राजस्थान के बाड़मेर जिले से एक बहुत ही दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण एक ही परिवार के दो लोगों और चौदह मवेशियों की जान चली गई। यह हृदयविदारक हादसा नागाणा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खीपसर गांव की जांदूओं की ढाणी में हुआ। यहाँ खेतों के बिल्कुल ऊपर से गुजर रही एक ग्यारह हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली की लाइन अचानक टूटकर नीचे पशुओं के बाड़े पर आ गिरी। इस भयानक हादसे ने पूरे इलाके में मातम पसर दिया है और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
पशु बाड़े पर टूटा काल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खीपसर गांव की जांदूओं की ढाणी में स्थित पशु बाड़े पर जब हाईटेंशन लाइन का तार गिरा, तो उस समय वहाँ कई मवेशी बंधे हुए थे। तार से प्रवाहित हो रहे तेज करंट की चपेट में आने से मौके पर ही चौदह मवेशियों की दर्दनाक मौत हो गई। अपने पशुओं की चीख-पुकार और उन्हें इस तरह करंट की गिरफ्त में फंसा देखकर खेत के मालिक रावताराम और उनकी पत्नी वीरोंदेवी खुद को रोक नहीं पाए और तुरंत अपने मवेशियों की जान बचाने के लिए दौड़ पड़े। लेकिन उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि मौत उनके भी करीब आ चुकी है।
पति-पत्नी की मौके पर ही मौत
अपने पशुओं को बचाने की कोशिश के दौरान खेत मालिक रावताराम (45) और उनकी पत्नी वीरोंदेवी (41) भी उसी खुले करंट की चपेट में आ गए। बिजली का झटका इतना तीव्र और शक्तिशाली था कि दोनों पति-पत्नी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और घटनास्थल पर ही दोनों की मौत हो गई। एक ही परिवार में पति और पत्नी दोनों की इस तरह अचानक और अकाल मृत्यु हो जाने से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में इस घटना के बाद शोक की लहर दौड़ गई है।
विद्युत विभाग पर बरसे ग्रामीण
इस दिल दहला देने वाले हादसे के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह बिजली आपूर्ति बंद करवाई। घटना से भड़के और आक्रोशित ग्रामीणों तथा परिजनों ने सीधे तौर पर बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। लोगों का कहना है कि बिजली वितरण और रख-रखाव की व्यवस्था पूरी तरह से लचर है और जरूरत पड़ने पर ग्रिड सब-स्टेशन पर कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं रहता है। दंपति की दुखद मौत और बड़ी संख्या में मवेशियों के नुकसान से गुस्साए लोग मौके पर ही धरने पर बैठ गए और जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रशासन का समझाने का प्रयास जारी
नाराज ग्रामीणों ने अपनी मांगें पूरी होने तक शवों को उठाने से साफ इनकार कर दिया, जिसके चलते घटनास्थल पर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। घटना की सूचना मिलते ही नागाणा थाना पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर जा पहुंचा। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों और मृत दंपति के परिजनों से लंबी बातचीत की और उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। ग्रामीण विद्युत विभाग के दोषी कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग पर अड़े हुए हैं। प्रशासन लगातार स्थिति को संभालने और ग्रामीणों को मनाने का प्रयास कर रहा है।

















