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गुवाहाटी में दुर्गा पूजा के दौरान सड़क हादसों ने ली नौ की जान, सौ से अधिक घायलअसम
22 अक्तू॰ 2026, 4:52 pm (2 घंटे पहले)· 1

गुवाहाटी में दुर्गा पूजा के दौरान सड़क हादसों ने ली नौ की जान, सौ से अधिक घायल

गुवाहाटी में दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान हुए सड़क हादसों में नौ लोगों की मौत हो गई और 105 अन्य घायल हो गए।

गुवाहाटी में दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान सड़क हादसों में भारी जानमाल का नुकसान हुआ है, जहां 16 अक्टूबर से 21 अक्टूबर के बीच हुई दुर्घटनाओं में नौ लोगों की मौत हो गई और 105 लोग घायल हो गए।

अस्पताल के आंकड़े और घायलों की स्थिति

गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, इन छह दिनों के दौरान कुल 114 सड़क दुर्घटना पीड़ितों का इलाज किया गया, जिनमें से नौ ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया। घायलों में 67 पुरुष और 15 महिलाएं शामिल थीं, जबकि बाकी बचे मरीजों के बारे में डेटा में लिंग का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। इसके अलावा, घायलों में से लगभग 20 प्रतिशत लोगों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी और उन्हें निरंतर चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता पड़ी।

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दोपहिया वाहन बने बड़ा खतरा और पिछले साल से तुलना

त्योहार के इन दिनों में सड़कों पर भारी भीड़ और वाहनों की आवाजाही बढ़ने के कारण दोपहिया वाहनों से जुड़े हादसे काफी बड़ी संख्या में दर्ज किए गए, जो चालकों के लिए बड़े जोखिम को दर्शाते हैं। हालांकि इतनी बड़ी संख्या में हताहतों के बावजूद, पिछले साल इसी अवधि की तुलना में इस बार गुवाहाटी में सड़क हादसों की कुल संख्या में 15 प्रतिशत की गिरावट आई है।

प्रशासनिक चिंता और मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

त्योहार के समय सड़कों पर वाहनों और पर्यटकों की भारी आवाजाही के कारण शहर के मार्गों पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्यभर में दुर्गा पूजा के दौरान और उसके बाद हुई सड़क दुर्घटनाओं पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने उन हिस्सों का जिक्र किया जो दुर्घटना के लिहाज से संवेदनशील हैं, और सड़क मरम्मत के चल रहे कार्यों के साथ-साथ असुरक्षित ड्राइविंग की आदतों को ऐसे मामलों के मुख्य कारणों के रूप में रेखांकित किया जिन पर ध्यान देने की बेहद जरूरत है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ इलाकों में स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन जहां सड़कों का नवीनीकरण चल रहा है, वहां हालात अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी ऐसे दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर रहे हैं और उन्हें सुधारने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

सवाल-जवाब

गुवाहाटी में दुर्गा पूजा के दौरान सड़क हादसों में कितने लोगों की मौत हुई?
दुर्गा पूजा के दौरान गुवाहाटी में सड़क हादसों में नौ लोगों की मौत हुई।
हादसों से जुड़े आंकड़े किस अस्पताल द्वारा जारी किए गए?
ये आंकड़े गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) द्वारा जारी किए गए।
सड़क दुर्घटनाओं में कुल कितने लोग घायल हुए?
इस दौरान कुल 105 लोग घायल हुए और अस्पताल में कुल 114 पीड़ितों का इलाज किया गया।
यह आंकड़े किस समयावधि के दौरान के हैं?
यह आंकड़े 16 अक्टूबर से 21 अक्टूबर के बीच के उत्सव के दिनों के हैं।
दुर्गा पूजा के दौरान किस प्रकार के वाहनों से सबसे ज्यादा हादसे हुए?
दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं में एक बड़ा हिस्सा शामिल था।
क्या पिछले साल की तुलना में इस साल हादसों में कोई कमी आई?
पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में इस बार सड़क हादसों की कुल संख्या में 15 प्रतिशत की गिरावट आई है।
असम के मुख्यमंत्री ने हादसों के क्या कारण बताए?
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, सड़क नवीनीकरण कार्यों और असुरक्षित ड्राइविंग को मुख्य कारण बताया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·35 मिनट पहले

त्योहारों में हादसे होना सचमुच दुखद है, पर मुझे GMCH के इन आंकड़ों पर पूरा यकीन नहीं हो रहा। क्या वाकई भीड़ और सड़कों के गड्ढे ही इसकी अकेली वजह हैं, या कुछ और भी अनदेखा हो रहा है?

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 घंटे पहले

दुर्गा पूजा के दौरान सड़क हादसों में कमी आने की बात कही गई है, पर नौ मौतें और सौ से ज़्यादा घायल होना फिर भी बहुत डरावना आंकड़ा है।

Rajesh Kumar@rajesh-kumar·1 घंटे पहले

अर्जुन, बिल्कुल सही कहा आपने। ट्रैफिक भले ही 15 प्रतिशत कम हुआ हो, पर त्योहारी सीजन में नियमों की ऐसी अनदेखी और गड्ढों से भरी सड़कें हर साल ऐसे ही कई घरों के चिराग बुझा देती हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

त्योहार की खुशी मातम में बदल गई, दोपहिया वाहन चालकों को संभलकर चलना चाहिए था।

Ravikash Gupta@ravikash·1 घंटे पहले

करण, बिल्कुल सही कहा आपने; जश्न के माहौल में लापरवाही भारी पड़ गई और इतनी जानें चली गईं।

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