असम में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अगुवाई में राज्य के युवाओं के लिए खेल कार्यक्रम को नए सिरे से तैयार किया गया, साथ ही सरकारी कर्मचारियों, भूतपूर्व सैनिकों और छात्रों के लिए कई राहत भरे फैसले लिए गए। इसके अलावा प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर नया शुल्क लगाने की तैयारी भी शुरू हो गई है।
नए रूप में लौटेगा खेल महारण
कैबिनेट ने खेल महारण के तीसरे संस्करण को मंजूरी दे दी है, जिसे इस बार दो अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है। यह टूर्नामेंट 7 नवंबर से शुरू होगा और इसके दो हिस्से होंगे, शैशव क्रीड़ा समारोह जो 12 साल से कम उम्र के खिलाड़ियों के लिए है, और मुख्य खेल महारण जो 12 साल से ऊपर के खिलाड़ियों के लिए आयोजित होगा।
300 युवा खिलाड़ियों की तलाश
शैशव क्रीड़ा समारोह सिर्फ एक प्रतियोगिता भर नहीं है, बल्कि इसके जरिए प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान भी की जाएगी। इस आयोजन से 300 आशाजनक खिलाड़ियों को चुना जाएगा, जिन्हें इसके बाद व्यवस्थित प्रशिक्षण और जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी ताकि वे आगे चलकर खेलों में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। दोनों आयोजनों को मिलाकर कुल आठ खेलों में मुकाबले होंगे, एथलेटिक्स, योगासन, शतरंज, मुक्केबाजी, एक्वाथलॉन, फुटबॉल, वॉलीबॉल और तैराकी।
सचिवालय में अब जल्दी मिलेगा प्रमोशन
खेल से अलग हटकर कैबिनेट ने असम सचिवालय में कंप्यूटर ऑपरेटर से जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट पद पर पदोन्नति के लिए जरूरी सेवा अवधि में भी राहत दी है। अब इसके लिए चार साल के बजाय सिर्फ तीन साल की सेवा ही काफी होगी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि यह फैसला पदोन्नति की प्रक्रिया को तेज करने और योग्य कर्मचारियों को समय से पहले करियर में आगे बढ़ने का मौका देने के मकसद से लिया गया है।
भूतपूर्व सैनिकों को सरकारी नौकरी में ज्यादा मौका
राज्य सरकार की नौकरियों में आने की कोशिश कर रहे भूतपूर्व सैनिकों को भी राहत मिली है। ग्रेड थ्री और ग्रेड फोर पदों के लिए भूतपूर्व सैनिकों की अधिकतम उम्र सीमा को 42 साल से बढ़ाकर 45 साल कर दिया गया है, जिससे उन्हें आवेदन करने के लिए ज्यादा समय मिलेगा।
नौवीं के छात्रों को मुफ्त साइकिल
शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कैबिनेट ने नौवीं कक्षा के छात्रों को मुफ्त साइकिल बांटने के लिए 109.38 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, ताकि उन्हें स्कूल आने-जाने में आसानी हो।
प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर हरित शुल्क
कैबिनेट ने असम ग्रीन सेस पॉलिसी, 2026 के मसौदे को भी मंजूरी दे दी है, जिसके तहत पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील माने गए क्षेत्रों पर शुल्क लगाया जाएगा। इस सूची में पत्थर तोड़ने वाली इकाइयां, ईंट भट्ठे और आयातित लकड़ी जैसे क्षेत्र शामिल हैं, हालांकि नीति में इसके अलावा भी कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है।





















