असम के गोलपाड़ा जिले में रविवार तड़के एक जंगली हाथी के हमले में पुलिस बटालियन कैंप के भीतर तैनात कांस्टेबल अमजद अली की मौत हो गई।
कैंप के रास्ते में अचानक सामना
यह हादसा गोलपाड़ा के डकुरभिटा इलाके में स्थित 17वीं असम पुलिस बटालियन के कैंप में हुआ। बताया जा रहा है कि अमजद अली अपनी ड्यूटी वाली जगह की तरफ लौट रहे थे, तभी उनका सामना एक अकेले घूम रहे जंगली हाथी से हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हाथी ने पहले उन्हें सूंड से पकड़ा और फिर जमीन पर पटककर कुचल दिया।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही टूट गई सांसें
हमले में अमजद अली बुरी तरह घायल हो गए और मौके पर ही बेहोश हो गए। साथी जवान उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गोलपाड़ा में इंसान और हाथी के बीच पुराना टकराव
इस घटना ने गोलपाड़ा में इंसानों और जंगली हाथियों के बीच लंबे समय से चले आ रहे टकराव को फिर से चर्चा में ला दिया है। इस जिले में पहले भी हाथियों के आबादी और सरकारी कैंपों के आसपास पहुंचने से लोग घायल हुए हैं और कई बार जान भी जा चुकी है। जंगल से सटे इलाकों में तैनात पुलिसकर्मियों और आम लोगों के लिए अकेले घूमते हाथियों से टकराव होना अब एक बार-बार होने वाला खतरा बनता जा रहा है।
अब भी नहीं मिला हर सवाल का जवाब
प्रशासन की तरफ से अभी यह साफ नहीं किया गया है कि हाथी बटालियन कैंप के अंदर कैसे घुसा या उस रात जानवर इतना आक्रामक क्यों हो गया। वन विभाग की तरफ से भी अब तक यह नहीं बताया गया है कि आगे इस कैंप या गोलपाड़ा के दूसरे इलाकों में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।


















