असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक महिला की फरियाद सुनते ही पुलिस को कड़े तेवर दिखाते हुए उसके पति को उसी रात गिरफ्तार करने का आदेश दे दिया. महिला का आरोप था कि उसके पति ने दूसरी महिला से शादी रचा ली है और अब उसे धमकाकर तलाक देने पर मजबूर कर रहा है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी खुद असम पुलिस में तैनात है, यानी कानून की रक्षा करने वाला ही कानून तोड़ने के आरोप में घिर गया.
मुख्यमंत्री ने मौके पर ही दिया सख्त निर्देश
शिकायत को हल्के में लेने के बजाय मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पुलिस अधिकारियों को तुरंत स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया, “उसे गिरफ्तार करो. उसे आज रात ही पकड़ो.” इस एक वाक्य ने साफ कर दिया कि सरकार अब बहुविवाह जैसे मामलों में किसी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है.
बहुविवाह पर पहले से सख्त हो रही असम सरकार
यह घटना ऐसे वक्त सामने आई है जब कुछ ही समय पहले असम विधानसभा के बजट सत्र में बहुविवाह करने वाले पुरुषों पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव चर्चा में था. इसी प्रस्ताव में यह भी सुझाव दिया गया था कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी बहुविवाह में शामिल पाया जाए तो उसे सीधे नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाए. मौजूदा मामला इसी नीति की पहली बड़ी परीक्षा माना जा रहा है, क्योंकि आरोपी खुद सरकारी नौकरी यानी पुलिस विभाग में है.
राज्य सरकार लंबे समय से यह कहती आई है कि बहुविवाह जैसी प्रथाओं पर लगाम लगाने के लिए सख्त कानून और प्रशासनिक सुधार जरूरी हैं. सरकार का तर्क है कि जब तक कड़े कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक ऐसी शिकायतें कम नहीं होंगी. सूत्रों के अनुसार महिला की शिकायत पर जांच शुरू कर दी गई है और पुलिस अब आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है.
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में तेज हुई चर्चा
मुख्यमंत्री के इस सख्त रुख के बाद यह मामला राज्य की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है. कई लोग इसे महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए उठाया गया ठोस कदम बता रहे हैं. असम सरकार के हालिया तेवर से यह भी संकेत मिलता है कि बहुविवाह और महिलाओं से जुड़े अधिकारों के मामलों में अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, चाहे आरोपी आम नागरिक हो या खुद सरकारी महकमे का कर्मचारी.




















