गुवाहाटी: बैंक ऑफ इंडिया के गुवाहाटी आंचलिक कार्यालय ने केंद्रीय सतर्कता आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सतर्कता जागरूकता अभियान 2026 के तहत पूर्वोत्तर के सातों राज्यों की तीस से अधिक शाखाओं में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों और आम जनता के बीच सुरक्षित बैंकिंग प्रथाओं को बढ़ावा देना और वित्तीय अनुशासन कायम करना था।
ग्राम सभाओं के जरिए जमीनी स्तर तक पहुंच
इन आयोजनों का संचालन मुख्य रूप से ग्राम सभा बैठकों और सामुदायिक संपर्क कार्यक्रमों के रूप में किया गया, ताकि संदेश सीधे जमीनी स्तर तक पहुंच सके। बैंक अधिकारियों ने ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों के साथ नैतिक आचरण, जिम्मेदार कर्ज लेने के तौर-तरीकों, सूझबूझ के साथ धन प्रबंधन और केवल अधिकृत बैंकिंग चैनलों का ही उपयोग करने की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की।
साइबर अपराधों से बचाव और डिजिटल सुरक्षा पर जोर
आयोजन के दौरान साइबर अपराधों से बचाव और डिजिटल वित्तीय सुरक्षा पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया गया। उपस्थित लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग लिंक, फर्जी कॉल, ओटीपी घोटालों और यूपीआई घोटालों के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें अपने गोपनीय बैंकिंग विवरण साझा करने के खतरों से आगाह किया गया और डिजिटल लेनदेन करते समय पूरी तरह सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की सलाह दी गई।
सामूहिक जिम्मेदारी और वित्तीय स्थिरता का संदेश
इन सत्रों में लोगों को धोखाधड़ी वाली वित्तीय योजनाओं से दूर रहने की चेतावनी दी गई और जिम्मेदार वित्तीय आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। बैंक अधिकारियों ने कहा कि तीस से अधिक शाखाओं की इस व्यापक भागीदारी से यह स्पष्ट होता है कि वे सतर्कता जागरूकता को अपने कार्यालयों तक सीमित न रखकर पूरे क्षेत्र में अखंडता और वित्तीय जागरूकता की संस्कृति विकसित करना चाहते हैं। अभियान का मूल संदेश यही है कि सतर्कता एक सामूहिक जिम्मेदारी है और सार्वजनिक विश्वास तथा टिकाऊ समृद्धि के लिए ईमानदारी व सत्यनिष्ठा अत्यंत आवश्यक हैं।



















