में गुवाहाटी-साइरंग एक्सप्रेस से तीन बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, आरपीएफ की कार्रवाईअसम
19 अक्तू॰ 2026, 10:29 pm (34 मिनट पहले)· 0

असम में गुवाहाटी-साइरंग एक्सप्रेस से तीन बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, आरपीएफ की कार्रवाई

असम के लुमडिंग रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल ने तीन बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पश्चिम बंगाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने की बात स्वीकार की है।

असम के लुमडिंग जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ की ओर से एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। अधिकारियों ने गुवाहाटी-साइरंग एक्सप्रेस ट्रेन से तीन ऐसे व्यक्तियों को पकड़ा है जो बिना वैध दस्तावेजों के देश में रह रहे थे। यह पूरी कार्रवाई सोमवार को ट्रेन के डिब्बों की जांच के दौरान सामने आई, जिसके बाद तीनों संदिग्धों को तुरंत हिरासत में ले लिया गया।

असम में पकड़े गए संदिग्धों की पहचान

आरपीएफ की गिरफ्त में आए तीनों व्यक्तियों की पहचान बिलाल हुसैन, अमीर अली और हसन मिया के रूप में हुई है। शुरुआती दस्तावेजों और पूछताछ के आधार पर यह जानकारी सामने आई है कि ये सभी पड़ोसी देश बांग्लादेश के सुनामगंज जिले के रहने वाले हैं। इन्हें ट्रेन संख्या 15609 यानी गुवाहाटी-साइरंग एक्सप्रेस से पकड़ा गया, जहां वे सफर कर रहे थे।

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पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत में प्रवेश

आरपीएफ की शुरुआती जांच से यह संकेत मिलता है कि इन तीनों ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद सेक्टर से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार की होगी। हालांकि, उनके देश में दाखिल होने की पुख्ता तारीख और वास्तविक परिस्थितियों का अभी तक पूरी तरह से खुलासा नहीं हो सका है। पूछताछ के दौरान तीनों ने अपनी गतिविधियों के संबंध में अलग-अलग और उलझन भरे बयान दिए हैं, जिससे अधिकारियों का शक और गहरा गया है।

दलालों को पैसे देने के खुलासे

पूछताछ में अमीर अली ने अधिकारियों को बताया कि उसने सीमा पार करने के लिए किसी संदिग्ध दलाल को 3,000 से 4,000 रुपये दिए थे। उसने यह दावा भी किया कि मुर्शिदाबाद के रास्ते सीमा पार करने के बाद वह पिछले छह महीनों से कश्मीर में रह रहा था। वहीं दूसरी तरफ, हसन मिया ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को बताया कि वह लगभग दो महीनों से भारत के अंदर ही रह रहा था और उस दौरान वह बदरपुर की यात्रा कर रहा था।

उत्तर प्रदेश में मजदूरी करने का दावा

हसन मिया ने भी यह स्वीकार किया कि उसने भारत में अवैध रूप से घुसपैठ करने के लिए एक बिचौलिए को 5,000 रुपये का भुगतान किया था। इसके अलावा, शुरुआती रिपोर्ट्स में यह बात भी सामने आई है कि ये तीनों व्यक्ति उत्तर प्रदेश भी गए थे जहाँ उन्होंने कथित तौर पर दैनिक मजदूरों के रूप में काम किया था। बहरहाल, उनके द्वारा बताए गए यात्रा मार्ग और बिचौलियों को दी गई रकम के दावों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।

आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच

सुरक्षा एजेंसियों के सामने अभी भी कई सवाल अनुत्तरित हैं, जिनमें शामिल दलालों की असली पहचान और इस नेटवर्क में अन्य लोगों की संलिप्तता शामिल है। इन संदिग्धों को आगे किस जांच एजेंसी को सौंपा गया है और उनके विरुद्ध क्या कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है, इस बारे में फिलहाल विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस पूरी घटना पर रेलवे सुरक्षा बल की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी किया जाना अभी बाकी है।

सवाल-जवाब

तीनों संदिग्धों को कहाँ से हिरासत में लिया गया?
तीनों संदिग्धों को असम के लुमडिंग रेलवे स्टेशन पर गुवाहाटी-साइरंग एक्सप्रेस ट्रेन से हिरासत में लिया गया।
हिरासत में लिए गए लोगों के नाम क्या हैं?
पकड़े गए व्यक्तियों के नाम बिलाल हुसैन, अमीर अली और हसन मिया हैं।
वे भारत में किस रास्ते से दाखिल हुए थे?
शुरुआती जानकारी के अनुसार उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद क्षेत्र के जरिए भारत में प्रवेश किया था।
उन्होंने सीमा पार करने के लिए कितने पैसे दिए थे?
अमीर अली ने 3,000 से 4,000 रुपये और हसन मिया ने 5,000 रुपये दलाल को देने का दावा किया है।
इस मामले में किस एजेंसी ने कार्रवाई की है?
यह कार्रवाई रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ द्वारा की गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·7 मिनट पहले

सिर्फ तीन-चार हज़ार रुपए देकर कोई बॉर्डर पार कर ले, बात कुछ हज़म नहीं होती।

Ravikash Gupta@ravikash·7 मिनट पहले

करण भाई, बात हज़म न होने की ही तो है, लेकिन कश्मीर से लेकर यूपी तक घूमना और फिर असम पहुंच जाना... दलालों का खेल महज़ तीन-चार हज़ार में कैसे मुमकिन हुआ, यही समझ नहीं आ रहा।

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